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विधायक प्राथमिकता बैठक में #jairam का बड़ा ऐलान, अब जिला स्तर पर होगा ऐसा

साल में एक बार जिला स्तर पर भी आयोजित होगी योजना बैठक

विधायक प्राथमिकता बैठक में #jairam का बड़ा ऐलान, अब जिला स्तर पर होगा ऐसा

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शिमला। वर्ष में एक बार योजना बैठक जिला स्तर पर भी आयोजित की जाएगी, ताकि निर्वाचित प्रतिनिधियों को जिला स्तर पर अपनी विकासात्मक आवश्यकताओं को सरकार के समक्ष रखने का अवसर प्राप्त हो सके। सीएम जयराम ठाकुर (CM Jai Ram Thakur) ने आज यहां विधायक प्राथमिकता बैठक के दूसरे सत्र में सोलन, शिमला (Shimla), किन्नौर और लाहुल-स्पीति जिलों के विधायकों को संबोधित करते हुए यह बात कही। वहीं, उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की आधारशिलाओं और लोकार्पण की पट्टिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि जिन पट्टिकाओं को नुकसान पहुंचाया गया है, उन्हें तुरंत ठीक किया जाए। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले तीन वर्षों में राज्य का संतुलित विकास सुनिश्चित किया है और उन क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है जो किसी कारण से विकास के मामले में पीछे छूट गए थे। राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई हिमकेयर योजना के अंतर्गत 121 करोड़ रुपये व्यय कर लगभग 1.25 लाख लोगों को लाभ पहुंचाया गया है।


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जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान 2033 करोड़ रुपये लागत की 433 विधायक प्राथमिकता योजनाएं स्वीकृत की गईं थीं, जबकि वर्तमान सरकार की तीन वर्ष की अवधि में 2382 करोड़ रुपये की 639 विधायक प्राथमिकता योजनाएं (MLA Priority Schemes) स्वीकृत की गई हैं। इसी प्रकार, पूर्व सरकार के पहले तीन वर्ष के कार्यकाल में विधायक प्राथमिकताओं के कार्यान्वयन के लिए 1276 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जबकि वर्तमान सरकार ने अपने तीन वर्ष के कार्यकाल में 2221 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। उन्होंने कोविड-19 महामारी परे नियंत्रण पाने के लिए सभी विधायकों के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विधायकों ने अपने वेतन से एक बड़ी धनराशि मुख्यमंत्री कोविड फंड के लिए दी। उन्होंने कहा कि राज्य विधायक विकास निधि को आरंभ में रोका गया लेकिन मानसून सत्र (Monsoon Session) में इस फंड के 50 लाख रुपये बहाल किए गए, जिससे विधायकों को अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए धनराशि प्रदान करने में सहायता मिली है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के कुल 68 विधायकों में से 57 ने इन बैठकों में भाग लेकर अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को जन आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करने के लिए कर्मठता और समर्पण की भावना से कार्य करना चाहिए। सीमित संसाधनों के बावजूद प्रदेश सरकार सुनिश्चित करेगी कि विधायकों की सभी प्राथमिकताओं को तरजीह मिले। उन्होंने कहा कि पूर्ण राज्यत्व के स्वर्ण जयंती वर्ष को शानदार तरीके से आयोजित करने के लिए विधायकों को अपने सुझाव देने के लिए आगे आना चाहिए।

एफआरए और एफसीए मंजूरी में देरी पर चिंता

किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी ने एफआरए (FRA) और एफसीए (FCA) मंजूरी में देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से फंसी विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य में तेजी लाने के लिए विशेष प्रयास करने की जरूरत है। जिला सोलन (Solan) के नालागढ़ के विधायक लखविंद्र सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों की तर्ज पर बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में भी घरों के नक्शों की ऑनलाइन स्वीकृति की प्रक्रिया आरंभ की जाए। दून के विधायक परमजीत सिंह पम्मी का कहना था कि औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद दून विधानसभा क्षेत्र में कोई उपमंडल नहीं है। उन्होंने बद्दी में एसडीएम (SDM) और बीडीओ (BDO) कार्यालय खोलने का अनुरोध किया। सोलन के विधायक कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में जलापूर्ति योजनाओं के लिए डीपीआर शीघ्र तैयार की जानी चाहिए। सोलन शहर की ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए शामती बाई-पास के शीघ्र निर्माण को सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने समयबद्ध तरीके से डीपीआर तैयार करने पर बल दिया ताकि विकास परियोजनाएं शीघ्र पूरी की जा सकें।

हाटू मंदिर के लिए वन-वे सड़क की सुविधा मांगी

चौपाल के विधायक बलबीर सिंह वर्मा ने चौपाल स्थित नागरिक अस्पताल में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने और नेरवा में नागरिक अस्पताल के निर्माण के लिए उपयुक्त धनराशि का प्रावधान करने का मामला उठाया। ठियोग के विधायक राकेश सिंघा ने हाटू मंदिर के लिए वन-वे सड़क की सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की ताकि इस मार्ग पर यातायात को नियंत्रित किया जा सके। कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनिरूद्ध सिंह ने आग्रह किया कि शिमला शहर में यातायात समस्या के समाधान के लिए लक्कड़-बाजार बस स्टैंड को ढली स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने नागरिक अस्पताल जुन्गा में चिकित्सकों के पर्याप्त पद भरने और मशोबरा-भेखल्टी सड़क पर और क्रैश बैरियर लगाने का भी आग्रह किया। रोहड़ू के विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने कहा कि नाबार्ड की धनराशि में वृद्धि की जाए ताकि विधायकों को विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध हो सके।

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