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अब डिजिटल होगी सेब की खरीद-सरकार ने जारी किए ₹45 करोड़, खत्म होगा बिचौलियों का खेल
CM Sukhwinder Singh Sukhu: हिमाचल प्रदेश के सेब उत्पादकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। सीएम सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बागवानी विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बागवानों के लंबित पड़े भुगतानों को चुकता करने के लिए 45 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है।यह राशि मंडी मध्यस्थता योजना (MIS) के तहत पिछले चार वर्षों (2022 से 2025 तक) में खरीदे गए सेबों के बकाया भुगतान के लिए दी गई है। इसके साथ ही सरकार ने सेब खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए एक नए डिजिटल प्लेटफॉर्म की भी शुरुआत की है।
सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर होगा पैसा
बैठक के दौरान सीएम सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि सरकार बागवानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
लंबित भुगतान की स्थिति: एमआईएस (MIS) के तहत 30 बैग तक सेब बेचने वाले छोटे उत्पादकों को पहले ही भुगतान किया जा चुका है।
बड़े उत्पादकों को राहत: अब 100 बैग या उससे अधिक सेब बेचने वाले बड़े बागवानों के लंबित भुगतानों को जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यह सारा भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों (DBT) में भेजा जा रहा है।
‘HMIS’ पोर्टल और ऐप से बिचौलियों का खेल खत्म
वर्तमान सीजन में सेब की निर्बाध खरीद सुनिश्चित करने के लिए सीएम ने बागवानी मंडी मध्यस्थता योजना (HMIS) की नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप का अनावरण किया। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म सेब की खरीद से लेकर उसके प्रसंस्करण (Processing) तक के हर चरण का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखेगा।
पोर्टल पर पंजीकरण और बुकिंग की प्रक्रिया
सरल पंजीकरण: बागवानों को पोर्टल पर केवल अपना आधार विवरण, जमीन से जुड़े दस्तावेज और बैंक खाते की जानकारी देकर एक बार पंजीकरण कराना होगा।
ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग: बागवान अपनी फसल बेचने के लिए घर बैठे ही संग्रहण केंद्रों (Collection Centers) पर समय का स्लॉट बुक कर सकेंगे, जिससे उन्हें लंबी लाइनों में इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
एसएमएस (SMS) अलर्ट: फसल की खरीद और भुगतान की ताजा स्थिति की जानकारी सीधे बागवानों के मोबाइल पर एसएमएस के जरिए रियल-टाइम में भेजी जाएगी।
यूनिवर्सल कार्टन और धरातल पर तैयारियां
सीएम सुक्खू ने बताया कि सेब की पैकेजिंग के लिए राज्य में यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली को कड़ाई से लागू किया गया है। इसका उद्देश्य बागवानों को बिचौलियों के शोषण से बचाना और उन्हें उनकी फसल का सही दाम दिलाना है।आगामी सीजन को देखते हुए सीएम ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं:
सेब सीजन शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां और बुनियादी ढांचा दुरुस्त कर लिया जाए।सभी संग्रहण केंद्रों (Collection Centers) पर बागवानों की सहायता के लिए पर्याप्त स्टाफ तैनात किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों को भी प्रतिनियुक्ति पर तैनात किया जाए
संजू चौधरी
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