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इस गांव में क्यों बचे हैं सिर्फ 8 मर्द , जानिए इसकी वजह !

3 वर्षों में 143 लोगों की हो चुकी है मौत

इस गांव में क्यों बचे हैं सिर्फ 8 मर्द , जानिए इसकी वजह !

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नई दिल्ली। देश में एक गांव ऐसा भी है जहां पर सिर्फ 8 मर्द ही बचे हैं। इस गांव में लोगों की संख्या 150 से 200 से के बीच है। पिछले तीन वर्षों के दौरान इस गांव में 143 मर्दों की मौत हो चुकी है। मौत की वजह जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे। राजस्थान के सिरोही जिले के पिंडवाड़ा तहसील के अंतर्गत आने वाले कोजरा ग्राम पंचायत के राणमीधरा गांव की है। पिंडवाड़ा क्षेत्र में पिछले 3 वर्षों में सिलिकोसिस से 143 लोगों की मौत हो गई है और यहां करीब 1500 से अधिक लोग सिलिकोसिस से पीड़ित हैं।

30 की उम्र में ही हो जाती है मौत

सिलिकोसिस के कारण इस गांव में युवाओं की 30 की उम्र में ही मौत हो जाती है। इसके पीछे का कारण उनका रोजगार है। घड़ाई का काम करते हैं और जागरूकता की कमी के कारण गांव में अब गिनती के 8 मर्द ही बचे हैं। यहां की महिलाएं अपना सुहाग खो चुकी हैं। जब इस गांव की जानकारी जी मीडिया को मिली तो जी मीडिया की टीम यहां की वास्तविकता जानने के लिए पहुंची। इस गांव की वास्तविकता के बारे में पता चला तो टीम के भी रोंगटे खड़े हो गए। इस गांव में मर्दों से अधिक विधवाओं की संख्या है और जो मर्द हैं, उनमें से भी कई बीमार है। यहां गांव में अनेक विधवाओं ने बताया कि उनके पति की जिंदगी सिलिकोसिस के कारण चली गई, अब परिवार में कमाने वाला कोई नहीं है।

सुध लेने वाला कोई नहीं

यह गांव दो ग्राम पंचायत कोजरा और नांदिया के सीमा पर है। इसके कारण सार संभाल करने वाला कोई नहीं है। यहां ग्रामीणों ने बताया कि उनकी सुध लेने वाला कोई भी नहीं है और न ही उनकों कोई सरकारी सहायता प्राप्त हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां विद्यालय नहीं होने के कारण करीब 6 किलोमीटर दूर बच्चों को नांदिया या शिवगढ़ स्कूल जाना पड़ता है। सिलिकोसिस को लेकर एक ओर चैकाने वाली बात सामने आई है कि सिलिकोसिस से पिछले 3 वर्षो में अब 143 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 1500 से अधिक लोग सिलिकोसिस की चपेट मे हैं।

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