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लाइब्रेरियन की भर्ती और प्रमोशन के लिए हिमाचल सरकार ने मांगी मोहलत
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार (Himachal Govt) ने हाईकोर्ट से जेओए (लाइब्रेरियन) (Librarian) के पदों पर भर्ती और प्रमोशन के नियम बनाने के लिए 3 माह की मोहलत मांगी है। नियम बनने के बाद ही प्रदेश के स्कूलों में लाइब्रेरियन के खाली पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूलों में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (लाइब्रेरियन) के नाम से भरे जाने वाले पदों के लिए 6 माह के भीतर भर्ती एवं प्रमोशन नियमों (Promotion Rules) को अंतिम रूप देने के लिए आदेश दिए थे। पहले जिन पदों को असिस्टेंट लाइब्रेरियन के नाम से जाना जाता था, उनके स्थान पर नए कैडर के जेओए (लाइब्रेरियन) के करीब 2000 पद शिक्षा विभाग (Education Department) में खाली (Vacant) पड़े हैं। इन पदों के लिए भर्ती नियम नए सिरे से बनाए जाने हैं। इसके बाद ही भर्तियां की जा सकती हैं।
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने तत्तापानी निवासी प्रताप सिंह ठाकुर की ओर से मुख्य न्यायाधीश के नाम लिखे पत्र से जुड़े मामले का निपटारा करते हुए उपरोक्त आदेश पारित किए थे। अपने आदेशों की अनुपालना के लिए मामले को 20 नवम्बर के लिए सूचीबद्ध करने के आदेश पारित किए गए थे। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सरकार द्वारा अतिरिक्त समय की मांग को स्वीकारते हुए अगली सुनवाई 12 मार्च 2024 को निर्धारित की है।
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पत्र में लगाए थे यह आरोप
पत्र के माध्यम से आरोप लगाया गया है कि सरकारी स्कूलों में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट लाइब्रेरियन के दो हजार से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। सरकारी स्कूलों में इन पदों के खाली रहते बच्चे निजी स्कूलों (Private Schools) की तरफ रुख कर रहे हैं। यह भी आरोप लगाया गया है कि गरीब लोग निजी स्कूलों की फीस नहीं दे पाते और सरकारी स्कूलों में पुस्तकालय (Library) न होने की वजह से बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं में फेल हो जाते हैं। पत्र के माध्यम से गुहार लगाई थी कि राज्य सरकार को सरकारी स्कूलों में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट और लाइब्रेरियन के पद भरने के आदेश दिए जाए।
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