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अपने परिवार का महत्व तो समझें

अपने परिवार का महत्व तो समझें

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world family day: प्राणी जगत में परिवार सबसे छोटी इकाई है। यह सामाजिक संगठन की मौलिक इकाई भी है । परिवार के अभाव में मानव समाज के संचालन की कल्पना तक नहीं की जा सकती। हमारी संस्कृति ने लगातार अपने अंदर परिवर्तन किए हैं दूसरी संस्कृतियों को भी ग्रहण किया इसके बावजूद परिवार संस्था के अस्तित्व पर कोई आंच नहीं आई। परिवार की महत्ता को समझते हुए 1994 में संयुक्त राष्ट्र ने उस वर्ष को परिवार वर्ष घोषित किया । खूबसूरती यह है कि इसके लिए जिस प्रतीक को चुना गया है, उसमें एक गोल घेरे के बीच एक दिल और एक घर अंकित किया गया है। इसका अर्थ है कि किसी भी समाज का केंद्र उसका परिवार होता है ।

world family dayworld family day: रिश्तों की मजबूत डोर से बनता है परिवार

इस दिवस का केंद्रीय विषय लैंगिक समता,बाल अधिकार और ऐसे मुद्दों पर जागरूकता अपनाना जिनका संबंध परिवार से है। भारत गांवों का देश है …परिवारों का देश है  यही कारण है कि हम विश्व की सबसे बड़ी जनसंख्या वाले राष्ट्र के रूप में उभर चुके हैं। पर जो एक अलग सच है वह ,यह कि कुछ लोगों के साथ रहने से परिवार नहीं बन जाता । इसमें रिश्तों की मजबूत डोर होती है ,सहयोग के अटूट बंधन होते हैं और एक दूसरे की सुरक्षा के इरादे होते हैं। हम सभी का यह फर्ज है कि इस रिश्ते की गरिमा को बचाए रखें ।


गौरतलब है कि एकल परिवार की चाहत में समाज ने बहुत कुछ खोया है। अब न तो बच्चों को नैतिक संस्कार मिल रहे हैं और न ही अच्छे व्यवहार की शिक्षा। जाहिर है संस्कार एकल परिवार में नहीं सिखाए जा सकते। नतीजा हमारे सामने है।बच्चों का अनैतिक कार्यों में संलिप्त होना ही बताता है कि गिरता नैतिक स्तर समाज को डुबा रहा है। महानगरों में तो स्थितियां और बदतर होती जा रही हैं। दौर बहुत बदल चुका है ।

अब पश्चिमी समाजों  और कुछ हद तक भारत में भी आधिकारिक शादियों की कमी और दांपत्य जीवन की परिधि से बाहर लिव इन रिलेशनशिप में रहने का चलन जोर पकड़ रहा है। पर यह पश्चिमी चलन है अमेरिका में दो तिहाई जोड़े विवाह से पहले एकही घर में एक साथ समय बिताते हैं। पचास प्रतिशत माएं अविवाहित होती हैं। ऐसे बच्चों को भी संस्कार और प्यार नहीं मिलता। परिवार में बच्चों का बेहतर प्रशिक्षण होता है। समय रहते अगर इस बात को समझ लिया जाए तो बेहतर है वरना हम समाज के पतन में जाने से नहीं रोक सकेंगे।

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