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उत्तराखंड विधानसभा: विपक्ष के हंगामे के बीच सभी विधेयक पारित, सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
देहरादून। कोरोना के साये में आज उत्तराखंड विधानसभा (Uttarakhand Legislative Assembly) का एक दिनी मानसून सत्र शुरू हुआ और शाम होते-होते सभी महत्वपूर्ण विधेयक पास हो जाने के बाद सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इस दौरान विपक्ष द्वारा जमकर हंगामा किया गया। विपक्ष द्वारा सदन में कोरोना वायरस (Coronavirus) के मसले पर चर्चा करने की मांग उठाई जा रही थी, लेकिन सरकार द्वारा इसे अनसुना कर दिया गया। विपक्ष का आरोप है कि प्रदेश में इस महामारी के कारण अबतक 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस वजह से कोरोना वायरस के मसले पर चर्चा की जानी चाहिए।
विपक्ष ने फाड़ी कार्यसूची: हंगामे के दौरान सदन में कुर्सी टूटी
इस दौरान विपक्षी विधायक वेल में पहुंच गए और कार्यसूची फाड़ दी। इस दौरान पीठ के समक्ष लगाई प्लास्टिक की सीट भी टूट गई। हालांकि सत्तापक्ष और सदन के ऊपर विपक्ष की इस मांग का जरा भी प्रभाव नहीं पड़ा और सदन के महत्वपूर्ण कार्य निपट जाने के बाद लोहाघाट से सत्ता पक्ष के विधायक पूरण सिंह फर्त्याल ने नियम 58 के तहत कार्य स्थगन प्रस्ताव पेश किया। इसके बाद सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। बताया गया कि विपक्ष कार्यमंत्रणा समिति ने जिन मुद्दों पर चर्चा के लिए मंजूरी दी थी उन पर वो विस्तार से चर्चा चाहता था लेकिन सत्ता पक्ष की दलील थी कि कोरोना की वजह से एक दिन का सत्र है इसलिए समय सीमा सीमित है।
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विपक्ष अनियंत्रित महंगाई, बढ़ती बेरोजगारी, बिगड़ती कानून व्यवस्था और कोविड-19 समेत दैवीय आपदा पर विस्तृत चर्चा चाहता था। शोर-शराबे के बीच सत्ता पक्ष ने अपना सारे बिजनेस और समस्त विधेयक पटल पर रखे और वोटिंग के जरिए पारित करा लिए। सदन की कार्यवाही 3 घण्टे 6 मिनट चली और 2 घण्टे 9 मिनट बाधित रहा। अब बताया जा रहा है कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को सुबह 11 बजे राज्यपाल बेबी रानी मौर्य से मुलाकात करेगा। सत्र के दौरान सरकार विपक्ष की बात ना सुनने को लेकर प्रतिनिधिमंडल मुलाकात करेगा।
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