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हिमाचल 12 सरकारी स्कूलों के विलय और दर्जा घटाने का फैसला वापस, पूर्व की तरह जारी रहेगी पढ़ाई
Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा फैसला लेते हुए 12 सरकारी स्कूलों के विलय (मर्जर) और उनका दर्जा घटाने (डिग्रेडेशन) के अपने पूर्व के आदेश को वापस ले लिया है। अब ये सभी विद्यालय अपनी पुरानी व्यवस्था के तहत ही संचालित होंगे। गौरतलब है कि छात्रों की कम संख्या को आधार बनाते हुए शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों के विलय और दर्जा घटाने का निर्णय लिया था, जिसे अब निरस्त कर दिया गया है।स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी ताजा आदेशों के बाद संबंधित क्षेत्रों के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है।
इन स्कूलों के विलय (मर्जर) का फैसला रद्द
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल और राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का विलय होना था , जिसे निरस्त कर दिया गया है। पुरानी व्यवस्था के तहत एक विद्यालय सीबीएसई (CBSE) और दूसरा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) के अधीन कार्य करता रहेगा।
मंडी (भंगरोटू): पीएम श्री राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल और राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को आपस में मिलाने का फैसला भी सरकार ने वापस ले लिया है।
इन स्कूलों को दोबारा मिला वरिष्ठ माध्यमिक (Senior Secondary) का मूल दर्जा- जिन स्कूलों का दर्जा घटा दिया गया था, सरकार ने उन्हें फिर से उनका पुराना स्वरूप लौटा दिया है। अब ये स्कूल दोबारा 12वीं तक चलेंगे:
मंडी: पलहोटा और कथोग स्कूल
सिरमौर: शायलग कांडो स्कूल
शिमला: गिआन्ह स्कूल
हाई स्कूल से मिडिल किए गए स्कूलों की पुरानी स्थिति बहाल: जिन हाई स्कूलों (10वीं तक) का दर्जा घटाकर उन्हें मिडिल स्कूल (8वीं तक) करने की अधिसूचना जारी की गई थी, उसे भी प्रभावहीन कर दिया गया है। इनमें निम्नलिखित स्कूल शामिल हैं:
कांगड़ा: उत्तरापुर स्कूल
शिमला: दाखल, टचू, मशाओ और अंबोई स्कूल
शिक्षा निदेशालय के इस कदम के बाद इन सभी 12 विद्यालयों में अब पूर्व की भांति ही सुचारू रूप से कक्षाएं चलेंगी और प्रशासनिक व्यवस्था बनी रहेगी।
अनु गुप्ता

