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आत्मनिर्भर भारत 3.0 का ऐलान: जानें वित्त मंत्रालय के पिटारे से आपके लिए क्या निकला

 रबी की फसलों के लिए 25 हजार करोड़ रुपए की मदद

आत्मनिर्भर भारत 3.0 का ऐलान: जानें वित्त मंत्रालय के पिटारे से आपके लिए क्या निकला

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी से देश की अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sithraman) ने आत्मनिर्भर भारत पैकेज 3.0 का ऐलान कर दिया है। इस पैकेज के तहत आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की घोषणा हुई है, जिससे कि कोविड रिकवरी फेज़ के तहत नई नौकरियां पैदा हों। संगठित क्षेत्र में ईपीएफओ में रजिस्टर्ड कंपनियों में 15,000 से कम सैलरी पर भी रखे जाने वाले नए कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। 1 अक्टूबर से रिक्रूट होने वाले कर्मचारी इसका लाभ ले पाएंगे और अगले दो वर्ष तक तक इसका लाभ उठा सकेंगे। सरकार ने इसके लिए सब्सिडी सपोर्ट की घोषणा भी की है।

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आत्मनिर्भर भारत 3.0 के तहत 12 उपायों की घोषणा होगी। रोजगार को बढ़ावा देने के लिए आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की घोषणा। संगठित क्षेत्र में रोजगार को बल मिलेगा। पंजीकृत ईपीएफओ प्रतिष्ठान से जुड़ने वाले कर्मचारी को इसका फायदा होगा। इससे उन लोगों का फायदा मिलेगा जो पहले ईपीएफओ से नहीं जुडे थे या जिनकी नौकरी 1 मार्च से 30 सितंबर तक नौकरी चली गई हो। यह 1 अक्टूबर 2020 से लागू होगी। यह 30 जून 2021 तक रहेगी. वित्त मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत 2.0 अभियान के अंतर्गत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए LTC वाउचर स्कीम की घोषणा की गई थी। इसमें अच्छा विकास हो रही है। सरकार ने करदाताओं को 132800 करोड़ रुपए से अधिक का आयकर रिफंड दिया है। इमरजेंसी क्रेडिट लाइन स्कीम के तहत 61 लाख कर्जदारों को 2.05 लाख करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई। इसमें अब तक 1.52 लाख करोड़ रुपए वितरित हो चुके हैं। इससे उद्योगों को अतिरिक्त कार्यशील पूंजी मिली।

आज हुई घोषणाओं के प्रमुख बिंदु

  • – 10 सेक्टरों के लिए 1.46 लाख करोड़ रुपये की प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव योजना। इससे रोजगार और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
    – रिफॉर्म को लेकर उठाए गए बड़े कदमों की वजह से इकोनॉमी में रिकवरी देखने को मिली है।
    – सबसे बड़ी चुनौती कोरोना से लड़ने की थी। कोरोना केसों की संख्या 10 लाख केसों से घटकर 4.89 लाख रह गई है।
    – बिजली की खपत अक्टूबर के मुकाबले इस साल 12 परसेंट बढ़ी है।
    – GST कलेक्शन पिछले साल अक्टूबर से इस साल 10 परसेंट ज्यादा है।
    – रेलवे माल ढुलाई में भी इस साल तेजी से बढ़ा है।
    – अक्टूबर में बैंक क्रेडिट सालाना आधार पर 5.1 परसेंट का इजाफा देखने को मिला है।
    – मैन्यूफैक्चरिंग में अच्छी ग्रोथ रिकवरी देखने को मिली है।
    – विदेशी मुद्रा भंडार 560 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। जो अपने आप में रिकॉर्ड है।
    – ये आंकड़े बताते हैं कि भारत की इकोनॉमी तेजी से मजबूत हो रही है।
    – वन नेशन वन राशन कार्ड 20 राज्यों में लागू हो चुकी है।
    – पीएम स्वानिधि योजना 30 राज्यों में लागू है।
    – गरीबों को खाद्य गारंटी योजना पर सरकार का जोर है।
    – रबी की फसलों के लिए 25 हजार करोड़ रुपए की मदद।
    – किसान क्रेडिट कार्ड में 1 लाख 43 हजार 262 करोड़ रुपए दो चरणों में किसानों को दिया जा चुका है।

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