-
Advertisement
Una में जलभराव की समस्या से निजात पाने को शुरू हुई कदमताल, सत्ती ने किया निरीक्षण
ऊना। हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना (Una) में वर्षों से बरसात के दिनों में जिला मुख्यालय के कार्यालय जलमग्न हो जाते हैं। ऐसे समय में शुरू होता है बैठकों और निरीक्षणों का दौर, लेकिन हल कोई नहीं निकलता। इस बार इस समस्या का समाधान करवाने का जिम्मा उठाया है बीजेपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती (Satpal satti) ने। मंगलवार को सत्ती ने जिला मुख्यालय के मिनी सचिवालय पहुंचकर जलभराव की समस्या का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ कोर्ट परिसर, एसपी ऑफिस और खाद्य आपूर्ति विभाग के कार्यालय पहुंचकर बरसाती पानी से हुए नुकसान का जायजा लिया और अधिकारियों से इस समस्या के समाधान को सुझाव भी लिए। इस मुद्दे को सत्ती ने बाकायदा सीएम जयराम ठाकुर (CM Jai Ram Thakur) के समक्ष भी उठाया है।
यह भी पढ़ें: ऊना में बारिश का कहरः कोर्ट परिसर और SP Office में तैरती दिखी कुर्सियां और फर्नीचर

बता दें कि पिछले दिनों 3 बार हुई बारिशों के बाद जिला मुख्यालय पानी से लबालब भर उठा था। जबकि यहां काम करने वाले कर्मचारियों समेत अपने कामों के लिए आने वाले लोगों को भी भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। सत्ती ने बताया कि ऊना शहर का यह निचला क्षेत्र है। जिसमें पूरे शहर समेत कोटला कलां और अरनियाला गांवों का भी बरसाती पानी (Rain water) पलटकर इसी क्षेत्र में आ रहा है।
यह भी पढ़ें: आधा घंटा बरसा पानी और खुल गई आपदा प्रबंधन का पोल, DSP Office में तैर रही मछलियां

उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ बैठक कर मिन्नी सचिवालय सहित अन्य क्षेत्रों में जलभराव की समस्या के हल के लिए 22 करोड़ के ड्रेनेज सिस्टम को मूर्त रूप दिया जाएगा। जिसके लिए सीएम जयराम से भी बात की गई है। इस योजना के तहत शहर समेत कोटला कलां और अरनियाला से आने वाले बरसाती पानी को नाले से स्वां नदी और लालसिंगी खड्ड में छोड़ा जाएगा। जबकि इसका स्थाई हल मिनी सचिवालय का नया भवन बनने के बाद स्वयं ही हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह वाटर लॉक एरिया है। जिसके चलते यहां सर्दियों में भी पानी खड़ा रहने की समस्या बनी रहती है।
हिमाचल और देश-दुनिया के ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group…

