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हिमाचल के किसानों को नहीं मिल रहा लोन, स्टेट कॉन्क्लेव में बरसे चंद्र कुमार
शिमला। साल 2020 में शुरू की गई केंद्र सरकार की एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (Agriculture Infrastructure Fund Scheme ) योजना का फायदा हिमाचल के सिर्फ 10 फ़ीसदी किसानों (Farmers) को ही मिल पाया है। इस योजना में किसानों को सस्ते दरों पर लोन (Loan) दिया जाता है। लेकिन जमीन पर योजना का फायदा नहीं मिलने पर शुक्रवार को यहां आयोजित स्टेट कॉन्क्लेव (State Conclave) में हिमाचल के कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने केंद्र पर जमकर बरसे। उन्होंने लोन प्रक्रिया और बाकी विभागीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने को कहा
एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड योजना के स्टेट कॉन्क्लेव में बोलते हुए कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि योजना में हिमाचल के लिए 925 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट मंजूर किया गया है। इसमें किसानों को खेतों में ही छंटाई, ग्रेडिंग और पैकेजिंग समेत अन्य कृषि आधारित उद्योगों के लिए सस्ते ब्याज दरों पर लोन उपलब्ध करवाया जा रहा है। कृषि अब कई उद्योगों के साथ सीधे तौर पर जुड़ गई है।
कृषि मंत्री ने गिनाईं कमियां
चंद्रकुमार ने गिनाया कि विभागों में समन्वय की कमी (Lack Of Coordination Between Departments) से प्रोजेक्ट प्रभावी तरीके से लागू नहीं हो पाया है। खेती बिना पानी के हो नहीं सकती और सिंचाई का क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित है। उन्होंने नाबार्ड (NABARD) से सिंचाई की तरफ अधिक ध्यान देने को कहा, साथ ही लोन देने की प्रक्रिया को और आसान करने का आग्रह भी किया। उन्होंने बैंक से एग्रीकल्चर लोन के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाने की बात भी कही।
विधायकों को वोटिंग का अधिकार गलत नहीं
कार्यक्रम से इतर मीडिया के एक सवाल के जवाब में कृषि मंत्री ने नगर निगमों में मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में विधायकों को वोटिंग के अधिकार को लेकर विपक्ष के सवालों पर पलटवार करते हुए कहा कि यह गलत नहीं है। विधायक केवल बराबरी पर ही अपना वोट डालेगा।
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