प्राचीन काल के शस्त्रों में धनुष
सबसे प्रमुख था। भगवान राम बड़े
धनुर्धारी थे। यजुर्वेद के उपवेद 'धनुर्वेद'
में तब के शक्तिशाली धनुषों के बारे में
बताया गया है।
धनुर्वेद उपवेद में भगवान श्रीरामके धनुष का भी विस्तार से वर्णनमिलता है।
श्रीराम के धनुष का नाम 'कोदण्ड'था। कोदण्ड धनुष लगभग पांच हाथलंबा था।
बांस से बने कोदण्ड धनुष सेछोड़ा गया बाण लक्ष्य पर अचूकवार करता था।
भगवान श्रीराम ने इस धनुषका इस्तेमाल बड़ी विषमपरिस्थितियों में किया।
कहा जाता है कि इस धनुषको धारण करने का सामर्थ्यसिर्फ श्री राम में था।
'कोदण्ड धनुष' के ही नामपर प्रभु श्रीराम को 'कोदण्डराम' भी कहा जाता है।