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दूल्हे के घर कनाडा से बारात लेकर पहुंची दुल्हन, खेतों के बीचो बीच कुछ ऐसे हुई शादी
Wedding in Agriculture Field: आजकल शादी में लोग लाखों -करोड़ों रुपए खर्च कर रहे हैं। डेस्टिनेशन वेडिंग का भी ट्रेंड है। पंजाब के फिरोजपुर में एक अनोखी शादी देखने को मिली। वैसे तो दूल्हा बारात लेकर दुल्हन के घर जाता है लेकिन इस शादी में दुल्हन खुद बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंची, वो भी सात समंदर पार से यानि कनाडा से दुल्हन बारात लेकर पंजाब के फिरोजपुर पहुंची। यही नहीं, दूल्हा-दुल्हन ने रिश्तेदारों को जो गिफ्ट दिया उसकी हर कोई तारीफ कर रहा है। करी कलां में हुई एक शादी की चर्चा हर तरफ हो रही है।
किसान आंदोलन से प्रेरित थी शादी
यह शादी दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन से प्रेरित थी। इसीलिए शादी लड़के के खेत में खड़ी फसलों के बीच लगाए गए टेंट में हुई, जो किसी महल के अंदर की सजावट से कम नहीं लग रहा था। खड़ी फसलों के बीच लगाए गए टेंट की खूबसूरती और शादी की पूरी व्यवस्था भी जबरदस्त लग रही थी। शादी का मंडप और मिठाइयों, खाने पीने की चीजों तक में किसानों की मेहनत और गांव की मिट्टी की खुशबू आ रही थी। एनआरआई जोड़ा कनाडा से पंजाब लौटकर अपने गांव में शादी करने की अलग योजना बनाई। शादी में बांटी गई मिठाई के डिब्बों को भी किसान से जुड़े नारों से सजाया गया था और मिठाइयों के साथ शहद भी बांटा गया। इसके साथ ही दूल्हे की शेरवानी पर गेहूं की बालियां उकेरी हुई थीं, जो फसल के प्रकार और शिक्षा को दर्शा रही थीं। खेत में शादी का मंडप होने के कारण पूरा विवाह स्थल हरा-भरा नजर आ रहा था।
रिश्तेदारों को पौधे देकर विदा किया गया
एक तरफ फसलें लहरा रही थीं तो दूसरी तरफ दूल्हा-दुल्हन के लिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश था। विवाह स्थल को हरे-भरे पौधों से सजाया गया था और शादी के बाद रिश्तेदारों को पौधे देकर विदा किया गया। दूल्हा दुर्लभ और दुल्हन हरमन ने कहा कि वे पिछले साल दिल्ली में हुए किसान आंदोलन से काफी प्रेरित हुए थे। उन्होंने कहा कि, कनाडा में भी किसान आंदोलन का यथासंभव समर्थन किया और अब उन्होंने अपनी पूरी शादी खेती को समर्पित कर दी है और युवाओं को मार्गदर्शन देना चाहते हैं कि वे जमीन से जुड़े रहें।
पंकज शर्मा