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Kangra: 15 क्विंटल मक्खन से सजा मां बज्रेश्वरी का घृतमंडल, इस दिन उतरेगा
कांगड़ा। विश्व-विख्यात बज्रेश्वरी देवी मंदिर कांगड़ा (Shree Bajreswari Temple Kangra) में सात दिवसीय घृतमंडल पर्व का आज शुभारंभ हो गया। 15 क्विंटल देसी घी से तैयार मक्खन से माता श्री बज्रेश्वरी देवी का श्रृंगार किया गया। माता की पिंडी पर होने वाले मक्खन के श्रृंगार को देखने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु मां बज्रेश्वरी देवी मंदिर पहुंचे। वहीं, मकर संक्रांति का दिन होने के कारण भी आज मंदिर में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। मंदिर में कोरोना एसओपी का पूरी तरह से पालन किया गया। सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) के नियम का पूरी तरह से पालन किया गया। बिना मास्क (Mask) के किसी भी श्रद्धालु को मंदिर नहीं जाने दिया गया।

बता दें कि मकर संक्रांति से लेकर एक सप्ताह तक पिंडी के ऊपर कई क्विंटल मक्खन का लेप चढ़ाया जाता है। 20 जनवरी को माता की पिंडी से मक्खन उतारा जाएगा। उसके पश्चात इसे प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। लोगों में धारणा है कि इस मक्खन को धावों, फोड़े आदि पर लगाने से उनका उपचार हो जाता है। देश-विदेश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस अद्भुत आयोजन का दर्शन करने कांगड़ा पहुंचते हैं। इस विशेष घृतमंडल के आयोजन के उद्देश्य के संबंध में कहा जाता है कि जालंधर दैत्य को मारते समय माता के शरीर पर अनेक चोटें आई थीं तथा देवताओं ने माता के शरीर पर घृत का लेप किया था। उसी परंपरा के अनुसार एक सौ एक देसी घी को एक सौ बार शीतल जल से धोकर उसका मक्खन बनाकर माता जी कि पिंडी पर चढ़ाया जाता है। इस घी के ऊपर मेवे और फल मेवों की मालाएं सुसज्जित की जाती हैं।सात दिन तक चलने वाले घृत पर्व को लेकर माता की पिंडी पर सात दिन तक मक्खन का लेप रहेगा। ऐसे में अब माता की पावन पिंडी का स्नान सात दिनों तक नहीं होगा। ऐसे में माता का मिलने वाला चरणामृत अब सात दिन बाद ही श्रद्धालुओं को मिल सकेगा।
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