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“गुरुजी मत जाओ… 19 साल का अटूट रिश्ता- शिक्षक के तबादले पर फूट-फूट कर रोए मासूम
Himachal News: चंबा जिले के चुराह विधानसभा क्षेत्र से गुरु-शिष्य के अटूट रिश्ते और स्नेह की एक ऐसी भावुक तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। जसौरगढ़ पंचायत के मांजू गांव स्थित राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला (जीसीपीएस) में पिछले 19 वर्षों से सेवाएं दे रहे अध्यापक नरेंद्र खन्ना के तबादले के दौरान बच्चों और ग्रामीणों का अपने प्रिय शिक्षक के प्रति प्रेम देखते ही बन रहा था।
विदाई के वक्त रो पड़े बच्चे
जैसे ही शिक्षक नरेंद्र खन्ना के स्थानांतरण (जीसीपीएस मांजू से जीसीपीएस जसौरगढ़) की खबर बच्चों तक पहुंची, पूरे स्कूल में उदासी छा गई। विदाई के समय अपने प्रिय ‘गुरुजी’ से बिछड़ने के गम में मासूम बच्चे अपने आंसू रोक नहीं पाए और फूट-फूट कर रोने लगे। बच्चों का शिक्षक के प्रति ऐसा निस्वार्थ प्रेम देखकर वहां मौजूद ग्रामीण और अभिभावक भी भावुक हो गए। भावुक हुए शिक्षक नरेंद्र खन्ना ने कहा कि ‘मांजू गांव से मिला अपार प्यार और बच्चों का यह निस्वार्थ स्नेह वे जीवनभर अपनी यादों में संजोकर रखेंगे।
गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को एक नई गहराई
अध्यापक नरेंद्र खन्ना ने करीब दो दशकों तक मांजू गांव में बच्चों को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी, बल्कि उनके साथ एक आत्मीय और पारिवारिक रिश्ता भी बनाया। उन्होंने कई पीढ़ियों को तराशकर उनके भविष्य को संवारने में अहम योगदान दिया। 19 सालों के इस लंबे सफर ने गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को एक नई गहराई दी, जिसका परिणाम विदाई के दिन स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
राहुल कुमार
