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शिमला डेवलपमेंट प्लान 2041 को मिली ‘सुप्रीम’ मंजूरी, सरकार की बड़ी जीत
पंकज/ नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में गुरुवार को हिमाचल सरकार (Himachal Govt) की बड़ी जीत हुई है। शीर्ष कोर्ट ने शिमला डेवलपमेंट प्लान 2041 को मंजूरी दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने शिमला डेवलपमेंट प्लान (Shimla Development Plan) पर एनजीटी की रोक को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि यह योजना शिमला के पर्यावरण के अनुकूल है।
न्यायमूर्ति बी आर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि हिमाचल सरकार और अधिकारियों को शिमला के विकास की योजना बनाने का निर्देश देना एनजीटी (NGT) के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। कोर्ट ने कहा, ” चूंकि राज्य सरकार और उसके अधिकारी विकास प्लान बनाने में विधायी (कानून बनाने से जुड़ा हुआ) काम करते हैं। इसलिए, एनजीटी या उच्च न्यायालय ऐसी योजनाओं की जांच कर सकते हैं। लेकिन वे अधिकारियों को किसी विशेष तरीके से योजना तैयार करने का निर्देश नहीं दे सकते।”
एनजीटी ने लगाया था स्टे
हिमाचल की सुक्खू सरकार ने जून 2023 में नई योजना को मंजूरी दी थी, जिसके बाद NGT ने इस पर सवाल उठाए थे। शिमला विकास योजना को पिछली जयराम सरकार (Previous Jairam Govt) ने फरवरी 2022 में मंजूरी दे दी थी। लेकिन मई 2022 में एनजीटी के स्थगन आदेश के चलते उसे लागू नहीं किया जा सका था। ट्रिब्यूनल ने प्लान को अवैध करार दिया था और इसे NGT के ऑर्डर के खिलाफ माना था। सुक्खू सरकार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने मई 2023 में राज्य सरकार से विकास योजना पर प्राप्त आपत्तियों पर निर्णय लेने और उसके बाद छह सप्ताह के भीतर अंतिम विकास योजना जारी करने को कहा था। साथ ही, अदालत ने स्पष्ट किया कि योजना को अधिसूचना (Notification) के प्रकाशन की तारीख से एक महीने तक लागू नहीं किया जाएगा और न ही ड्राफ्ट योजना (Draft Plan) के आधार पर किसी नए निर्माण की अनुमति दी जाएगी।
जून में जारी हुआ था नया प्लान
इसके बाद जून 2023 में राज्य सरकार ने नई योजना का प्लान जारी किया। विजन 2041 नाम की इस योजना में 17 ग्रीन बेल्ट में कुछ प्रतिबंधों के साथ और मुख्य क्षेत्र में निर्माण प्रावधान शामिल थे, जहां एनजीटी ने निर्माण पर पाबंदी लगाई थी। कंस्ट्रक्शन में मंजिलों की संख्या, पार्किंग, अटारी और संरचनाओं की ऊंचाई के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देशों का भी उल्लेख किया गया था, जिसमें कहा गया था कि हरे क्षेत्रों में पेड़ों को काटने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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प्लान में ये इलाके भी शामिल
शिमला डेवलपमेंट प्लान में कंस्ट्रक्शन (Construction) के लिए कुल 22,450 हेक्टेयर भूमि को ध्यान में रखा गया है। इसमें शिमला नगर निगम, कुफरी, शोघी और घानाहट्टी के विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण और गांवों के अलावा अतिरिक्त शिमला योजना क्षेत्र शामिल हैं। नई योजना को लागू करने और इसके प्रैक्टिकल पालन पर दलीलें सुनने के बाद अदालत ने 12 दिसंबर को मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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