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जानें क्या है खतरनाक रोग सिफलिस और इसके लक्षण

ईलाज न करने पर हो सकता है सरवाइकल कैंसर

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सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज सिफलिस को लेकर दुनिया में महिलाओं को ज्यादा जानकारी नहीं है, जिसके कारण इनका संक्रमण फैलता जा रहा है। अगर एसटीडी रोगों में समय पर सावधानी न बरती जाए तो ये रोग सरवाइकल कैंसर और कई गंभीर बीमारियों में बदल सकता है। इसलिए आज हम आपको जानकारी देने जा रहे हैं कि महिलाएं किस तरह सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज सिफलिस के लक्षणों का पता लगा सकती हैं…

 

सिफलिस एक जानलेवा एसटीडी डिजीज है जो असुरक्षित शारीरिक संबंध बनाने से फैलता है। ऐसे में पहले से किसी एसटीडी से ग्रसित पार्टनर के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाने से ये रोग महिलाओं तक पहुंच सकता है। सिफलिस को नजरअंदाज करने से यह किसी गंभीर समस्या को न्यौता दे सकता है। आपको इन रोगों के लक्षणों के बारे में जानकारी होना जरूरी है। आइये जानते हैं एसटीडी सिफलिस के लक्षणों के बारे में….

एसटीडी रोग के लक्षण दिखना तीन चरणों में शुरू होते हैं

प्राइमरी सिफलिस: इसमें आपको अपने शरीर पर कुछ घाव दिखेंगे। यह घाव दाग की तरह दिखने लगते हैं। इन घावों बनने का कारण शरीर में बैक्टीरिया का शरीर में घुसना होता है। लेकिन किसी किसी को इस तरह के घाव आपको सिफलिस से ग्रसित होने के कम से कम 3 हफ्ते बाद दिखने शुरू होते हैं। यह घाव 3-6 हफ्ते बाद ठीक हो जाते हैं।

 

लेटेंट सिफलिस: जब आप पहली स्टेज में दिखे लक्षणों लक्षणों को नजरअंदाज करते हैं तो थोड़े समय बाद फिर से इन घावों का शरीर में आना शुरू हो जाता है।

टेरशरी सिफलिस: यह सिफलिस की आखिरी स्टेज होती है। अगर आप इतने समय में इसका इलाज नहीं कराते हैं, तो आपको बुखार, गले में खराश और लिम्फ नोड्स में सूजन हो सकती है। इसके अलावा लंबे समय तक कमजोरी और बेचैनी भी हो सकती है।

 

बालों का झड़ना- इसके दूसरे चरण में आपके बाल झड़ सकते हैं। सिर्फ सिर से नहीं बल्कि इस चरण में आपके आइब्रो और पलकों के बाल भी झड़ सकते हैं

 

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