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देख लीजिए CM साहब, आपके राज में लगातार 24 घंटे ड्यूटी करने को मजबूर हैं महिला कर्मचारी

देख लीजिए CM साहब, आपके राज में लगातार 24 घंटे ड्यूटी करने को मजबूर हैं महिला कर्मचारी

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शिमला। हिमाचल महिला बाल विकास विभाग द्वारा संचालित राजधानी के मशोबारा स्थित ओएससी में आउटसोर्स महिला कर्मियों (Women Worker) से बंधवा मजदूरों की तरह काम लिया जा रहा है। वन स्टॉप सेंटर मशोबारा में महिला कमर्चारियों की 24 घंटे की ड्यूटी लगाकर अधिकारी खुलेआम श्रम कानून (Labour Law) की धज्जियां उड़ा रहे हैं। केंद्रीय प्रबंधक की तरफ से बाकायदा आउटसोर्स महिला कर्मियों की 24 घण्टे नाइट ड्यूटी का रोस्टर जारी किया गया है। वहीं, कर्मियों के मुताबिक उन्हें हरहाल में रोस्टर के अनुसार 24 घंटे ड्यूटी देने के सख्त निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान भी इन महिला कर्मचारियों से नियमों को ताक पर रखकर 24 घंटे की ड्यूटी ली गयी थी।

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सांख्यिकी सहायक ने जारी किये आदेश

बता दें कि इस सेंटर को चलाने की जिम्मेदारी जिला कार्यक्रम अधिकारी का है। डी.पी.ओ दफ्तर शिमला के सांख्यिकी सहायक ने मशोबरा सेंटर के आउटसोर्स कर्मियों को लगातार चार दिन डे-नाइट ड्यूटी करने के आदेश जारी किेये हैं। रोस्टर जारी होने के बाद जब एक महिला कर्मी ने एतराज जताया तो उन्हें साफ बता दिया गया कि, “जॉब करनी है, तो लगातार चार दिन डे-नाइट ड्यूटी देनी पड़ेगी”। वहीं, इस पर महिला कर्मी ने उन्हें अपने बीमार पिता और अपने स्वास्थ्य का हवाला दिया, लेकिन अधिकारी तब भी नहीं माने।

इसके अलावे वन स्टॉप सेंटर में कार्यरत एक अन्य युवती ने आरोप लगाया है कि सेंटर में 24 घण्टे ड्यूटी देने के बावजूद उसकी अब्सेंट लगाई गई है। महिला कर्मी ने बताया कि 19 जुलाई को उसने दूसरे महिला कर्मी के आग्रह पर उसकी जगह सेंटर में 24 घंटे की ड्यटी दी थी, लेकिन फिर भी उसकी अब्सेंट लगाई गई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि महिला बाल विकास शिमला के कार्यालय का एक अधिकारी उसे ये कहकर धमका रहा है कि अब उसकी सैलरी काटी जाएगी।

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क्या कहते हैं अधिकारी

इधर मामले पर महिला बाल विकास के उपनिदेशक अर्जुन नेगी ने कहा कि वन स्टॉप सेंटर का 24 घण्टे खुला रहना अनिवार्य है, लेकिन सेंटर में कर्मचारियों की लगातार 24 घण्टे ड्यूटी नहीं लगाई जा सकती है। ये नियमों के विपरीत है। कर्मचारियों की रोटेशन के आधार पर 24 घंटे ड्यटी लगाने का प्रावधान है।
वहीं, इस मसले पर शिमला जिला कार्यक्रम अधिकारी वंदना चौहान (डी।पी।ओ।) ने भी मामले के संज्ञान लेने की बात कही है। उन्होंने भी माना कि वन स्टाप सेंटर में किसी भी आउटसोर्स स्टाफ की 24 घंटे की डयूटी नहीं लगाई जा सकती है।

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