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धारा 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में 87 फीसदी घट गई पत्थरबाजी की घटनाएं

बुरहान वानी के खात्म के बाद बढ़ी थी घाटी में पथराव की घटनाएं

धारा 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में 87 फीसदी घट गई पत्थरबाजी की घटनाएं

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जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir)में अनुच्छेद 370 और 35A निष्प्रभावी होने के बाद पत्थरबाजी (Stone pelting) की घटनाओं में 90 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है। एक दौर था जब जम्मू-कश्मीर में आए दिन पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आती रहती थीं, लेकिन Arcticle 370, 35A को निष्प्रभावी करने के बाद यहां ऐसी घटनाओं पर भी लगाम लगी है। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह (DGP Dilbag Singh) का कहना है कि विशेष राज्य का दर्जा हटाए जाने के बाद से ही पत्थरबाजी की घटनाओं में गिरवाट देखने को मिली है।


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पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने आंकड़ों के जरिए बताया कि जम्मू-कश्मीर में 2020 में पथराव की 255 घटनाएं हुईं, जबकि 2019 में राज्य में पथराव की 1999 घटनाएं घटी थीं। दिलबाग सिंह ने कहा कि 2020 में 2019 के मुकाबले पत्थरबाजी की घटनाओं में 87.31 फीसदी की कमी आई है। उन्होंने कहा कि इसी तरह 2016 से 2020 की तुलना करें तो पत्थरबाजी की घटनाओं में 90 फीसदी की गिरावट हुई है।


अमरनाथ भूमि आंदोलन के दौरान बढ़ा था पत्थरबाजी का चलन

गौरतलब हो कि हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर घाटी में एकाएक पत्थरबाजी की घटनाएं बढ़ गई थीं। इस साल पत्थरबाजी के 2653 मामले दर्ज किए गए थे। घाटी में पत्थरबाजी की घटनाओं ने अमरनाथ भूमि आंदोलन के दौरान भी ज़ोर पकड़ा था।

साल पत्थरबाजी की घटनाएं
2015 730
2016 2653
2017 1412
2018 1458
2019 1999
2020 255

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