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सर्दियों में बुजुर्ग… जरा एहतियात बरतें

सर्दियों में बुजुर्ग… जरा एहतियात बरतें

सर्दियों के मौसम में बुजुर्गों को स्वास्थ्य संबंधी समस्या कुछ ज्यादा ही सताती हैं लेकिन कुछ सजगता बरतकर सर्दियों में होने वाली इन समस्याओं का निवारण किया जा सकता है। बुजुर्गो को इस मौसम में ह्रदय से संबंधित रोग, हार्ट अटैक, हर्निया, दम फूलना, गले व कान का दर्द अधिक सताता है। जानिए इस मौसम में बुजुर्ग अपनी देखभाल कैसे करें…

सर्दियों में रक्तवाहिनियां सिकुड़ जाती हैं। इसका असर हृदय को खून पहुंचाने वाली धमनी पर भी पड़ता है। इसलिए हृदय रोगियों को हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए ज्यादा ठंडे माहौल में जाने से बचना चाहिए। यदि ठंड में बाहर निकलें तो अच्छी तरह से ऊनी वस्त्र पहनकर और सिर में भी टोपी आदि लगाकर निकलें।

मौसम का असर कान पर भी पड़ता है। सर्दी की शुरुआत में अकसर इसका पता नहीं चलता। इसके प्रमुख लक्षणों में बुखार होना और कान में तेज दर्द होना प्रमुख है। इस दौरान गले का संक्रमण बहुत अधिक बढ़ जाता है। सूखी ठंड में यह ज्यादा परेशान करता है। यह वायरस के कारण होता है, जो आमतौर पर 6-7 दिनों में ठीक हो जाता है। लेकिन इतने समय में ठीक न हो तो यह बैक्टीरियल संक्रमण का रूप ले लेता है। ऐसे में समस्या पर विशेष नजर रखनी होती है, ताकि यह गंभीर रूप धारण न कर ले।शुरुआती संक्रमण में गर्म पानी के गरारे करने से यह ठीक हो जाता है। कई बार एंटीबायोटिक दवा लेनी पड़ती है।

तापमान में गिरावट, कोहरा, प्रदूषण या वायरल संक्रमण के कारण सर्दियों में सांस की समस्याएं ज्यादा होती हैं। इन समस्याओं में दमा प्रमुख है। इसमें सांस फूलने, सांस से सांय सांय की आवाज आने, पीला या सफेद बलगमआने, खांसी बढ़ जाने और रात को सो न पाने जैसे लक्षण दिखते हैं। दमा रोगी सर्दी की शुरुआत में डॉक्टर के पास जाकर अपनी दवा की मात्रा नए सिरे से निश्चित करवा लें। हो सकता है मौसम में बदलाव के साथ दवा की डोज बढ़ानी पड़े। गर्म कपड़े पहनें और सिर व कान को जरूर ढक कर रखें। दवाएं नियमित रूप से लें। खाने में हल्दी, अदरक, तुलसी, काली मिर्च, केसर आदि का प्रयोग करें।

भारत की ठंड में अक्सर वातदोष से प्रभावित लोग जोड़ों के दर्द की शिकायत करते हैं। आर्थराइटिस होने पर भी ठंड में जोड़ अकड़े और तकलीफदेह महसूस होते हैं हालांकि मौसम का जोड़ों पर असर साफ नहीं है। कई लोग इस मौसम में तनाव, अवसाद या मायूसी अनुभव करते हैं जिससे तकलीफ बढ़ी हुई महसूस होती है। कई और बीमारियां भी आपको इसी वजह से बढ़ी हुई महसूस होती है। रोजाना कसरत करना इंसान के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर सकरात्मक प्रभाव डालता है। ठंड के लिए अपना एक चार्ट तैयार करें और इसका पूरी निष्ठा से पालन करें।

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