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CDSCO / DrugAlert / NSQDrugs /CMSukhu / HimachalPradesh
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन और राज्य दवा नियामकों द्वारा की गई राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता जांच में देशभर की 205 दवाएं नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी (पाई गई हैं, जिनमें हिमाचल प्रदेश के दवा उद्योगों में निर्मित 49 दवाएं भी शामिल हैं। गुणवत्ता के तय मानकों पर खरा न उतरने वाली ये दवाएं बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़, सोलन, कालाअंब, पांवटा साहिब और ऊना स्थित औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित फार्मास्यूटिकल इकाइयों में निर्मित की गई थीं। यह खुलासा सीडीएससीओ द्वारा जारी नवंबर माह के मासिक ड्रग अलर्ट में हुआ है। जांच प्रक्रिया के दौरान राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं में हिमाचल की 37 दवाओं और सीडीएससीओ की केंद्रीय प्रयोगशालाओं में 12 दवाओं के सैंपल एनएसक्यू घोषित किए गए। ड्रग अलर्ट के अनुसारए हिमाचल की जिन कंपनियों की दवाएं गुणवत्ता जांच में फेल हुई हैं, उनमें सबसे अधिक पांच दवाएं कालाअंब स्थित एक कंपनी की पाई गई हैं। जिन दवाओं के सैंपल गुणवत्ता जांच में फेल हुए हैं, उनसे संबंधित सभी कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूरे बैच को बाजार से तुरंत रिकॉल करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही संबंधित दवा निरीक्षकों को इन फार्मास्यूटिकल इकाइयों का रिस्क बेस्ड निरीक्षण करने के आदेश भी दिए गए है।
