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देश सेवा का जज्बा लिए परौर के हर्षुल राणा बने Army में लेफ्टिनेंट

देश सेवा का जज्बा लिए परौर के हर्षुल राणा बने Army में लेफ्टिनेंट

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पालमपुर। देश सेवा की शपथ लेकर आज हिमाचल के 14 सपूत सेना में लेफ्टिनेट( Lieutenant in Indian Army) बने हैं। इनमें जिला कांगड़ा के परौर के हर्षुल राणा भी शामिल हैं। हर्षुल राणा ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई माउंट कार्मल स्कूल से की है और इसके बाद सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा( sainik School Sujanpur Tehra) से शिक्षा प्रप्त की। सुजानपुर से पढ़ाई करने के बाद हर्षुल का सिलेक्शन एनडीए ( NDA) में हुआ। तीन वर्ष तक पूणे और फिक एक वर्ष इंडियन मिलिट्री अकादमी देहरादून से पासआउट हुए हर्षुल अब हिसार हरियाणा कोर सिग्नल में बतौर लेफ्टिनेंट सेवाएं देंगे। बेटे की इस उपलब्धि पर अध्यापक माता-पिता डिंपल राणा व सरिता राणा से खुशी जाहिर की है।


हर्षुल के पिता डिंपल राणा का कहना है कि उनका बेटा शुरू से ही बहुत मेहनती था। अपनी मेहनत के बल पर उसने आज यह मुकाम हासिल किया है। उसकी रुचि केवल पढ़ाई में ही रही है। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में भी वह कोर सिग्नल में अपना बेस्ट कर के दिखाएगा। माता सरिता राणा ने बताया कि माता- पिता के लिए वह क्षण गौरव का होता, जब उनका बेटा सेना में यह मुकाम हासिल करता है। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के चलते बेशक वे पासिंग आउट परेड में नहीं जा पाए, लेकिन उन का बेटा हर कदम पर सफलता हासिल करे, यहीं वे कामना करते हैं। हर्षुल की बुआ लवली ने भतीजे की सफलता पर खुशी जाहिर की है और उसके उज्जवल भविष्य की कामना की है। हर्षुल के दादा-दादी शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं।

भारतीय थल सेना में 333 कैडेट्स शामिल हुए

जाहिर है देहरादून में आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद आज भारतीय थल सेना में 333 कैडेट्स शामिल हुए। सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में ऐसा पहली बार हुआ है जब पासिंग आउट परेड के बाद नए अधिकारियों को सीधे यूनिट में तैनाती दे दी जाएगी।कोरोना महामारी कारण इस बार कैडेट्स के परिजन भी परेड में शामिल नहीं हो सके।आम तौर पर पासिंग आउट परेड के बाद सेना में अफसरों को 15-20 दिन की छुट्टी दी जाती है और इसके बाद ड्यूटी पर भेजा जाता है। लेकिन इस बार पास आउट कैडेट्स को अफसर बनने के 24 घंटे के भीतर तैनाती दी जा रही है। इसका कारण ये है कि कोरोना के इस दौर में छुट्टी के बाद ट्रैवल करना सेफ नहीं है। इस प्रकार ट्रेनिंग के दौरान कैडेट्स को बाहर निकलने पर हर वक्त मास्क लगाना और सैनिटाइजर साथ में रखना अनिवार्य कर दिया गया। इसके अलावा किसी भी चीज को टच करने पर पाबंदी लगा दी गई है।

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