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पेंशनर्स के सम्मान में HPBOSE की ‘सच्ची चौपाल’,कल सजेगी शिकायतों के निवारण की अदालत
HPBOSE: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के गलियारों में कल यानी बुधवार, 18 फरवरी का दिन एक नई इबारत लिखने जा रहा है। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा की उस विशेष मुहिम का कल निर्णायक दिन है, जिसका मुख्य उद्देश्य फाइलों के बोझ तले दबे बुजुर्ग पेंशनर्स के हक को उनकी दहलीज तक पहुंचाना है। कल बोर्ड मुख्यालय में सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ एक विशेष ‘महा-मंथन’ आयोजित किया जा रहा है, जहाँ मेजों पर रखी फाइलें नहीं, बल्कि बुजुर्गों की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा।
परिणाम देने वाला मंच’ साबित होगी
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने स्पष्ट किया है कि यह बैठक महज एक औपचारिक चर्चा न होकर एक ‘परिणाम देने वाला मंच’ साबित होगी। आमतौर पर सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को अपने ही हक के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं, लेकिन इस नई पहल के तहत बोर्ड अब खुद ‘एक्शन मोड’ में है। इस कार्यक्रम के दौरान पारिवारिक पेंशन, लंबित एरियर, चिकित्सा बिलों के भुगतान और तकनीकी बाधाओं जैसे संवेदनशील मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने की रणनीति तैयार की गई है। कल होने वाले इस आयोजन की सबसे बड़ी खूबी ‘ऑन-द-स्पॉट’ फैसले और प्रभावी मॉनिटरिंग होगी।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों में उम्मीद की नई किरण जगी
डॉ. शर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जो मामले बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, उनका निपटारा कल ही कर दिया जाए। वहीं, जिन फाइलों पर प्रदेश सरकार या अन्य उच्च विभागों की मंजूरी अनिवार्य है, बोर्ड प्रशासन खुद आगे बढ़कर संबंधित अथॉरिटी के पास उन मामलों की पैरवी करेगा ताकि बुजुर्ग पेंशनर्स को अनावश्यक मानसिक तनाव से मुक्ति मिल सके।बोर्ड के इस सार्थक कदम से सैकड़ों सेवानिवृत्त कर्मचारियों में उम्मीद की नई किरण जगी है। प्रेस नोट के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि बोर्ड अपने पूर्व कर्मचारियों के अनुभवों का न केवल सम्मान करता है, बल्कि उनकी परेशानियों को व्यावहारिक और विधिसम्मत तरीके से हल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
अमित महाजन
