-
Advertisement

धर्मशाला के कुनाल पत्थरी मंदिर का शटर तोड़कर चोरी, कैमरे में कैद हुआ चोर
भारत के 51 शक्तिपीठों (Shaktipeeth) में से एक यहां के कुनाल पत्थरी मंदिर (Kunal Pathari temple) में रविवार रात अज्ञात चोर ने शटर तोड़कर चांदी का छत्र और कुछ कृत्रिम जेवरातों की चोरी (Theft) की। चुराए गए सामान का मूल्य 90 हजार के करीब बताया गया है। एएसपी कांगड़ा वीर बहादुर ने बताया कि मंदिर के नीचे सराह गांव में भी कुछ मंदिरों के ताले तोड़े गए हैं।
एएसपी कांगड़ा वीर बहादुर ने बताया सराह गांव में जिन मंदिरों के ताले तोड़े गए हैं, वहां से कोई सामान चोरी नहीं हुआ है। एक स्कूल का भी ताला तोड़कर कुछ खाने की चीजें चोरी की गई हैं। इस सिलसिले को लेकर पुलिस टीम सीसीटीवी फुटेज (CCTV Camera) के आधार पर वहां जांच कर रही है।
यह भी पढ़े:ऊना पुलिस ने मोहाली से दबोचा जल शक्ति विभाग के SE से ठगी करने वाला “नटवरलाल”
माता सती का यहां गिरा था कपाल
मान्यता है कि यहां माता सती का कपाल गिरा था, इसलिए मंदिर में मां के कपाल की पूजा होती है। धौलाधार की पहाड़ियों (Dhauladhar Hills) के बीच स्थित मां कुनाल पत्थरी मंदिर को कपालेश्वरी के नाम से भी जाना जाता है। मंदिर में मां के कपाल के ऊपर एक बड़ा पत्थर कुनाल की तरह विराजमान है। इसलिए इस मंदिर को मां कुनाल पत्थरी के नाम से भी जाना जाता है।

पत्थर से पानी सूखा तो होती है बारिश
मां कुनाल पत्थरी मंदिर में मां के कपाल के ऊपर बना एक पत्थर हमेशा ही पानी से भरा रहता है। मान्यता यह भी है कि जब भी इस पत्थर में पानी सूखने लगता है तो यहां पर वर्षा होती है। मां कभी भी पानी की कमी नहीं होने देती है। कपाल के ऊपर बने पत्थर में पानी को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। कई बीमारियों के इलाज के लिए श्रद्धालु इस पानी को लेकर जाते हैं।