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Direct Elections | Big Breaking | Municipal Councils |
हिमाचल प्रदेश के नगर परिषद व नगर पंचायतों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को जनता नहीं, पार्षद चुनते हैं। मगर भविष्य में यह अधिकार जनता को मिल सकता है। सरकार के स्तर पर नगर परिषद व नगर पंचायतों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के डायरेक्ट चुनाव कराने को लेकर मंथन शुरू हो गया है। शहरी विकास विभाग को भी इसे बारे बोल दिया गया है। अब इसे लेकर कैबिनेट में चर्चा होनी है। कैबिनेट में सहमति बनी तो इसे लेकर 18 मार्च से शुरू हो रहे बजट सत्र के दूसरे चरण में संशोधन विधेयक लाया जा सकता है। हालांकि, इस पर अभी फैसला होना है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो राज्य के 73 शहरी स्थानीय निकायों की चुनाव प्रणाली में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौजूदा व्यवस्था के तहत नगर परिषद व नगर पंचायतों में पहले पार्षद चुने जाते हैं और बाद में उन्हीं पार्षदों के बीच से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव होता है। लेकिन प्रस्तावित संशोधन लागू होने पर यह अधिकार सीधे जनता के हाथ में चला जाएगा। इसके बाद निकायों में जनता एक वोट पार्षद, दूसरा अध्यक्ष और तीसरा उपाध्यक्ष को डालेगी। राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो यह फैसला शहरी राजनीति का पूरा समीकरण बदल देगा।
