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नए शैक्षणिक सत्र से परीक्षा पैटर्न में बदलाव करेगा HPBOSE , बोर्ड कर्मियों को तीन फीसदी डीए
HPBOSE: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ राजेश शर्मा ने कहा शिक्षा बोर्ड अब परीक्षा पैटर्न में बदलाव करने जा रहा है। नई व्यवस्था आने वाले नए शैक्षणिक सत्र से लागू होगी। इसके अलावा उन्होंने बोर्ड कर्मचारियों को तीन फीसदी डीए देने का भी ऐलान किया।
मीडिया से बातचीत के दौरान डॉ राजेश शर्मा ने कहा कि स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में ए, बी और सी तीनों सीरीज में अब एक जैसे सवाल पूछे जाएंगे, इनकी केवल नंबरिंग अलग-अलग होगी। पूर्व में तीनों सीरीज में अलग-अलग सवाल होते थे। उन्होंने कहा कि इससे छात्रों को समान अवसर व प्रतिस्पर्धा का मौका मिलेगा। तीनों सीरीज में अब एक जैसे सवाल होंगे। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत सभी औपचारिकताएं पूरी करने वाला हिमाचल पहला राज्य है।
एनसीईआरटी द्वारा तैयार नया पाठ्यक्रम लागू होगा
डॉ राजेश शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बोर्ड ने एक और बड़ा बदलाव किया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के कक्षा चार से छह तक के विद्यार्थियों के लिए दिल्ली एनसीईआरटी द्वारा तैयार नया पाठ्यक्रम लागू होगा। इस नई व्यवस्था से छात्रों को पूरे देश में समान स्तर की शिक्षा प्राप्त होगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सभी पाठ्यपुस्तकें एनसीईआरटी, दिल्ली के साथ प्रकाशन अनुबंध के तहत ही मुद्रित और वितरित की जाएंगी।इससे गुणवत्ता और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।राज्य के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे नीट और जेईई के लिए तैयार करने के उद्देश्य से बोर्ड ने परीक्षा प्रणाली में एक और सुधार किया है।
बीस प्रतिशत प्रश्न वस्तुनिष्ठ होंगे
डॉ राजेश शर्मा ने कहा कि अब बोर्ड परीक्षाओं में बीस प्रतिशत प्रश्न वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) होंगे और उनके उत्तर ओएमआर पत्रक में अंकित किए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय परीक्षा प्रारूप का अनुभव प्राप्त होगा। इन सभी सुधारों का उद्देश्य एक समान, निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था विकसित करना है, ताकि हिमाचल के विद्यार्थी राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकें। यह कदम शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, विश्वसनीय और विद्यार्थी-केंद्रित बनाएगा।
रविंद्र चौधरी
