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shimla/Stroke/himachal
स्ट्रोक आज विश्वभर में मौत और विकलांगता का एक प्रमुख कारण बन चुका है। हर दो मिनट में एक व्यक्ति स्ट्रोक से अपनी जान गंवा देता है, जबकि हर छह में से एक व्यक्ति अपने जीवनकाल में कभी न कभी स्ट्रोक का शिकार होता है। स्ट्रोक केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है। लगभग 15 से 20 फीसदी स्ट्रोक के मामले 40 वर्ष से कम आयु के लोगों में भी देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि यदि लोग सावधान रहें तो 80 फीसदी मामलों में जान बचाई जा सकती है।
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