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‘गादेन फोडंग ट्रस्ट’ के पास भावी पुनर्जन्म को मान्यता देने का अधिकार, चीन की कोई भूमिका नहीं
Dalai lama: धर्मशाला में शुरू हुए 15वें तिब्बती धार्मिक सम्मेलन के मौके पर दलाई लामा की ओर से स्पष्ट किया गया कि दलाई लामा की संस्था भविष्य में भी जारी रहेगी। उनके देहांत के बाद उनके उत्तराधिकारी का चयन भी तिब्बती बौद्ध परंपराओं के अनुसार ही होगा। तिब्बत और बौद्ध धर्म में चीन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए दलाई लामा ने यह भी स्पष्ट रूप से कहा है कि उनके उत्तराधिकारी के चयन में चीन की कोई भूमिका नहीं होगी। अगर चीन ऐसा करने की कोशिश भी करता है तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दलाई लामा लाइब्रेरी एंड आर्काइव में धार्मिक सम्मेलन
धर्मशाला स्थित दलाई लामा लाइब्रेरी एंड आर्काइव में धार्मिक सम्मेलन में तिब्बती बौद्ध धर्म की विभिन्न परंपराओं के प्रमुख लामाओं, तिब्बती संसद, सिविल सोसाइटी, संगठनों और दुनिया भर से आए तिब्बती समुदाय के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। वीडियो संदेश के माध्यम से 14वें दलाई लामा ने बताया कि उन्होंने अपने उत्तराधिकारी के चयन की जिम्मेदारी ‘गादेन फोडंग ट्रस्ट’ को सौंपी है। उन्होंने दोहराया कि अगले दलाई लामा की पहचान और मान्यता की पूरी प्रक्रिया का अधिकार केवल ट्रस्ट को है। कोई अन्य व्यक्ति, संगठन या सरकार इस प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं कर सकती।
कोई और अगले दलाई लामा की नियुक्ति नहीं कर सकता
दलाई लामा ने कहा कि ट्रस्ट के अलावा कोई और अगले दलाई लामा की नियुक्ति नहीं कर सकता है। इस घोषणा ने उन चर्चाओं पर विराम लगा दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि चीन मौजूदा दलाई लामा की मौत के बाद खुद 15वें दलाई लामा की नियुक्ति कर देगा। उन्होंने कहा कि 24 सितंबर 2011 को भी उन्होंने कहा था कि जब वह 90 वर्ष के आसपास हो जाएंगे, तब इस विषय पर निर्णय लेंगे। सम्मेलन में तिब्बती बौद्ध धर्म की विभिन्न परंपराओं के प्रमुख लामाओं, तिब्बती संसद, सिविल सोसाइटी, संगठनों और दुनिया भर से आए तिब्बती समुदाय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
रविंद्र चौधरी
