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टांडा मेडिकल कालेज में पहली बार अंगदान, एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिए बनाया ग्रीन कोरिडोर

नगरोटा के हटवास क्षेत्र के 18 साल के युवक के परिजनों ने लिया फैसला, सड़क हादसे में सिर पर लगी थी गहरी चोट

टांडा मेडिकल कालेज में पहली बार अंगदान, एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिए बनाया ग्रीन कोरिडोर

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कांगड़ा। हिमाचल के इतिहास में पहली बार कैडेवरिक ऑर्गन डोनेशन हुआ। इस इतिहास का गवाह टांडा मेडिकल (Organ donation process in Tanda Medical College) कॉलेज बना, जहां रीनल ट्रांसप्लांट सर्जरी की ओर से ऑर्गन रिट्रीवल हुआ। नगरोटा बगवां के तहत पड़ते हटवास क्षेत्र के रहने वाला 18 वर्षीय विशाल 10 मार्च को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। गंभीर अवस्था में उसे टांडा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। हेड इंजरी होने के कारण मरीज की हालत बिगड़ती जा रही थी। परिजनों ने उसे लुधियाना स्थित निजी अस्पताल में बेहतर इलाज के लिए शिफ्ट किया। वहां पर मरीज का डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया।  मरीज के जीवित ना रहने की निराशा के कारण परिजन उसे वापस टांडा मेडिकल कॉलेज लेकर आ गए।

इसी बीच अंग रिट्रीव करने के लिए पीजीआई चंडीगढ़ से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम टांडा अस्पताल पहुंची पहुंच गई। शनिवार दोपहर बाद करीब 3:00 बजे रिट्रीवर प्रक्रिया शुरू हुई, जोंकि करीब 2 से ढाई घंटे चली।

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इस दौरान मरीज के शरीर से दो किडनी और 2 कॉर्निया निकाले गए। ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से कुछ ही घंटों के भीतर किडनी से भरे कंटेनर्स को वाहन के जरिए पीजीआई पहुंचाया गया।  डॉक्टर राकेश चौहान ने बताया कि परिजनों की सहमति के बिना अंगदान का यह महान दान संभव ना हो पाता। उन्होंने बताया कि देशभर में लाखों मरीज अंग ना मिलने के कारण मौत के मुंह में चले जाते, लेकिन ऐसे मामले वरदान साबित होते है। उन्होंने बताया कि दोनों किडनी ट्रांसप्लांट के लिए पीजीआई भेज दी गई। वहीं, दो कॉर्निया को अस्पताल में 2 जरूरतमंद मरीजों में ट्रांसप्लांट किया जाएगा।

पहली बार बना ग्रीन कॉरिडोर: पुलिस प्रशासन के सहयोग से टांडा मेडिकल कॉलेज से लेकर पीजीआई चंडीगढ़ तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. टांडा मेडिकल कॉलेज में ऑर्गन रिट्रीवेल के बाद कांगड़ा, उना, रोपड़ मोहाली और चंडीगढ़ पुलिस प्रशासन के सहयोग से ऑर्गन ले जाने वाले वाहन को प्राथमिकता पर आगे भेजा गया ,ताकि दान किए गए अंगों को कम से कम समय में पीजीआई पहुंचाया जा सके।

यह रहे मौजूद: पीजीआई से एचओडी रीनल ट्रांसप्लांट सर्जरी डॉ. आशीष शर्मा, डॉ. सर्बप्रीत, डॉ .विवेक ठाकुर, डॉ. पारुल गुप्ता और नर्सिंग ऑफिसर शीनम मौजूद रह. वहीं, टांडा मेडिकल कॉलेज के एमएस डॉ .मोहन सिंह, प्रिंसिपल डॉ. भानु अवस्थी, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेटर डॉ .अरविंद राणा सहित अन्य डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहा।

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