Expand

मार्गशीर्ष अमावस्या : आज पितरों की पूजा करने से दूर होगा पितृ दोष

संतान की चाह रखने वाले जरूर रखें उपवास

मार्गशीर्ष अमावस्या : आज पितरों की पूजा करने से दूर होगा पितृ दोष

मार्गशीर्ष मास में आने वाली अमावस्या को मार्गशीर्ष अमावस्या कहा जाता है। इसे अगहन अमावस्या या श्राद्धादि अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन पूजा करने से पितृ दोष का निवारण होता है। मार्गशीर्ष अमावस्या को पितरों की पूजा करने का विशेष दिन माना गया है। मान्यता के अनुसार इस दिन पूजन और व्रत से पितर प्रसन्न होते हैं और पितृ दोष दूर होता है। मार्गशीर्ष अमावस्या का व्रत करने कुंडली के दोष दूर होते हैं।

इस अमावस्या को गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। अगर किसी की कुण्डली में पितृ दोष हो, संतान हीन योग बन रहा हो, उनको यह उपवास जरूर रखना चाहिए। अगहन माह में ही भगवान कृष्ण ने गीता का दिव्य ज्ञान दिया था, जिसके कारण से इस माह की अमावस्या तिथि को अत्यधिक लाभकारी और पुण्य फलदायी मानी जाती है। अगहन महीने में आने वाली अमावस्या का विशेष महत्व इसलिए माना जाता है, क्योंकि यह मां लक्ष्मी को समर्पित माह में आता है। मार्गशीर्ष माह में मां लक्ष्मी की खास पूजा होती है। इस बार मार्गशीर्ष अमावस्या 7 दिसंबर को है।

मार्गशीर्ष अमावस्या का शुभ मुहूर्त

7 दिसंबर- मार्गशीर्ष अमावस्या तिथि का समापन- 12 बजकर 50 मिनट तक

मार्गशीर्ष अमावस्या से जुड़ी खास बातें –

  • मार्गशीर्ष के महीने में गीता जयंती मनाई जाती है। इसी माह में श्री कृष्ण ने गीता का दिव्य ज्ञान दिया था, इसी कारण मार्गशीर्ष अमावस्या की तिथि अत्यधिक लाभदायी तथा पुण्यदायी मानी गई है।
  • मार्गशीर्ष अमावस्या का व्रत करने से कुंडली के दोष दूर होते हैं।
  • इस दिन गंगा स्नान, नदी, तट या सरोवर पर स्नान करने का विशेष महत्व होता है।
  • शाम के समय शिवालय जाकर शुद्ध घी का दीपक जलाएं तथा घर के मंदिर में दीप जलाकर भगवान का पूजन-अर्चन करें।
  • अगर किसी जातक की कुंडली में पितृ दोष है और वो जीवन में परेशानियों का अनुभव कर रहे हैं तो वे दिन उपवास रखकर पितृ दोष से मुक्ति पा सकते हैं।
  • इस दिन भगवान श्री सत्यनारायण की पूजा करने का भी विशेष महत्व है। भगवान सत्यनारायण की कथा पढ़ें और आरती करें।
  • संतान की चाह रखने वालों को भी इस दिन उपवास अवश्‍य रखना चाहिए तथा संतान सुख की प्रार्थना करनी चाहिए।
  • अपनी स्वेच्छा और सामर्थ्य के अनुसार दान-पुण्य करें।

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Google+ Join us on Google+ Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

RELATED NEWS

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Advertisement
Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

राशिफल

Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है