Covid-19 Update

2,01,054
मामले (हिमाचल)
1,95,598
मरीज ठीक हुए
3,446
मौत
30,082,778
मामले (भारत)
180,423,381
मामले (दुनिया)
×

Google Pay और Paytm से कोई ऐसे उड़ा सकता है आपकी मेहनत की कमाई, ध्यान से पढ़ें ये खबर

Google Pay और Paytm से कोई ऐसे उड़ा सकता है आपकी मेहनत की कमाई, ध्यान से पढ़ें ये खबर

- Advertisement -

इन दिनों हम सभी अपने फोन पर इतने डिपेंड हो गए हैं कि हर काम उसी से करते हैं। डिजिटल मनी ट्रांजक्शन जितना बढ़ रहा हैं उतने ही ऑनलाइन फ्रॉड (Online fraud) के मामले भी बढ़ रहे हैं। फ्रॉड लोगों के पैसे को ठगने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। कई बार ये लोग पेटीएम या गूगल पे (Google Pay and Paytm) के जरिए पैसे की रिक्वेस्ट भेजते हैं। यूपीआई बेस्ड ये मोबाइल वॉलिट ठगी के लिए सबसे आसान तरीका है। कई लोगों को इन ऐप के जरिए अपनी मेहनत का पैसा खोना पड़ा है।

यह भी पढ़ें: Vishal Aditya Singh ने खास लुक में की Ramp Walk, माथे पर दिखा सिंदूर


यूपीआई फ्रॉड की बात करें तो ये ठग किसी यूजर के मोबाइल डिवाइस का रिमोट एक्सिस पाने की कोशिश करते हैं ताकि वे बैंक ट्रांजक्शन भी रिमोटली कर पाएं। इस तरह की धोखाधड़ी से बचने का बस एक ही तरीका है आपको इसकी पूरी जानकारी हो। हम आपको बताते हैं कि इस तरह की धोखाधड़ी और ठगी को किस तरह अंजाम दिया जाता है। फ्रॉड किस तरह मोबाइल बैंकिंग और पेमेंट से जुड़े ऐप्स के जरिए ठगी कर सकते हैं। इनमें गूगल पे और पेटीएम जैसे यूपीआई और वॉलिट्स भी शामिल हैं। आपको बस इन बातों का ध्यान रखना है जो हम बताने जा रहे हैं :-

  • धोखाधड़ी करने वाले ये फ्रॉड लोगों को गूगल प्ले स्टोर या ऐपल ऐप स्टोर से AnyDesk या TeamViewer जैसे ऐप डाउनलोड करने का लालच देते हैं। इन ऐप्स की मदद से किसी भी व्यक्ति के मोबाइल का रिमोट ऐक्सिस दूसरे यूजर को मिल जाता है।
  • एक बार जब यूजर अपने स्मार्टफोन पर इस तरह के ऐप्स डाउनलोड कर लेता है तो ग्राहक के मोबाइल या डिवाइस पर एक 9 डिजिट नंबर (ऐप कोड) जेनरेट होता है। इसके बाद ये ठग यूजर को अपने साथ ये कोड शेयर करने को कहते हैं।

  • 9 डिजिट के इस नंबर को फ्रॉड द्वारा अपने मोबाइल डिवाइस पर किसी ऐप के कोड के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इसके बाद वह यूजर से कुछ परमिशन देने को कहता है जो किसी दूसरे ऐप के इस्तेमाल करने के लिए जरूरी होती हैं।
  • जैसे ही यूजर परमिशन ग्रांट करता है, इन ठगों को यूजर के डिवाइस का एक्सिस मिल जाता है और वह उसका मोबाइल फोन इस्तेमाल करना शुरू कर देता है।
  • यह वह तरीका है जिसके जरिए कोई फ्रॉड किसी यूजर के मोबाइल बैंकिंग ऐप के लॉगइन पासवर्ड ऐक्सिस कर लेता है और यूजर के डिवाइस में पहले से इंस्टॉल मोबाइल ऐप के जरिए बैंकिंग ट्रांजक्शन अंजाम देता है।

हिमाचल की ताजा अपडेट Live देखनें के लिए Subscribe करें आपका अपना हिमाचल अभी अभी YouTube Channel…

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है