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नाखूनों का कमजोर-पीला होना है अंदरूनी बीमारियों का संकेत, पढ़ें पूरी खबर

नाखूनों का कमजोर-पीला होना है अंदरूनी बीमारियों का संकेत, पढ़ें पूरी खबर

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हम जितना ध्यान अपने हाथों का रखते हैं उतना ही ध्यान नाखूनों का भी रखना चाहिए नहीं तो ये बेजान हो जाते हैं और टूटने लगते हैं। नाखूनों (Nails) में बढ़ता पीलापन और उनका जल्दी टूटना सिर्फ देखभाल की कमी के कारण नहीं होता है बल्कि कमजोर और पीले नाखून शरीर के अंदरूनी हिस्सों में पनप रही बीमारियों का संकेत भी हैं। यदि आप हेल्दी और खूबसूरत नाखूनों की चाहत रखते हैं तो आपको अपनी डायट में कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, विटमिन-बी 12 और विटमिन-डी की उपलब्धता को सुनिश्चित करना होगा। यानी आपको ऐसे भोज्य पदार्थों का सेवन करना होगा, जिससे आपके शरीर में ये सभी पोषक तत्व (Nutrients) पर्याप्त मात्रा में जाते रहें। यदि आपके शरीर में कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, विटमिन-बी 12 और विटमिन-डी में से किसी एक भी तत्व की बहुत अधिक कमी हो जाती है तो इसका सीधा असर आपके नाखूनों की सेहत पर पड़ता है। ऐसे में आपके नाखून कमजोर होकर टूटने लगते हैं। नाखूनों के कमजोर होने और टूटने के कई कारण हो सकते हैं जिनके बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं …


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खून की कमी होना -जिन लोगों के शरीर में खून की कमी होती है या वे किसी तरह की कार्डियोवस्कुलर डिजीज का सामना कर रहे होते हैं, ऐसे लोगों के शरीर में रक्त का प्रवाह सुचारू रूप से नहीं हो पाता है। इस कारण भी नाखून बदरंग और कमजोर होने लगते हैं और जल्दी-जल्दी टूटने लगते हैं।

लिवर की खराबी के कारण – नाखूनों का कमजोर होना, पीला होना और जल्दी-जल्दी या हल्के से दबाव से टूट जाना इस बात का संकेत होता है कि आपका लिवर ठीक तरीके से काम नहीं कर रहा है। किसी संक्रमण में कार्यप्रणाली में आई किसी तरह की बाधा, जैसे सूजन या घाव के कारण इस तरह की समस्या हो सकती है।

 

हाइपोथायरॉइडिज़म – हाइपोथायरॉइडिज़म वह स्थिति होती है, जब किसी व्यक्ति के शरीर में थायरॉइड हॉर्मोन का उत्पादन शरीर की आवश्यकता से कम होने लगता है। यह समस्या मुख्य रूप से महिलाओं में देखने को मिलती है। इस कारण हाइपोथायरॉइडिज़म के चलते महिलाओं में ही नाखून कमजोर होने और जल्दी टूटने की समस्या देखी जाती है। हालांकि अब पुरुष भी हॉर्मोन जनित इस रोग की चपेट में आने लगे हैं।

नेल सोरायसिस की समस्या – जिन लोगों के शरीर की हड्डियां कमजोर होती हैं, उन्हें गठिया का रोग आसानी से अपनी चपेट में ले लेता है। गठिया कई प्रकार का होता है और इसी में एक प्रकार है सोरायटिक अर्थराइटिस। इस बीमारी से ग्रसित व्यक्ति सोरायसिस और अर्थराटिस दोनों बीमारियों का एक साथ सामना करता है। सोरायटिक अर्थराइटिस को नेल सोरायसिस भी कहा जाता है क्योंकि इस बीमारी में मरीज के नाखूनों के नीचे की त्वचा में संक्रमण फैलने लगता है। इससे त्वचा काली हो जाती है और उसकी कोशिकाएं संक्रमित होकर मरने लगती हैं। इससे नाखून कमजोर हो जाते हैं, उनकी परतें उतरने लगती हैं। इससे जल्दी-जल्दी नाखून टूटने की समस्या होती है।

ये है इस बीमारी का इलाज –

नाखून टूटने की समस्या का कारण क्या है, इस बात को ध्यान में रखते हुए इस बीमारी का इलाज किया जाता है क्योंकि लिवर, स्किन, अर्थराइटिस इत्यादि के लिए अलग-अलग दवाएं होती हैं। इसलिए अगर आपको नाखूनों से संबंधित इस तरह की समस्या हो रही हो तो तुरंत डॉक्टर से अपनी जांच कराएं।

अच्छी और पोषक तत्वों से भरपूर डायट का सेवन करें। यदि आपके भोजन के माध्यम से आपके शरीर को हर दिन जरूरी पोषक तत्वों की प्राप्ति होती रहती है तो किसी भी तरह का रोग आपके शरीर पर आसानी से हावी नहीं हो पाता है।

पोषक तत्वों के संतुलन से आपके नाखून भी स्वस्थ रहते हैं और सुंदर बनते हैं। नाखूनों की मजबूती और उनकी चमक इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस तरह का भोजन ग्रहण कर रहे हैं। साथ ही नाखूनों की सफाई का कितना ध्यान रखते हैं।

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