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पुतिन के इस विमान पर नहीं होता मिसाइल-रॉकेट का असर, बिना दिखे कहीं भी पहुंच सकता है यह प्लेन

एयरक्राफ्ट नंबर 01 से जाना जाता है प्लेन, आधुनिक और तमाम तकनीक से लैस

पुतिन के इस विमान पर नहीं होता मिसाइल-रॉकेट का असर, बिना दिखे कहीं भी पहुंच सकता है यह प्लेन

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रूस (Russia) और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग के दौरान आज हम आपको राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (President Vladimir Putin) के एक खास विमान के बारे में बताने जा रहे हैं। पुतिन के इस विमान को एयरक्राफ्ट नंबर 01 कहा जाता है। इसे फ्लाइंग क्रेमलिन भी कहते हैं। इस विमान को इल्यूसिन आईएल7967300पीयू के तौर पर जाना जाता है। ये बहुत आधुनिक और तमाम तकनीक से लैस खास विमान (Plane) है। अब तक रूस के राष्ट्रपतियों के लिए आईएल-96 विमानों के कई मोडिफाइड रूप डेवलप किए जा चुके हैं। सबसे पहले इस विमान का इस्तेमाल रूस के पहले राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन ने किया था। अब पुतिन इसका और विकसित विमान इस्तेमाल करते हैं।

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सबसे ज्यादा ऊंचाई पर भी किसको भी भेज सकते हैं मैसेज

ये बहुत खास विमान है, जिसके जरिए वो कितनी भी ऊंचाई पर मैसेज (Massage) ले और दे सकते हैं। माना जाता है कि दुनिया में ये कहीं भी हो या कितनी भी ऊंचाई पर हो, इसकी खास कम्युनिकेशन प्रणाली हर जगह काम करती है। इससे दुनिया के किसी भी कोने से मैसेज भेजा जा सकता है और रिसीव किया जा सकता है। इसमें 04 कांफ्रेंस रूम हैं। पुतिन का जिम है, साथ में उनका शयनकक्ष और एक अलग स्पेशन कांफ्रेंस रूम भी। इसके अलावा एक डायनिंग रूम (Dining Room) भी है। पुतिन जब इसमें यात्रा करते हैं तो इसी में भोजन करते हैं। अक्सर उनके साथ इसमें यात्रा करने वाले मेहमान भी इसकी सुविधाओं का लाभ लेते है।

 

हफ्ते में एक बार उठाया जाता है प्लेन

देश-विदेश की यात्राओं के लिए पुतिन इसी बेहद आरामदायक और सुरक्षित प्लेन का इस्तेमाल करते हैं। जब वो इस प्लेन में यात्रा करते हैं तो कोई उनका बालबांका भी नहीं कर सकता। इस पर कोई हवाई हमला भी नहीं हो सकता। ये विमान लेजर एंटी मिसाइल प्रोटेक्शन ( Laser Anti Missile Protection) की सुविधा वाला है। इसे न ही कोई रॉकेट या गन इसे निशाना बना सकती है। इसका नियमित रूप से परीक्षण होता है। हफ्ते में इसे एक बार उड़ाकर देखा जरूर जाता है।

 

दो नहीं चार इंजन हैं विमान में

आमतौर पर विमान दो इंजन के होते हैंए लेकिन ये 04 इंजन का है। ये 55 मीटर लंबा और डैनों के साथ 60 मीटर चौड़ा है। इसकी स्पीड 900 किलोमीटर प्रति घंटे की है। बताते हैं कि जब पुतिन के लिए ये विमान बनाया जा रहा था, तब वो रूस के प्रधानमंत्री थे। वो विमान के प्लांट में जाकर खुद इसकी निगरानी करते थे। दरअसल प्रेसीडेंट के विमान के साथ इसी तरह के विमानों का एक बेड़ा भी चलता है। तीन विमान ठीक एक ही जैसे हैं। पुतिन की हर यात्रा में ये विमान आगे पीछे चलते हैं, उन्हें 15.15 मिनट के अंतराल में छोड़ा जाता है। इसकी एक वजह सुरक्षा है तो एक वजह ये भी है कि पुतिन जहां जा रहे हैं, वहां अगर उनके विमान में कोई भी खराबी आ जाए तो वो तुरंत दूसरे विमान का इस्तेमाल करने लगे।

 

यात्रा के दौरान भी पूरे रूस को करते है कंट्रोल

पुतिन जब इसमें यात्रा करते हैं तो माना जाता है कि इस विमान में रहते हुए वो पूरे रूस को कंट्रोल कर सकते हैं। यही नहीं ये खास विमान में प्रेसीडेंट का एटामिक कंट्रोल बटन भी लगा है यानि विमान में रहते हुए वो देश के परमाणु हथियारों को भी नियंत्रित कर सकते हैं या उनके हमले के बटन पर हाथ दबा सकते हैंए जिससे रूस की एटामिक अटैक प्रणाली तुरंत सक्रिय हो जाएगी। इसकी कीमत करीब 500 मिलियन डॉलर (करीब 365 करोड़ रुपए) है।

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