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Punjab की PACL Industries के बाहर ग्रामीणों ने की नारेबाजी, Satti भी रहे मौजूद

Punjab की PACL Industries के बाहर ग्रामीणों ने की नारेबाजी, Satti भी रहे मौजूद

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ऊना। जिला ऊना के पंजाब के साथ लगते पांच गांवों के ग्रामीणों ने नंगल पंजाब स्थित पीएसीएल उद्योग ( PACL Industries)के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सत्ती (Finance Commission Chairman Satpal Satti)भी मौजूद रहे। उद्योग के केमिकल युक्त पानी से जिला के पांच गांव की भूमि और पानी के स्त्रोतों को नुक्सान होने से ग्रामीणों ने जल्द ही समस्या का हल ना होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा कि उद्योग द्वारा छोड़े जाने वाले पानी से सरकारी और निजी पानी के स्त्रोत खराब हो गए है। सत्ती ने कहा कि प्रदेश सरकार कंपनी को इसके हर्जाने के लिए कोर्ट में दावा करेगी। वहीं सत्ती ने इस मामले को प्रदूषण विभाग और ग्रीन ट्रिब्यूनल( Green Tribunal)के समक्ष उठाने का भी एलान किया।

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ऊना जिला के पड़ोसी राज्य पंजाब के साथ लगते सनोली, मजारा, पुन्ना, बीनेवाल और मलूकपुर गावों के लोग पिछले लंबे अरसे से नंगल पंजाब में लगे पीएसीएल केमिकल उद्योग से खासे परेशान है। ग्रामीणों का आरोप है कि उद्योग गंदे और केमिकलयुक्त पानी को ट्रीट किये बगैर छोड़ रहा है, जिससे उनके गांवों की खेतीबाड़ी योग्य भूमि खराब हो रही है वहीं जल स्त्रोत भी खराब हो गए है। यही नहीं गांव में बीमारियां फैलने का भी खतरा बना रहता है। अपनी समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई दफा उद्योग प्रबंधन के समक्ष गुहार लगाई लेकिन आज दिन तक उनकी सुनवाई नहीं हुई। समस्या का समाधान ना होने के चलते आज ग्रामीणों ने हिमाचल प्रदेश वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती की अगुवाई में उद्योग के गेट के आगे धरना प्रदर्शन किया वहीं उद्योग प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। ग्रामीणों ने कहा कि अगर जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण उग्र प्रदर्शन को विवश हो जायेंगे।

वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि इस उद्योग के कारण ऊना जिला के पांच गांवों में पानी की दो सरकारी योजनाएं और 40 निजी योजनाएं हो गई है। सत्ती ने कहा कि उद्योग प्रबंधन को कई बार इस समस्या से अवगत करवाया गया है लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ है। सत्ती ने कहा कि इस संदर्भ में प्रदेश के जलशक्ति मंत्री से भी उनकी बात हुई है और जल्द ही उद्योग प्रबंधन के खिलाफ न्यायलय का दरवाजा खटखटाया जायेगा।

 

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