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दुनिया से सात साल पीछे चल रहा यह देश, यह है बड़ी वजह

अफ्रीकी देश इथियोपिया में चल रहा साल 2013

दुनिया से सात साल पीछे चल रहा यह देश, यह है बड़ी वजह

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दुनिया के हर देश की अपनी परंपराएं और मान्यताएं होती हैं। यहां तक भाषा (Language), बोली और संस्कृति भी अलग होती है। आज हम ऐसे देश (Country) के बारे में बताने जा रहे हैं जो दुनिया (World ) के बाकी देशों से सात साल पीछे चला हुआ है। ऐसा कोई बड़ा कारण नहीं है, परंतु इस देश अपना ही अलग कैलेंडर (Calendar) है। आइए जानते हैं कि इस समय उस देश में कौन सा साल चला हुआ है।

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साल 2013 चला हुआ इस देश में

पूरी दुनिया में नया साल (New Year ) मनाया जा चुका है। हर जगह साल 2022 शुरू हो चुका है, वहीं दुनिया के बाकी देशों में नए साल का पहला सप्ताह खत्म होने को है और इसके साथ ही सेलिब्रेशन में लगे लोग अपनी रुटीन में लौट रहे हैं, लेकिन अफ्रीकी देश इथियोपिया (African Country Ethiopia) इससे 07 साल 03 महीने पीछे चल रहा है। यहां का एक साल 12 नहीं, बल्कि 13 महीने का होता है। इस देश अब भी 2013 चल रहा है। ये देश और भी कई मामलों में एकदम अलग हैए जैसे यहां पर साल के 12 की बजाए 13 महीने होते है।।

11 सितंबर को मनाया जाता है नया साल

85 लाख से ज्यादा आबादी के साथ अफ्रीका (Africa) के दूसरे सबसे ज़्यादा जनसंख्या वाले देश के तौर पर जाना जाने वाले इथियोपिया (Ethiopia) का अपना कैलेंडर ग्रेगोरियन कैलेंडर (Gregorian calendar) से लगभग पौने आठ साल पीछे है। यहां नया साल 1 जनवरी की बजाय हर 13 महीने बाद 11 सितंबर को मनाते हैं। दरअसल ग्रेगोरियन कैलेंडर की शुरुआत 1582 में हुई थीए इससे पहले जूलियन कैलेंडर (Julian Calendar) का इस्तेमाल हुआ करता था। कैथोलिक चर्च को मानने वाले देशों ने नया कैलेंडर स्वीकार कर लिया, जबकि कई देश इसका विरोध कर रहे थे। इनमें इथियोपिया भी एक था। इथियोपिया में रोमन चर्च की छाप रही। यानी इथियोपियन ऑर्थोडॉक्स चर्च मानता रहा कि ईसा मसीह का जन्म 7 बीसी में हुआ और इसी के अनुसार कैलेंडर की गिनती शुरू हुई। वहीं, दुनिया का बाकी देशों में ईसा मसीह का जन्म एडीआई में बताया गया है। यही वजह है कि यहां का कैलेंडर अब भी 2013 में अटका हुआ है, जबकि तमाम देश 2022 की शुरुआत कर चुके हैं।

पर्यटकों को झेलनी पड़तीं हैं दिक्कतें

इथियोपियन कैलेंडर में एक साल में 13 महीने होते हैं। इनमें से 12 महीनों में 30 दिन होते हैं। आखिरी महीना पाग्युमे कहलाता है, जिसमें पांच या छह दिन आते हैं। यह महीना साल के उन दिनों की याद में जोड़कर बनाया गया है, जो किसी वजह से साल की गिनती में नहीं आ पाते हैं। इथियोपिया के लोग ध्यान रखते हैं कि इस कैलेंडर और उनकी मान्यताओं की वजह से सैलानियों को किसी किस्म की दिक्कत न हो, हालांकि इथियोपिया घूमने जाने वालों को होटल की बुकिंग और कई दूसरी बेसिक सुविधाओं में कहीं न कहीं इस कैलेंडर की वजह से परेशानी उठानी ही होती है। इस देश की कई अन्य खासियतें भी हैं। जैसे यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट (UNESCO World Heritage Site) में शामिल जगहों में सबसे ज्यादा जगहें इथियोपिया की हैं। जैसे दुनिया की सबसे गहरी और लंबी गुफा, दुनिया की सबसे गर्म जगह और ढेर सारी प्राकृतिक सुंदरता का यहां खजाना है, जिसकी वजह से दुनियाभर के सैलानी यहां आते हैं। 11 सितंबर को मनाया जाने वाला नया साल भी यहां का खास आकर्षण होता है।

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