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अब विशेषज्ञों की मदद से एकबार फिर होगी भुतनाथ ब्रिज मामले की जांच

अब विशेषज्ञों की मदद से एकबार फिर होगी भुतनाथ ब्रिज मामले की जांच

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कुल्लू । भुतनाथ बैली ब्रिज ( Bhootnath Bridge) में दरार आने और झुकने का कारण जांच कमेटी तीन माह के बाद भी नहीं खोज पाई है। अब इस मामले में की फिर से जांच होगी। मांत्र पांच वर्षों में इस पुल के क्षतिग्रस्त होने पर डीसी ( DC) ने मैजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए थे परंतु वह जांच की अधूरी रिपोर्ट आने पर इसकी अब फिर से जांच की जाएगी। भुतनाथ बैली ब्रिज पर पिछले 5 माह से ट्रैफिक के लिए बंद किया गया है। ब्यास नदी पर डबल लेन भूतनाथ ब्रिज में दरार आने और झुकने का कारण की जांच कमेटी ने स्टेटस रिपोर्ट( Status report) जिला मैजिस्ट्रेट को सौंप दी थी लेकिन इस रिपोर्ट में कारणों का पूरी तरह से खुलासा नहीं हो पाया है। लिहाजा, डीसी ने इसे अधूरा मानकर फिर से पूरी जांच करने के निर्देश जारी किए हैं। कमेटी अब जांच के लिए देश के बडे़ विशेषज्ञ ( experts)का सहारा लेगी।अब एक बार फिर मैजिस्ट्रेट जांच देश के किसी बडे़ विशेषज्ञ की निगरानी में होगी।

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एडीएम कुल्लू अक्षय कुमार सूद के नेतृत्व वाली मैजिस्ट्रेट जांच कमेटी ने तीन महीने से अधिक समय तक इस ब्रिज की जांच की।लेकिन वो कारण तलाश नहीं कर पाई, जिसके चलते पुल में दरारें आईं थी। जिला मैजिस्ट्रेट ने इस जांच को फिर से पूरे तथ्य के साथ प्रस्तुत करने को कहा है। जिसके लिए उन्होंने बडे़ विशेषज्ञ का सहारा लेने के भी निर्देश दिए है ताकि जांच में तथ्य सामने आ सके। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अपनी अलग ही आधुनिक तकनीक से इस ब्रिज को तैयार करने में विभाग और कंट्रैक्टर ( contractor)ने आठ साल लगा दिए थे। पुल का शिलान्यास 11 मई, 2005 को हुआ था और काफी लंबे समय के बाद इसका 19 अक्तूबर, 2013 को उद्घाटन किया था। इस ब्रिज को करीब पांच साल इस्तेमाल किया गया लेकिन उसके बाद पांच साल की अल्पावधि में इसमें दरारे पड़ गई और बीच का हिस्सा झुक गया जो निश्चित तौर पर निर्माण पर अंगुलियां उठा रहा है। अब तक की जांच में सामने आया है कि लोक निर्माण विभाग के द्वारा भुतनाथ पुल को लेकर डिजाइन व सैंपल चैकिंग का रिकॉर्ड भी अधुरा है, जिससे बैली ब्रिज के निर्माण के लिए बनाया एस्टीमैट व कागजो में किया खर्च मैच नहीं हो रहा है ऐसे में सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और इस पुल निर्माण में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों व ठेकेदारी की लापरवाही के लिए कार्रवाई की तलवार लटक रही है ।

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डीसी कुल्लू यूनुस ने बताया कि डबल भुतनाथ बैली ब्रिज को लेकर मैजिस्ट्रेट जांच की रिपोर्ट आई थी और इसमें कुछ तत्थों पर अभी जांच नहीं हुई है जिससे जांच कमेटी को फिर से सभी तत्थों पर जांच के आदेश दिए है। उन्होंने कहाकि जांच कमेटी को कुछ पहलुओं पर जाच कर विशेषज्ञों की राय ले और इस जांच रिपोर्ट को जल्दी सौंपे । ताकि इस मामले में आगामी एक्शन लिया जा सके।


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