-
Advertisement
हिमाचल के इस गांव तक नहीं पहुंची सड़क, वजह हैं कुछ रसूखदार लोग
मंडी (नितेश सैनी)। हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी नगर परिषद सुंदरनगर के वार्ड नंबर-एक बाड़ी के अंतिम छोर पर लिंगड़ी गांव तक सड़क नहीं पहुंच पाई है। गांव के आखिरी छोर पर पहाड़ी पर रहने वाला एक परिवार बुजुर्गों और बच्चों को बीमार होने पर एक किलोमीटर तक पालकी या फिर कंधे पर ढोने को मजबूर है। यह सब इसलिए, क्योंकि एक रसूखदार सड़क के रास्ते का रोड़ा बन गया है।
न सड़क, न स्ट्रीट लाइटें
मीना कुमारी अपने बुजुर्ग सास-ससुर को अस्पताल ले जाने के लिए पहाड़ी से ढलान वाली पगडंडी के माध्यम से नीचे लाती हैं। इसके लिए उन्हें ग्रामीणों का सहयोग लेना पड़ता है। मीना कुमारी का कहना है कि सुंदरनगर के हर वार्ड को सड़क से जोड़ा गया है, लेकिन विकास की सड़क उनकी दहलीज तक नहीं पहुंची। घर के रास्ते में स्ट्रीट लाइटें भी नहीं है, जिससे रात के समय ठोकरें खानी पड़ती हैं।
सरकार से बात करेंगे
उनका कहना है कि क्षेत्र का एक प्रभावशाली व्यक्ति सड़क के रास्ते में रोड़ा बन गया है। अगर सड़क बन जाए तो किसी भी विकट परिस्थिति में बुजुर्गों के बीमार होने पर उन्हें सहजता से अस्पताल ले जाया जा सकता है। पंचायती राज संगठन के सहसंयोजक हीरापाल ठाकुर ने कहा कि नगर परिषद के अध्यक्ष व स्थानीय विधायक इस विषय को गंभीरता से लें और समस्या का समाधान करें। हीरापाल ठाकुर ने कहा कि वे इस मुद्दे को लेकर सरकार से बातचीत करेंगे और लोगों को सड़क सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। वार्ड पार्षद कल्पना वर्मा ने बताया कि नगर परिषद ने कई बार इस परिवार को सड़क से जोड़ने के लिए कार्य आरंभ कराया है, लेकिन कुछ लोग अड़चन पैदा कर रहे हैं। उन्हें मनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। नगर परिषद के चेयरमैन जितेंद्र शर्मा का कहना है कि यह समस्या उनके ध्यान में है। जिसका समाधान करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
यह भी पढ़े:शिमला को जाम से निजात दिलाने टूरिज्म इंडस्ट्री ने दिए 3 सुझाव

