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GST के दायरे में लाने से घट सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, पढ़ें क्या है पूरा खेल

GST के दायरे में लाने से घट सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, पढ़ें क्या है पूरा खेल

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नई दिल्ली। भारत में भले ही जीएसटी (GST) लागू कर दिया गया है, लेकिन पेट्रोल और डीजल (Petrol-Diesel GST) अभी भी जीएसटी के दायरे में नहीं आए हैं। इसका कारण साफ है राज्यों को पेट्रोल और डीजल (Petrol-Diesel) में मिलने वाले टैक्स की कमी आएगी। इस बीच पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों (Petrol Diesel Price) से एक बार फिर इन्हें जीएसटी के दायरे में लाने की चर्चा तेज हो गई है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है तो वहीं आम आदमी भी महंगाई के कारण परेशान है। ऐसे में अब पूरे मामले को समझते हैं कि आखिर माजरा क्या है।


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आपको बता दें कि इस समय देश की राजधानी दिल्ली (Delhi Petrol Price) में एक लीटर डीजल की कीमत 81.47 रुपए और पेट्रोल की कीमत 91.17 रुपए है। दरअसल देश के अर्थशास्त्रियों (Economists) एक फॉर्मूला तैयार किया है। इस फार्मूले के मुताबिक देश में पेट्रोल 75 रुपए प्रति लीटर तक नीचे आ सकता है। इस पर अब SBI के अर्थशास्त्रियों (SBI Economists) ने एक रिपोर्ट साझा की है। इसमें भी एसबीआई की रिसर्च टीम (SBI Research Team) ने पेट्रोल-डीजल को जीएसटी (GST) के दायरे में लाने का सुझाव दिया है।

यही नहीं, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी (Petrol-Diesel GST) के दायरे में लाने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है। यदि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी में लाया जाता है तो फिर पेट्रोल के दाम घटकर (Petrol Prices Reduced) 75 रुपए लीटर और डीजल 68 रुपए लीटर तक नीचे आ सकते हैं। इस हिसाब देखा जाए तो आज की कीमत के मुकाबले पेट्रोल (Petrol) करीब 16 रुपए और डीजल 13 रुपए सस्ता हो जाएगा। SBI की ओर से जारी ईकोरैप रिपोर्ट (EcoRap Report) में साफ कहा गया है कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने से केंद्र और राज्य सरकारों की कमाई में एक लाख करोड़ रुपए की कमी आएगी।

हालांकि यह कमी GDP का सिर्फ 0.4 फीसदी है। आपको बता दें कि इस रिपोर्ट को एसबीआई की ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर डॉक्टर सौम्या कांति घोष (Soumya Kanti Ghosh) ने तैयार किया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे कितनी कमी केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के राजस्व में आएगी और यह नुकसान कितना बड़ा होगा। इसके साथ ही यह भी बताया गया है कि कैसे पेट्रोल और डीजल की कीमत 75 रुपए लीटर तक नीचे आ जाएगी।

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