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स्कॉलरशिप घोटाला: सीबीआई जांच में खुलासा, बिना मोबाइल और आधार के जारी की राशि

स्कॉलरशिप घोटाला: सीबीआई जांच में खुलासा, बिना मोबाइल और आधार के जारी की राशि

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शिमला। 250 करोड़ से अधिक के बहुचर्चित स्कॉलरशिप घोटाले (Scholarship scam) में सीबीआई जांच में इस मामले की परतें खुलने लगी हैं। जांच में सामने आया है कि बिना मोबाइल नंबर और आधार नंबर के ही करोड़ों रुपये छात्रवृत्ति के रूप में बांटे गए। वर्ष 2014-15 में प्री मेट्रिक में 4970350 रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान की गई, जिसमें कि 2095 आवेदनों में एक ही मोबाइल को एक से अधिक बार प्रयोग किया गया, जबकि 500 आवेदनों में आधार संख्या तक अंकित नहीं की गई। इसी तरह 16 से ज्यादा आवेदनों में एक ही बैंक खाते को एक से अधिक बार प्रयोग किया गया। इसी तरह से 2014-15 में पोस्ट मेट्रिक में 726306542 रुपए की छात्रवृत्ति जारी की गई। इसमें 5917 आवेदनों में एक से अधिक बार एक ही मोबाइल नंबर का प्रयोग किया गया, जबकि 1164 आवेदनों में आधार संख्या भी अंकित नहीं की गई। इसी तरह 96 से ज्यादा आवेदनों में एक ही बैंक खाते को एक से अधिक बार प्रयोग किया गया।


वर्ष 2015-16 में प्री मेट्रिक में 16043000 रुपए की छात्रवृत्ति दी गई। इसमें भी 1064 आवेदनों पर एक ही मोबाइल नंबर है। जबकि 167 आवेदनों में आधार नंबर भी अंकित नहीं किए गए और 16 से ज्यादा आवेदनों में एक ही बैंक खाते का प्रयोग किया गया। इसी तरह पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति में 7125440038 रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। 3171 आवेदनों को एक ही मोबाइल नंबर का प्रयोग किया गया। 624 आवेदनों में आधार नंबर नहीं अंकित किए। इसी तरह 17 से ज्यादा आवेदनों को छात्रवृत्ति देने के लिए एक ही बैंक खाता का प्रयोग किया गया। 2016-17 में प्री मेट्रिक में 60018750 रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इस वर्ष 26 आवेदनों को एक ही मोबाइल न बर और 20 आवेदनों को बिना आधार के दो से ज्यादा आवेदनों को एक ही बैंक खाते का प्रयोग किया गया। इसी तरह पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति में 595817594 रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। सीबीआई जांच में सामने आया है कि कुछ निजी संस्थानों ने विद्यार्थियों के बैंक खाते संस्थान के आसपास ही खुलवा लिए। इसमें कुछ खाते चंडीगढ़ और हरियाणा के बैंक में है, जो कि संदेह के दायरे में हैं। सीबीआई जल्द ही इस मामले में शिक्षण संस्थानों से एकत्रित किए हुए दस्तावेजों को खंगालने के बाद पहले पूछताछ फिर गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू कर सकती है।

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