क्या होते हैं ग्रीन पटाखे और ये
नॉर्मल पटाखों से कितने है अलग
नार्मल पटाखे जलाना कई मायनों
में नुकसानदायक माना जाता है
पर्यावरण का ध्यान रखते हुए पटाखे
ना जलाने की सलाह दी जाती है
ईको-फ्रेंडली व सस्टेनेबल इंग्रीडिएंट्स
इस्तेमाल होता है इन्हें बनाते समय
ग्रीन पटाखों को जलाते वक्त
शोर कम होता है, लोगों को
कम परेशानी होती है
हवा में कम जलन पैदा करते हैं
ग्रीन पटाखे, नेचुरल रिसोर्स पर
कम पड़ता है दबाव
केमिकल कंटेंट भी काफी कम
होता है, जिसके कारण हेल्थ रिस्क
कम हो जाता है
सस्टेनेबल सेलिब्रेशन को मिलता
है बढ़ावा,बेहतर तरीके से उत्सव
को मनाना सीखते हैं लोग
हिमाचली कुड़ी की
फिल्म हुई ठुस, एक-एक
दर्शक के लिए तरसी
हिमाचली कुड़ी की
फिल्म हुई ठुस, एक-एक
दर्शक के लिए तरसी
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