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विज्ञान विषयः अध्याय-2……… अम्ल, क्षारक एवं लवण

विज्ञान विषयः अध्याय-2……… अम्ल, क्षारक एवं लवण

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प्रश्न-आप को तीन परखनलियां दी गई हैं। इनमें से एक में आसवित जल एवं शेष दो में से एक में अम्लीय विलयन तथा दूसरे में क्षारीय विलयन है। यदि आप को केवल लाल लिटमस पत्र दिया जाता है तो आप प्रत्येक परखनली में रखे गए पदार्थों की पहचान कैसे करेंगे?

उत्तर-तीनों परखनलियों में लाल लिटमस पत्र को डुबाओ। जिस परखनली में इस का रंग नीला हो जाएगा वह क्षारीय विलयन होगा। जिन अन्य दो परखनलियों में रंग परिवर्तन नहीं होगा उन में जल और अम्लीय विलयन होगा। अब इसी लिटमस पत्र को, जो क्षारीय विलयन में डालने से नीला हो चुका है, उसे जल और अम्लीय विलयन में डालो। जिस परखनली में रंग में कोई परिवर्तन नहीं होगा उस में जल होगा पर जिस परखनली में अम्लीय विलयन होगा उस में नीले लिटमस का रंग पुन: लाल हो जाएगा।


प्रश्न—–

प्रश्न 1. पीतल एवं तांबे के बर्तनों में दही एवं खट्टे पदार्थ क्यों नहीं रखने चाहिए?

(H.P. 2009, Set A, 2012 Set B, C)

उत्तर-यदि पीतल एवं तांबे के बर्तनों में दही एवं खट्टे पदार्थ रखे जाएंगे तो वे अम्लों की उपस्थिति के कारण धातु की सतह से क्रिया कर विषैले यौगिकों का निर्माण करेंगे जो हमारे शरीर के लिए हानिकारक होंगे। इसलिए पीतल एवं तांबे के बर्तनों में इन पदार्थों को नहीं रखना चाहिए।

प्रश्न 2. धातु के साथ अम्ल की अभिक्रिया होने पर सामान्यत: कौन-सी गैस निकलती है? एक उदाहरण के द्वारा समझाइए। इस गैस की उपस्थिति की जांच आप कैसे करेंगे?

उत्तर-जब धातु के साथ अम्ल अभिक्रिया करते हैं तब प्राय: हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है।

Zn (s)   +   H2SO4 (dil)         ZnSO4 (aq)     +    H2 (g)

जिंक     सल्फ्यूरिक अम्ल        जिंक सल्फेट      हाइड्रोजन

हाइड्रोजन गैस को साबुन के घोल से गुजारो। बुलबुले उत्पन्न होंगे। उन बुलबुलों के निकट जलती हुई मोमबत्ती की ज्वाला लाओ। वे फट-फट की ध्वनि के साथ जलेंगे। इस से हाइड्रोजन गैस की उपस्थिति सिद्ध हो जाती है।

प्रश्न 3. कोई धातु यौगिक Aतनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है तो बुदबुदाहट उत्पन्न होती है। इससे उत्पन्न गैस जलती मोमबत्ती को बुझा देती है। यदि उत्पन्न यौगिकों में एक कैल्सियम क्लोराइड है, तो इस अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।

उत्तर-इस अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण है-

 

CaCO3 (s)       +           2HC12 (dil)                    CaC12 (aq) + H2O (1)    +    CO2 (g)

कैल्सियम कार्बोनेट                                              कैल्सियम क्लोराइड       कार्बन डाइऑक्साइड

(यौगिक ‘A’)

यौगिक ‘A’ अवश्य ही कैल्सियम कार्बोनेट है। यह तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से क्रिया कर कैल्सियम क्लोराइड, जल और कार्बन डाइऑक्साइड बनाता है। कार्बन डाइऑक्साइड में आग बुझाने का गुण होता है। इसीलिए वह जलती मोमबत्ती को बुझा देती है।

प्रश्न – – –

प्रश्न 1. HC1, HNO3 आदि जलीय विलयन में अम्लीय अभिलक्षण क्यों प्रदर्शित करते हैं, जबकि ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज जैसे यौगिकों के विलयनों में अम्लीयता के अभिलक्षण नहीं प्रदर्शित करते हैं?

उत्तर-HC1, HNO3 आदि जलीय विलयन में अम्लीय अभिलक्षण प्रदर्शित करते हैं, क्योंकि ये जलीय विलयन में आयनीकरण कर के H+ आयन उत्पन्न करते हैं। जबकि ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज आयनीकरण नहीं करते और विद्युत H+ आयन को उत्पन्न नहीं करते। ये जलीय विलयन में विद्युत चालकता का गुण प्रदर्शित नहीं करते। इसलिए ये अम्लीयता के अभिलक्षण प्रदर्शित नहीं करते हैं।

प्रश्न 2. अम्ल का जलीय विलयन क्यों विद्युत का चालन करता है?

(H.P. 2009, Set B, 2010, 2013 Set B,C, 2014 Set B,C)

उत्तर-अम्ल का जलीय विलयन विद्युत का चालन करता है क्योंकि यह जलीय विलयन में आयनीकरण करके हाइड्रोजन आयन H+(aq) उत्पन्न करता है।

प्रश्न 3. शुष्क हाइड्रोक्लोरिक गैस शुष्क लिटमस पत्र का रंग क्यों नहीं बदलती है?

उत्तर-शुष्क हाइड्रोक्लोरिक गैस शुष्क लिटमस पत्र का रंग नहीं बदलती क्योंकि जल की अनुपस्थिति में यह आयनीकरण न कर पाने के कारण H+ आयन उत्पन्न नहीं कर पाती।

प्रश्न 4. अम्ल को तनुकृत करते समय यह क्यों अनुशंसित करते हैं कि अम्ल को जल में मिलाना चाहिए न कि जल को अम्ल में?                                                                                                      (H.P. 2009, Set C

उत्तर-जल में अम्ल के घुलने की प्रक्रिया अत्यंत ऊष्माक्षेपी होती है। इसलिए जल में किसी सांद्र अम्ल को सावधानीपूर्वक मिलाना चाहिए। अम्ल और जल को धीरे-धीरे हिलाते रहना चाहिए। ऐसा न करने पर अम्ल में जल मिलाने पर उत्पन्न ऊष्मा के कारण मिश्रण आस्फलित हो कर बाहर आ सकता है। इससे स्थानीय ताप बढ़ जाता है जिस कारण उपयोग किया जाने वाला कांच का पात्र टूट भी सकता है।

प्रश्न 5. अम्ल के विलयन को तनुकृत करते समय हाइडोनियम आयन (H3O+) की सांद्रता कैसे प्रभावित हो जाती है?                                                                                               (H.P. 2009 Set III, 2013 Set-III, 2014 Set II)

उत्तर-जल में अम्ल के विलयन को तनुकृत करते समय आयन की सांद्रता (H3O+/OH) में प्रति इकाई आयतन की कमी हो जाती है और विलयन तनु से अधिक तनु हो जाता है।

प्रश्न 6. जब सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में आधिक्य क्षारक मिलते हैं तो हाइड्रॉक्साइड आयन (OH) की सांद्रता कैसे प्रभावित होती है?

उत्तर-जब सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में आधिक्य क्षारक मिलाते हैं तो हाइड्रॉक्साइड आयन (OH) की सांद्रता प्रति इकाई आयतन बढ़ती जाती है।

प्रश्न 7. जल की अनुपस्थिति में हाइड्रोजन आयन का व्यवहार अम्लीय क्यों नहीं होता है?

                                                                                                               (H.P. 2013, Set-C, 2016 Set-A) उत्तर-जल की उपस्थिति में हाइड्रोजन आयन उत्पन्न होते हैं।

HC1 + H2O → H3O + C1

लेकिन जल की अनुपस्थिति में HC1 से H+ आयन पृथक नहीं हो सकते। हाइड्रोजन स्वतंत्र आयन के रूप में नहीं रह सकते। ये जल के अणुओं के साथ मिलकर ही रह सकते हैं। इसलिए जल की अनुपस्थिति में अम्ल का व्यवहार नहीं होता है।

प्रश्न—–

प्रश्न 1. आप के पास दो विलयन Aएवं Bहै। विलयन Aके pH का मान 6 है एवं विलयन Bके pH का मान 8 है। किस विलयन में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता अधिक है। इनमें से कौन अम्लीय है तथा कौन क्षारकीय?

उत्तर-विलयन ‘A’ के pH का मान 6 है एवं विलयन ‘B’ के pH का मान 8 है। इसलिए विलयन ‘A’ की H+ सांद्रता 1×10-6M है तथा विलयन ‘B’ की 1×10-8M है। अत: विलयन ‘A’ की हाइड्रोजन आयन सांद्रता विलयन ‘B’ की अपेक्षा अधिक है। विलयन A का pH मान 7 से कम है इसलिए वह अम्लीय है। विलयन B का pH मान 7 से अधिक है। इसलिए वह क्षारकीय है।

प्रश्न 2. H+ (aq) आयन की सांद्रता का विलयन की प्रकृति पर क्या प्रभाव पड़ता है?

(H.P. 2013, Set III)

उत्तर- H+ (aq) आयन की सांद्रता का विलयन की प्रकृति पर प्रभाव पड़ता है। H+ (aq) की जितनी सांद्रता होगी, उतना ही विलयन अधिक अम्लीय होगा। जल की अनुपस्थिति में अम्ल का व्यवहार अम्लीय नहीं होता।

प्रश्न 3. क्या क्षारकीय विलयन में H+ (aq) आयन होते हैं? अगर हां, तो यह क्षारकीय क्यों होते हैं?

उत्तर-क्षारकीय विलयन में H+ (aq) आयन होते हैं पर साथ ही उसमें OHआयन भी होते हैं। वे क्षारकीय इसलिए होते हैं क्योंकि उनमें OH आयन की सांद्रता अधिक H+ आयन की अपेक्षा अधिक होती है।

प्रश्न 4. कोई किसान खेत की मृदा की किस परिस्थिति में बिना बुझा हुआ चूना (कैल्सियम ऑक्साइड) बुझा हुआ चूना (कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड) या चॉक (कैल्सियम कार्बोनेट) का उपयोग करेगा?

उत्तर-बिना बुझा हुआ चूना (CaO), बुझा हुआ चूना [Ca (OH)2] और चॉक (CaCO3) प्रकृति से क्षारकीय हैं इसलिए किसान खेत की मृदा में इन का उपयोग कर सकेगा। यदि उस खेत की प्रकृति अम्लीय है।

प्रश्न——-

प्रश्न 1. CaOC12 यौगिक का प्रचलित नाम क्या है ?

(H.P. Dec. 2008, 2010 Set C, 2011 Set C, 2012 Set C)

उत्तर-विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder)।

प्रश्न 2. उस पदार्थ का नाम बताइए जो क्लोरीन से क्रिया करके विरंजक चूर्ण बनाता है?

उत्तर-शुष्क बुझा हुआ चूना Ca (OH)2

प्रश्न 3. कठोर जल को मृदु करने के लिए किस सोडियम यौगिक का उपयोग किया जाता है?

(H.P. 2012 Set C 2013 Set II)

उत्तर-धावन सोडा (Na2CO3)

प्रश्न 4. सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट के विलयन को गर्म करने पर क्या होगा? इस अभिक्रिया के लिए समीकरण लिखिए।

उत्तर-सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट गर्म करने पर सोडियम कार्बोनेट कार्बन डाइऑक्साइड और जल में विघटित हो जाएगा।

2NaHCO3              →              NO2CO3           +             CO2       +           H2O

(सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट)  (सोडियम कार्बोनेट)        (कार्बन डाइऑक्साइड)   (जल)

प्रश्न 5. प्लास्टर ऑफ पेरिस का जल के साथ अभिक्रिया के लिए समीकरण लिखिए। (H.P. 2015)

उत्तर-प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO4 ½ H2O) जल के साथ अभिक्रिया करके जिप्सम (CaSO4.2H20) बनाता है और लगभग आधे घंटे में जम कर ठोस बन जाता है।

CaSO4 ½  H2O        +         1 ½ H2O   →    CaSO4.2H2O

(प्लास्टर ऑफ पेरिस)        (जल)               जिप्सम

अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर

प्रश्न 1. कोई विलयन लाल लिटमस को नीला कर देता है, इसका pH संभवत: क्या होगा?

(a) 1                  (b) 4

(c) 5                   (d) 10.

उत्तर-विलयन लाल लिटमस को नीला कर देता है इसलिए इसका pH अवश्य 7 से अधिक होना चाहिए। अत: (d) ठीक उत्तर है।

प्रश्न 2. कोई विलयन अंडे के पिसे हुए कवच से अभिक्रिया कर एक गैस उत्पन्न करता है जो चूने के पानी को दूधिया कर देता है। इस विलयन में क्या होगा?

(a) NaC1             (b) HC1

(c) LiC1               (d) KC1.

उत्तर-अंडे के पिसे हुए कवच में CaCO3 होता है जो HC1 से क्रिया कर के CO2 उत्पन्न करता है जो चूने के पानी को दूधिया कर देती है।

...  ठीक उत्तर (b) होगा।

प्रश्न 3. NaOH का 10ml विलयन, HC1 के 8 mL विलयन में पूर्णत: उदासीन हो जाता है। यदि हम NaOH के उसी विलयन का 20ml लें तो इसे उदासीन करने के लिए HC1 के उसी विलयन की कितनी मात्रा की आवश्यकता होगी?

(a) 4 mL          (b) 8 mL

(c) 12 mL        (d) 16 mL.

उत्तर-यदि हम NaOH विलयन की दुगुनी मात्रा लेंगे ताकि HC1 विलयन को उदासीन किया जा सके तो उसे भी दुगुना होना चाहिए।

अत: ठीक उत्तर (d) होगा।

प्रश्न 4. अपच का उपचार करने के लिए निम्न में से किस औषधि का उपयोग होता है?

(a) एंटिबायोटिक प्रतिजैविक (b) ऐनालजोसिक (पीड़ाहारी)

(c) ऐंटैसिड                               (d) ऐंटिसेप्टिक (प्रतिरोधी)

उत्तर-(c) ऐंटैसिड।

प्रश्न 5. निम्न अभिक्रिया के लिए पहले शब्द समीकरण लिखिए तथा उसके बाद संतुलित समीकरण लिखिए-

(a) तनु सल्फ्यूरिक अम्ल, दानेदार जिंक के साथ अभिक्रिया करता है।

(b) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, मैग्नीशियम पट्टी के साथ अभिक्रिया करता है।

(c) तनु सल्फ्यूरिक अम्ल, एलुमिनियम चूर्ण के साथ अभिक्रिया करता है।

(d) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, लौह के रेतन के साथ अभिक्रिया करता है।

उत्तर-(a)        जिंक     +    सल्फ्यूरिक अम्ल (तनु) →    जिंक सल्फेट + हाइड्रोजन

Zn         +                     H2SO4                           →         ZnSOA4        +       H2

(b) मैग्नीशियम + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल →    मैग्नीशियम क्लोराइड + हाइड्रोजन

2A1          +            3H2SO4              →             A1 (SO)3               +        3H2

(c)  एलुमिनियम  +  सल्फ्यूरिक अम्ल    →        एलुमिनियम सल्फेट  +   हाइड्रोजन

(d)  लोहा + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल           →        लोहा (II) क्लोराइड + हाइड्रोजन

Fe     +             2HC12             →               FeC12              +        H2

प्रश्न 6. ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज जैसे यौगिकों में भी हाइड्रोजन होती है लेकिन इनका वर्गीकरण अम्ल की तरह नहीं होता है। एक क्रियाकलाप के द्वारा साबित कीजिए।

उत्तर-यद्यपि ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज जैसे यौगिकों में हाइड्रोजन होती है पर वे विलयन में आयनीकृत नहीं होते और H+ आयन उत्पन्न नहीं करते। यह इस तथ्य से साबित होता है कि उनके विलयन विद्युत चालन नहीं करते। क्रिया-कलाप-एक बीकर में ऐल्कोहॉल, ग्लूकोज आदि का विलयन लीजिए। एक कार्क पर दो कील लगाकर कॉर्क को बीकर में रख दीजिए। कीलों को 6 वोल्ट की एक बैटरी के दोनों टर्मिनलों के साथ एक बल्ब और स्विच के माध्यम से जोड़ दीजिए। अब विद्युत धारा प्रवाहित कीजिए। विद्युत चालन नहीं हुआ।

प्रश्न 7. आसवित जल विद्युत चालन क्यों नहीं होता जबकि वर्षा जल होता है?                    (H.P. 2013, Set I)

उत्तर-वर्षा जल में CO2, SO2, जैसी गैसें घुली होती हैं जो कार्बोनिक अम्ल (H2CO3), सल्फ्यूरस अम्ल (H2SO3) आदि बनती है। इनका आयनों में विच्छेदन होता है। इसीलिए वर्षा जल में विद्युत का चालन होता है। आसवित जल में घुलनशील लवण या गैसें नहीं होती इसलिए इसका आयनीकरण नहीं होता और इस में विद्युत का चालन नहीं होता।

प्रश्न 8. जल की अनुपस्थिति में अम्ल का व्यवहार अम्लीय क्यों नहीं होता है?                (H.P. 2009, Set A)

उत्तर-जल किसी अम्ल के विच्छेदन में सहायक होता है जिस से हाइड्रोनियम (H3O+) आयन उत्पन्न होता है। जल की अनुपस्थिति में आयन उत्पन्न नहीं होते। इसलिए जल की अनुपस्थिति में अम्ल का व्यवहार अम्लीय नहीं होता।

प्रश्न 9. पांच विलयनों A, B, C, D, E की जब सार्वत्रिक सूचक से जांच की जाती है तो pH के मान क्रमश: 4, 1, 11, 7 एवं 9 प्राप्त होते हैं। कौन-सा विलयन :

  (a) उदासीन है?

  (b) प्रबल क्षारीय है?

  (c) प्रबल अम्लीय है?

  (d) दुर्बल अम्लीय है?

  (e) दुर्बल क्षारीय है?

pH के मानों को हाइड्रोजन आयन की सांद्रता के आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

उत्तर-दिए गए pH के मान हैं-A = 4, B = 1, C = 11, D = 7, E = 9

(a) जब pH = 7 हो तो विलयन उदासीन होता है।

...   d उदासीन विलयन है।

(b) 7 से जितना अधिक pH का मान होगा विलयन उतना ही अधिक क्षारीय होगा।

...  C प्रबल क्षारीय होगा।

(c) 7 से जितना कम pH का मान होगा विलयन उतना ही अम्लीय होगा।

...  B प्रबल अम्लीय होगा।

(d) 7 से कम लेकिन 7 के निकट दुर्बल अम्लीय होगा

...  A दुर्बल अम्लीय है।

(e) 7 से अधिक लेकिन 7 के निकट दुर्बल क्षारीय होगा।

... E दुर्बल क्षारीय है।

दिए हुए विलयनों की हाइड्रोजन आयन सांद्रता होगी-

A = 104 M, B = 10-1 M, C = 10-1 M

D = 10-7M, E = 10-9 M

...  आरोही क्रम में व्यवस्था =

C (10-11M) < E (10-9M) <D (10-7M) < A (10-4M) < B(10-1M)

प्रश्न 10. परखनली Aएवं Bमें समान लंबाई की मैग्नीशियम की पट्टी लीजिए। परखनली Aमें हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HC1) तथा परखनली Bमें ऐसीटिक अम्ल (CH3COOH) डालिए। किस परखनली में तेजी से बुदबुदाहट होगी और क्यों?

उत्तर-परखनली ‘A’ में अधिक तेज़ी से बुदबुदाहट होगी। ऐसा इसलिए कि हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ऐसीटिक अम्ल से प्रबल है। मैग्नीशियम की क्रिया हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से तीव्र होगी और हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होगी।

Mg        +          2HC1           →       MgC12       +          H2

मैग्नीशियम     हाइड्रोक्लोरिक             मैग्नीशियम         हाइड्रोजन

अम्ल                         क्लोराइड

Mg        +        2CH2COOH        →          Mg (CH3COO)2 + H2

मैग्नीशियम     ऐसिटिक अम्ल               मैग्नीशियम एसीटेट हाइड्रोजन

प्रश्न 11. ताज़ा दूध के pH का मान 6 होता है। दही बन जाने पर इसके pH के मान में क्या परिवर्तन होगा? अपना उत्तर समझाइए।

उत्तर-जब ताज़ा दूध दही में बदल जाता है तो pH कम हो जाएगा। ऐसा इसलिए होगा कि दही अधिक अम्लीय होता है। दही में लैक्टिक अम्ल होता है। जितना अधिक अम्ल होगा उसका pH उतना ही कम होगा।

प्रश्न 12. एक ग्वाला ताजे दूध में थोड़ा बेकिंग सोडा मिलाता है।    (H.P. Model Q. Paper 2009, 2016 Set II)

(a) ताज़ा दूध के pH के मान को 6 से बदल कर थोड़ा क्षारीय क्यों बना देता है?

(b) इस दूध को दही बनने में अधिक समय क्यों लगता है?

उत्तर- (a) ताज़ा दूध अम्लीय है और खट्टा हो कर अधिक अम्लीय हो जाता है। बेकिंग सोडा की उपस्थिति में दूध क्षारीय हो जाएगा और जल्दी से खट्टा नहीं होगा क्योंकि क्षार दूध को शीघ्रता से अम्लीय बनने से रोक देगा।

(b) जब दूध दही में बदलता है तो लैक्टिक अम्ल बनने के कारण उसका pH कम हो जाता है। क्षार की उपस्थिति इसे जल्दी से अधिक अम्लीय होने से रोकती है इसलिए दूध को दही बनने में अधिक समय लगता है।

प्रश्न 13. प्लास्टर ऑफ पेरिस को आर्द्र-रोधी बर्तन में क्यों रखा जाना चाहिए? इसकी व्याख्या कीजिए।

                                                                                               (H.P. 2009, Set-B, 2010, 2011 Set III, 2012 Set-C)

उत्तर-प्लास्टर ऑफ पेरिस CaSO4 ½ H2O  है। नमी की उपस्थिति के कारण यह जिप्सम बन जाता है।

CaSO4 ½ H2O    +    1 ½ H2O             →            CaSO4.2H2O

प्लास्टर ऑफ पेरिस                                          जिप्सम

इसलिए इसे आर्द्र-रोधी बर्तन में रखा जाना चाहिए।

प्रश्न 14. उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है? दो उदाहरण दीजिए।

                                                                                   (H.P. Model Q. Paper 2009, H.P. 2009, 2013 Set C, 2015)

उत्तर-जब अम्ल किसी क्षार से क्रिया करता है तब लवण और जल बनता है। इसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं।

NaOH     +       HC1                →            NaC1 + H2O

(क्षार)           (अम्ल)                          (लवण) (जल)

KOH      +      HNO3               →            KNO3 + H20

(क्षार)            (अम्ल)                           (लवण) (जल)

प्रश्न 15. धोने का सोडा एवं बेकिंग सोडा के दो-दो उपयोग बताइए।

                                                                                                  (H.P. Dec. 2008, 2011 Set-I, 2013 Set C, 2015)

उत्तर-(क) धोने का सोडा (Na2CO3 . 10H2O)

  1. इसका उपयोग कांच, साबुन और कागज़ उद्योगों में होता है।
  2. जल की स्थाई कठोरता को दूर करने के लिए इस का उपयोग होता है।

(ख) बेकिंग सोडा (NaHCO3)

                                                                         (H.P. 2008, 2010 Set-B, 2011 Set-B, 2012 Set-B, 2013 Set-B, C)

  1. इस का प्रयोग सोडा-अम्ल अग्निशामक में किया जाता है।
  2. यह ऐंटैसिड का एक संघटक है जो पेट के अम्ल की अधिकता को उदासीन करके राहत पहुंचाता है।

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

(OTHER IMPORTANT QUESTIONS)

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न

(Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1. आयनीकरण के आधार पर अम्लों का विभाजन किन वर्गों में किया जाता है? संक्षेप में लिखिए। उत्तर-आयनीकरण के आधार पर अम्लों का विभाजन दो वर्गों में किया जाता है-प्रबल अम्ल और दुर्बल अम्ल।

(I) प्रबल अम्ल-वे अम्ल जो जलीय विलयन में पूरी तरह से आयनीकृत हो जाते हैं और हाइड्रोनियम आयन (H3O+) का उच्च सांद्रता उत्पन्न करते हैं उन्हें प्रबल अम्ल कहते हैं।

उदाहरण-हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HC1), सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4), नाइट्रिक अम्ल (HNO3) ये तीनों खनिज अम्ल हैं और प्रबलतम माने जाते हैं।

(II) दुर्बल अम्ल-वे अम्ल जो जलीय विलयन में आंशिक या अधूरा रूप से आयनीकृत होते हैं और हाइड्रोनियम आयन (H3O+) का निम्न सांद्रता उत्पन्न करते हैं उन्हें दुर्बल अम्ल कहते हैं।

उदाहरण- एसिटिक अम्ल (CH3COOH), कार्बनिक अम्ल (H2CO3)

फॉर्मिक अम्ल (HCOOH), अक्जॉल्कि अम्ल [(COOH)2]

हाइड्रोडिक अम्ल (HI), सल्फयरस अम्ल (H2SO3)

प्रश्न 2. उदासीनीकरण क्रिया से क्या अभिप्राय है? इसे प्रयोग द्वारा समझाओ।

उत्तर-ऐसी रासायनिक क्रिया जिसमें अम्ल, क्षारकों के साथ मिलकर उन्हें उदासीन कर दें तथा लवण और पान बना दें, उसे उदासीनीकरण क्रिया कहते हैं।

प्रयोग-एक बीकर में थोड़ा-सा तनु सोडियम हाइड्रोक्साइड का घोल लीजिए। उसमें कुछ बूंदें फिनालफ्थेलीन घोल की डालो। इसका रंग गुलाबी हो जाएगा। अब एक ब्यूरेट में तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HC1) भरकर उसे चित्र अनुसार ऊध्र्वाकर स्टैंड में फिट करो तथा बीकर को उसके नीचे रखो। अब ब्यूरेट की सहायता से धीरे-धीरे हाइड्रोक्लोरिक अम्ल बीकर में डालते जाओ और बीकर को हिलाते जाओ। जब घोल का रंग समाप्त हो जाए तो उसमें अम्ल डालना बंद कर दो। अब इस घोल पर नीले और लाल लिटमस का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। अत: अब बीकर में केवल लवण व पानी है जो लिटमस के प्रति उदासीन है। इस क्रिया को उदासीनीकरण क्रिया कहते हैं।

 

 

प्रश्न 3. अम्लों के रासायनिक गुण संक्षेप में लिखिए। उत्तर-अम्लों के अनेक रासायनिक गुण हैं।

  1. धातुओं से क्रिया-अम्ल सक्रिय धातुओं से क्रिया करते हैं। जिंक मैग्नीशियम लोहा, मैंगनीज आदि इनसे क्रिया करके हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करते हैं- तनु

Zn (s) + तनु H2SO4 (aq)        →     ZnSO4 (aq) + H2 (g)

Mg (s) + तनु 2HC1 (aq)        →    MgC12 (aq) + H2 (g)

Fe (s) + तनु H2SO4 (aq)  →   FeSO4 (aq) + H2 (g)

Mn (s) + तनु HNO3 (aq) →  Mn(NO3)2 (aq) + H2 (g)

  1. धातु कार्बोनेट और धातु बाइकार्बोनेट से क्रिया-अम्ल धातु कार्बोनेट और धातु बाइकार्बोनेट से क्रिया कर CO2 उत्पन्न करते हैं।

NaCO3 + H2SO4    →  Na2SO4 + H2O + CO2

NaHCO3 + HC1    →   NaC12 + H2O + CO2

CaCO3 + 2HC1    →   CaC12 + H2O + CO2

K2CO3 + 2HC1        →     2KC1 + H2O + CO2

  1. क्षारकों से क्रिया-अम्ल क्षारकों से क्रिया कर उदासीनीकरण को प्रकट करते हैं। वे लवण तैयार करते हैं-

HC1 + NaOH         →       NaC1 + H2O

HC1 + KOH             →       KC1 + H2O

Cu(OH)2 + H2SO4    →       CuSO4 + H2O

  1. धातु सल्फाइट और बाइसल्फाइट से क्रिया-अम्ल धातु सल्फाइट और धातु बाइसल्फाइट से क्रिया कर के SO2 गैस उत्पन्न करते हैं।

CaSO3 + H2SO4         →      CaSO4 + H2O + SO2 (g)

Na HSO3 + HC1      →      NaC1 + H2O + SO2 (g)

  1. धातु सल्फाइड और हाइड्रोजन सल्फाइड से क्रिया-अम्ल विभिन्न धातु सल्फाइडों तथा हाइड्रोजन सल्फाइड से क्रिया कर H2S गैस उत्पन्न करते हैं।

Fes + H2S4                  →       FeSO4 + H2S (g)

KHS + 2HC1                →        KC1 + H2S (g)

(पोटाशियम हाइड्रोजन सल्फाइड)

  1. धातु क्लोराइडों से क्रिया-जब धातु क्लोराइड को अम्लों के साथ गर्म किया जाता है तो क्रिया होती है।

NaC1 + H2SO4            →       NaHSO4 + HC1 (g)

NaC1 + NaHSO4         →        Na2SO4   + HC1 (g)

  1. धातु नाइट्रेट से क्रिया-धातु नाइट्रेट से सांद्र अम्ल क्रिया करता है।

NaNO3 + H2SO4         →         NaHSO4 + HNO3

NaNO3 + NaHSO4      →       Na2SO4 + HNO3

  1. धातु ऑक्साइड से अम्लों की क्रिया-धातु, ऑक्साइड तनु अम्लों से क्रिया कर धातु के लवण तैयार करते हैं।

Na2O + 2HNO3        →         2NaNO3 + H2O

CuO + 2HC1            →          CuC12 + H2O

प्रश्न 4. क्षारकों/क्षारों के रासायनिक गुण संक्षेप में लिखिए।

उत्तर-क्षारकों/क्षारों के महत्त्वपूर्ण रासायनिक गुण निम्नलिखित है-

1.धातुओं से क्रिया-क्षार कुछ धातुओं से क्रिया कर H2 गैस उत्पन्न करते हैं।

Zn + 2NaOH          →       Na2ZnO2 + H2 (g)

सोडियम जिंकेट

2A1 + 2NaOH + 2H20 → 2NaA1O2 + 3H2

सोडियम एलुमिनेट

  1. वायु से क्रिया-कुछ क्षार वायु में उपस्थित CO2 से क्रिया करते हैं।

2NaOH + CO2        →         Na2CO3

2KOH + CO2           →         K2CO3

  1. अम्लों से क्रया-क्षारक/क्षार अम्लों से क्रिया कर लवण तैयार करते हैं।

NaOH + HC1          →         NaC1 + H2O

Fe(OH)2 + 2HC1     →         FeC12 + 2H2O

Ca(OH)2 + 2HC1     →        CaC12 + 2H2O

  1. लवणों से क्रिया-तांबा, लोहा, जिंक आदि के लवण क्षारों/क्षारकों से क्रिया करते हैं और अघुलनशील धात्विक हाइड्रॉक्साइड तैयार करते हैं।

ZnSO4 + 2NaOH     →        Na2SO4 + Zn(OH)2

CuSO4 + 2NH4OH    →       (NH4)2SO4 + Cu(OH)2

FeC13 + 3NaOH       →        3NaC1 + Fe(OH)3

प्रश्न 5. दैनिक जीवन में pH का महत्त्व स्पष्ट कीजिए।

                                                                                                                   (H.P. 2011 Set-1)

उत्तर-pH का हमारे दैनिक जीवन में बहुत अधिक महत्त्व है।

  1. मानव और जंतु जगत में-हमारे शरीर की अधिकांश क्रियाएं 7.0 से 7.8 pH परास के बीच काम करती है।

हम इसी संकीर्ण परास में ही जीवित रह सकते हैं। हमारे रक्त, आंसुओं, लार आदि का pH लगभग 7.4 होता है। यदि यह 7.0 से कम हो जाता है या 7.8 से बढ़ जाता है तो जीवन असंभव-सा हो जाता है। वर्षा के जल से pH का मान जब 7 से कम होकर 5.6 हो जाता है तो उसे अम्लीय वर्षा कहते हैं। अम्लीय वर्षा का जल जब नदियों में बहता है तो नदी के जल का pH का मान कम हो जाता है जिस कारण जलीय जीवधारियों का जीवन कठिन हो जाता है।

  1. पेड़-पौधों के लिए-पेड़-पौधों की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए मिट्टी के pH परास की विशेषता बनी रहनी चाहिए। यदि यह अधिक अम्लीय या क्षारीय हो जाए तो उपज पर कुप्रभाव पड़ता है।
  2. पाचन-तंत्र(H.P. Model o.Paper 2009, H.P.2009 Set-B)हमारे पेट में HC1 उत्पन्न होता रहता है जो हमें बिना हानि पहुंचाए भोजन के पाचन में सहायक होता है। अपच की स्थिति में इस में अ­म्ल की मात्रा अधिक बनने लगती है। जिस कारण पेट में दर्द और जलन अनुभव होता है। इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए ऐंटैसिड जैसे क्षारकों का प्रयोग करना पड़ता है। इस के लिए प्राय: मिल्क ऑफ मैग्नीशियम जैसे दुर्बल क्षारक का प्रयोग करना आवश्यक हो जाता है।
  3. दंत-क्षय-हमारे मुंह के pH का मान 5.5 से कम होने पर दांतों का क्षय शुरू हो जाता है। हमारे दांत कैल्सियम फॉस्फेट से बने होते हैं जो शरीर का सबसे कठोर पदार्थ है। यह जल में नहीं घुलता पर मुंह की pH का 5.5 से कम होने पर यह नष्ट होने लगता है। मुंह में उपस्थित जीवाणु, अवशिष्ट शर्करा और खाद्य पदार्थों के निम्नीकरण से अम्ल उत्पन्न होते हैं। इनसे छुटकारा पाने के लिए क्षारकीय दंत-मंजन का प्रयोग किया जाना चाहिए। इससे अम्ल की अधिकता उदासीन हो जाती है और दांत क्षय से रोके जा सकते हैं।
  4. जीव-जंतुओं के डंक से रक्षा-जब जीव जंतु कभी डंक मार देते हैं तो वे हमारे शरीर में विशेष प्रकार के अम्ल छोड़ देते हैं। मधुमक्खी भिरंड, चींटी आदि मेथैनॉइक अम्ल हमारे शरीर में डंक के माध्यम से पहुंचा देते हैं। इससे उत्पन्न पीड़ा से मुक्ति के लिए डंक मारे गए अंग पर बेकिंग सोडा जैसे दुर्बल क्षारक का प्रयोग करना चाहिए।

प्रश्न 6. विशेष पौधों से रक्षा-नेटल (Nettle) पौधे के पत्तों पर डंकनुमा बाल होते हैं। उन्हें छू जाने से डंक जैसा दर्द होता है। इन बातों से मेथेनॉइक अम्ल का स्राव होता है जो दर्द का कारण बनता है। पारंपरिक तौर पर इस पीड़ा मुक्ति डॉक पौधे की पत्तियों को डंक वाले स्थान पर रगड़ कर पाई जाती है।

प्रश्न 6. लवण किस प्रकार प्राप्त किए जाते हैं? संक्षेप में लिखिए।

उत्तर-लवण अनेक प्रकार से प्राप्त किए जा सकते हैं जिनमें से कुछ प्रमुख हैं-

  1. अम्ल और क्षारक/क्षार के उदासीनीकरण से-अम्ल विभिन्न क्षारकों से क्रिया कर लवण तैयार करते हैं। उदाहरण-

NaOH + HC1             →              NaC1 + H2O

KOH + HNO3             →              KNO3 + H2O

NH4OH + HC1           →              NH4C1 + H2O

MgO + H2SO4            →              MgSO4 + H2O

NaOH + H2SO4           →              Na2HSO4 + H2O

2NaOH + H2SO4         →             Na2SO4 + H2O

  1. धातुओं पर अम्ल की क्रिया से-धातुओं पर अम्लों की क्रिया से लवण उत्पन्न होते हैं।

Zn + H2SO4                 →              ZnSO4 + H2

Mg + 2HC1                 →              MgC12 + H2

  1. धातुओं कार्बोनेट और बाइकार्बोनेट से अम्लों की क्रिया द्वारा-

CaCO3 + 2HC1           →              CaC12 + H2O + CO2

                             Na HCO3 + 2HC1        →             NaC12 + H2O + CO2

  1. धातुओं पर क्षारकों की क्रिया से-जिंक, एलुमिनियम आदि धातुएं क्षारकों से क्रिया कर लवण तैयार करती हैं।

2NaOH + Zn            →                NaZnO, + H2

सोडियम जिंकेट

लघु उत्तरात्मक प्रश्न

(Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1. सूचक किसे कहते हैं? सूचकों के किस आधार पर भेद किए जाते हैं? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर-वे पदार्थ जो अम्लीय और क्षारकीय विलयनों में निश्चित रंग परिवर्तन करते हैं उन्हें सूचक कहते हैं सूचकों की विशेषताओं और गुणों के आधार पर इनके दो भाग किए जाते हैं-

  1. अम्लीय और क्षारकीय माध्यमों को रंग देने वाले सूचक
  2. अम्लीय और क्षारकीय माध्यमों को गंध देने वाले सूचक
  3. रंग देने वाले सूचक

(क) लिटमस विलयन-लिचेन पौधों से प्राप्त किया जाने वाला लिटमस बैंगनी रंग का होता है। यह नीले और लाल रंग में विलयन या पत्र के रूप में मिलता है। नीला लिटमस अम्ल की उपस्थिति को लाल रंग में बदल कर प्रदर्शित करता है और लाल लिटमस क्षारक को नीले रंग में बदलता है। लिटमस स्वयं न तो अम्लीय होता है और न क्षारीय।

लिटमस- विलयन (बैंगनी)

 

क्षारक विलयन                                        अम्लीय विलयन

लाल

नीला

 

(ख) टरमैरिक (हल्दी)-हल्दी का घोल क्षारकों को लाल-भूरे रंग में बदल देता है। इसी के कारण कपड़े पर लगा सब्जी का निशान क्षारकीय साबुन से धोने पर लाल-भूरा हो जाता है।

(ग) फिनॉलफ्थेलिन-यह संश्लिष्ट सूचक है। यह क्षारकों के साथ गुलाबी रंग बनाता है।

(घ) मिथाइल आरेंज-यह भी संश्लिष्ट सूचक है। यह अम्लीय विलयन को गुलाबी रंग में बदलता है और क्षारक को पीले रंग में परिवर्तित करता है।

प्रश्न 2. गंधीय सूचक-प्याज के कटे हुए छोटे-छोटे टुकड़े वे नीला गंध और लौंग का तेल अम्लों और क्षारकों के साथ भिन्न गंध उत्पन्न कर इन के परीक्षण में सहायक सिद्ध होते हैं।

प्रश्न 2. अम्लों के सामान्य गुण बताओ।

उत्तर-

  • इनका स्वाद खट्टा होता है।
  • ये नीले लिटमस को लाल कर देते हैं।
  • इनका घोल साबुन के घोल की तरह चिकना नहीं होता।
  • ये धातुओं के साथ क्रिया करके हाइड्रोजन गैस बनाते हैं।
  • ये कार्बोनेट के साथ क्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड उत्पन्न करते हैं।
  • अम्ल, क्षारकों से क्रिया करके लवण और पानी बनाते हैं।

प्रश्न 3. क्षारकों के सामान्य गुण लिखो।

उत्तर-(1) इनका स्वाद कड़वा होता है।

(2) ये साबुन जैसे चिकने होते हैं तथा त्वचा को क्षति पहुंचाते हैं।

(3) ये लाल लिटमस को नीला कर देते हैं।

(4) ये हल्दी के रंग को भूरा लाल कर देते हैं।

(5) ये अम्लों के साथ क्रिया करके लवण तथा पानी बनाते हैं।

(6) ये फिनॉलफ्थेलिन के घोल को गुलाबी कर देते हैं।

प्रश्न 4. प्रकृति में पाए जाने वाले कुछ अम्लों के उदाहरण दीजिए।

उत्तर-

1.       संतरा, नींबू

2.       सेब

3.       सिरका

4.       इमली

5.       टमाटर

6.       खट्टा दूध/दही

7.       प्रोटीन

8.       चींटी का डंक

9.       नेटल का डंट

1.       सिट्रिक अम्ल

2.       मेलिक अम्ल

3.       एसिटिक अम्ल

4.       टारटैरिक अम्ल

5.       ऑक्सेलिक अम्ल

6.        लैक्टिक अम्ल

7.        अमीनो अम्ल

8.        मेथेनॉइक अम्ल

9.        मेथेनॉइक अम्ल

प्रश्न 5. हमारे दैनिक जीवन में अम्लों के चार उपयोग लिखिए।                         (H.P. 2012 Set-A)

उत्तर-1. सिरका हमारे भोजन को पकाने और उसकी सुरक्षा और उस की सुरक्षा तथा आचार बनाने के काम आता है।

  1. हमारे पेट में HC1 हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट कर देता है जो भोजन के साथ वहां पहुंच जाते हैं।
  2. टारटेरिक अम्ल बेकिंग पाउडर बनाने में काम आता है।
  3. कार्बोनिक अम्ल पेय पदार्थों में प्रयुक्त किया जाता है।

प्रश्न 6. अम्लों की हमारे जीवन में हानियां लिखिए।

उत्तर-1. ये सजीव कोशिकाओं को नष्ट करते हैं।

  1. सांद्र अम्ल त्वचा और कोमल अंगों को गंभीर क्षति पहुंचाते हैं।
  2. कुछ खाद्य पदार्थों को खराब कर देते हैं।

प्रश्न 7. प्रबल अम्ल और दुर्बल अम्ल में अंतर लिखिए।

उत्तर-

प्रबल अम्ल दुर्बल अम्ल
(i) ये पानी में मिलने से पूरी तरह H+ आयनों और ऋणात्मक आयनों में बदल जाते हैं।

(ii) इनमें साम्य स्थापना नहीं होती।

 

उदाहरण – H2SO4, HNO3

ये पानी में मिलने से पूरी तरह H+ आयनों और ऋणात्मक आयनों में नहीं बदलते।

इनमें आयनों तथा अवियोजित अणुओं के बीच साम्य स्थापित हो जाता है।

उदाहरण – H2CO3, CH3COOH

प्रश्न 8. प्रबल क्षारक (Strong base) और दुर्बल क्षारक (Weak base) में अंतर लिखिए।

उत्तर-

प्रबल क्षारक दुर्बल क्षारक
ये पानी में पूरी तरह से घुल कर OH आयन बनाते हैं।

उदाहरण- NaOH, KOH

ये पानी में आंशिक रूप से घुलते हैं।

उदाहरण- Ca(OH)2, Mg(OH)2

  1. निम्न यौगिकों को दुर्बल एवं प्रबल अम्ल तथा क्षारक में वर्गीकृत कीजिए-

(i) HC1                               (iv) HCN                                (vii) NaOH

(ii) H2SO4                           (v) HC1O4                              (viii) Ca(OH)2

(iii) CH3COOH                    (vi) H3PO4                                                      (ix) NH4OH

उत्तर-

अम्ल क्षार
प्रबल अम्ल

HC1

H2SO4

दुर्बल अम्ल

HCN

HC1O4

CH3COOH

H3PO4

प्रबल क्षार

NaOH

 

दुर्बल क्षार

Ca(OH)2

NH4OH

 

प्रश्न 10. अम्ल में विद्युत का चालन किस कारण होता है? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर-अम्ल धनायन H+ उत्पन्न करते हैं। यही विद्युत के चालन के कारण हैं। यह कार्य जलीय विलयन में ही होते हैं।

HC1 + HO2                →              H3O+ + C1

HNO3 + H2O             →               H3O+ + NO3

H2SO4 + 2H2O          →              2H3O+ + SO4

CH3COOH + H2O      À  ⇋                    H3O+ + CH­3COO

H3PO4 +3H2O                    ⇋          3H3O+ + PO43-

प्रश्न 11. क्षार और क्षारक में अंतर लिखिए।

उत्तर-वे क्षारक जो जल में घुलनशील होते हैं उन्हें क्षार कहते हैं। इस का अर्थ है कि सभी क्षार क्षारक होते हैं क्षारक क्षार नहीं होते। उदाहरण के लिए फैरिक हाइड्रॉक्साइड [Fe(OH)3] और क्यूपरिक हाइड्रॉक्साइड [Cu(OH)2] क्षारक हैं पर उन्हें क्षार नहीं कह सकते क्योंकि ये जल में घुलनशील नहीं है।

प्रश्न 12. सांद्र अम्लों को तनु करने की विधि लिखिए।

उत्तर-सांद्र अम्लों को जल मिलाने से तनु किया जाता है पर यह क्रिया अत्यधिक मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न करती है। यह क्रिया ऊष्मा क्षेपी होती है इसलिए जल में सांद्र नाइट्रिक अम्ल और सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल को अति सावधानी से तनु करना चाहिए।

विधि-सांद्र अम्ल को तनु बनाने के लिए एक बीकर में थोड़ी मात्रा में जल लीजिए। इस में सांद्र HNO3 या H2SO4 डालिए। तापमान बढ़ जाएगा। अम्ल को धीरे-धीरे और जल को लगातार हिलाते रहना चाहिए। ऐसा करने से अम्ल का आयनीकरण भी होता है

H2SO4 (1) + 2H2O (1)   →     2H3O+ (aq) + SO42 (aq) + ऊष्मा

HNO3 (1) + H2O (1)  →      H3O+ (aq) + NO2 (aq) + ऊष्मा

प्रश्न 13. क्षारकों/क्षारों के उपयोग लिखिए।

उत्तर-1. इन का उपयोग साबुन बनाने में किया जाता है, 2. इन्हें क्षारीय बैटरियों में प्रयुक्त किया जाता है, 3. ऐंटैसिड बनाने में प्रयोग में लाए जाते हैं, 4. पैट्रोल रिफाइनिंग और कागज उद्योग में प्रयुक्त होते हैं, 5. कपड़ों से ग्रीज के निशान हटाने में प्रयोग किया जाता है, 6. कठोर जल को मृदु बनाने में प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 14. लवण विलयनों के pH मान पर टिप्पणी कीजिए।

उत्तर-प्रबल अम्ल और प्रबल क्षारक के लवण के pH का मान 7 होता है और यह उदासीन होते हैं। प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षारक के लवण के pH का मान 7 से कम होता है और ये अम्लीय होते हैं। प्रबल क्षारक और दुर्बल अम्ल के लवण के pH का मान 7 से अधिक होता है और ये क्षारकीय होते हैं।

  1. I. प्रबल अम्ल और प्रबल क्षारक के लवण-इनके उदाहरण हैं-

N1Cl, NaNO3, Na2SO4, KC1, K2SO4, KNO3

जब ये जल में घोले जाते हैं तब ये प्रबल अम्ल और प्रबल क्षारक ही बनाते हैं। ये पूरी तरह से एक-दूसरे को उदासीन कर देते हैं।

...            pH = 7

  1. II. प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षारक के लवण-इनके उदाहरण हैं

NH4C1, BaC12, ZnSO4, Ch3COONa

प्रबल अम्ल दुर्बल क्षारक को प्रभावित करता है।

...            pH  7

III. दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षारक के लवण-इनके उदाहरण हैं

Na2CO3, NaHCO3, CH3COONa

प्रबल क्षारक दुर्बल अम्ल को प्रभावित करता है।

...             pH  7

  1. दुर्बल अम्ल और दुर्बल क्षारक के लवण-इसका उदाहरण है-

CH3COONH4

इसमें विलयन लगभग उदासीन होता है।

...              pH  7 (लगभग)

प्रश्न 15. साधारण नमक (Nac1) की प्राप्ति कहां-कहां से होती है? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर-साधारण नमक निम्नलिखित स्रोतों से प्राप्त होता है

  1. समुद्री-जल-समुद्री जल में साधारण नमक की बहुत बड़ी मात्रा घुली हुई है। समुद्री जल से नमक की प्राप्ति ‘लवण क्यारियों के माध्यम से होती है। सूर्य के ताप और वायु की सहायता से समुद्री जल का वाष्पीकरण होता है। इससे नमक की प्राप्ति होती है। इस नमक में MgC12, MgSO4 जैसी अनेक अशुद्धियां मिली होती हैं। इन अशुद्धियों को दूर कर शुद्ध नमक प्राप्त कर लिया जाता है।
  2. खनिज नमक-संसार के अनेक भागों में ठोस लवण का निक्षेप होता है। यह खनिज लवण तब बना था जब युगों पहले समुद्र का कोई हिस्सा सूख गया था। इस नमक का खनन उसी प्रकार होता है जैसे कोयले का किया जाता है। मंडी (हिमाचल प्रदेश), खेवड़ा (पाकिस्तान) आदि में ऐसा नमक उपलब्ध है। अशुद्धियों के कारण यह नमक प्राय: भरे रंग का होता है। कभी-कभी भूमि तल की गहराई से जल में घोल कर पंपों की सहायता से बाहर निकाला जाता है।
  3. झीलों से- राजस्थान की सांभर झील, अमेरिका की ग्रेट साल्ट लेक, रूस की लेक एल्टन आदि से भी नमक प्राप्त किया जाता है। इसे जल के वाष्पीकरण से प्राप्त किया जाता है।

प्रश्न 16. नमक के सामान्य गण लिखिए।

उत्तर-1. रंग और अवस्था-यह रंगहीन रवेदार पदार्थ है जो 8200C पर पिघल जाता है।

  1. घुलनशीलता-नमक जल में घुलनशील है।
  2. ऊष्मा का प्रभाव-गर्म करने पर नमक तड़-तड़ की ध्वनि उत्पन्न करता है। यह ध्वनि नमक के क्रिस्टलों के टूटने के कारण उत्पन्न होती है।
  3. पसीजना (Hygroscopic)-नमक वायु से नमी अवशोषित कर नम हो जाता है। ऐसा इसमें उपस्थित मैग्नीशियम और कैल्सियम क्लोराइड के कारण होता है।
  4. सल्फ्यूरिक अम्ल से क्रिया-नमक सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल से क्रिया कर HC1 गैस उत्पन्न करता है-

                                                                        ∆

NaC1 + H2SO4   →  NaHSO4 + HC1 (g)

  1. सिल्वर नाइट्रेट से क्रिया-नमक सिल्वर नाइट्रेट से क्रिया कर सफेद रंग के अवक्षेप बनाता है।

AgNO3 + NaC1   →   AgC1 + NaNO3

प्रश्न 17. साधारण नमक के उपयोग लिखिए।               (H.P. 2010, Set-B 2011 Set-C, 2012 Set C)

उत्तर-1. नमक हमारे भोजन का अनिवार्य भाग है।

  1. यह अनेक भोज्य पदार्थों को सुरक्षित रखने में काम आता है।
  2. यह साबुन उद्योग, पॉटरी आदि में प्रयुक्त होता है।
  3. यह हिमकारी मिश्रण बनाने में प्रयुक्त होता है।
  4. इस का उपयोग धावन सोडा, विरंजक चूर्ण, कास्टिक सोडा, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, मीठा सोडा आदि

बनाने में किया जाता है।

प्रश्न 18. क्लोर-क्षार प्रक्रिया किसे कहते हैं? इससे उत्पन्न होने वाले उत्पादों का सचित्र अंकन करें। इनके उपयोग भी लिखिए।

उत्तर-साधारण नमक (NaC1) के जलीय विलयन से विद्युत् प्रवाहित करने से यह वियोजित हो जाता है और सोडियम हाइड्रॉक्साइड उत्पन्न करता है। इस प्रक्रिया को क्लोर-क्षार प्रक्रिया कहते हैं, क्योंकि इससे निर्मित उत्पाद क्लोरीन (क्लोर) और सोडियम हाइड्रॉक्साइड (क्षार) होते हैं।

2NaC1 (aq) + 2H2O (1)   →   2NaOH (aq) + C12 (g) + H2 (g)

ये सभी उत्पाद औद्योगिक दृष्टि से अति महत्त्वपूर्ण हैं। हाइड्रोजन और क्लोरीन इस प्रक्रिया से प्राप्त होने वाले सह उत्पाद हैं।

प्रश्न 19. विरंजक चूर्ण किस प्रकार तैयार किया जाता है? इसके सामान्य गुण और उपयोग लिखिए।

(H.P. 2011, Set-III)

उत्तर-विरंजक चूर्ण का निर्माण शुष्क बुझे हुए चूने पर क्लोरीन की क्रिया से होता है।

Ca(OH)2 (s) + C12 (g)    →    CaOC12 (s) + H2O (1)

बड़ी मात्रा में इसके निर्माण के लिए एक विशेष टावर लेते हैं जिसमें ऊपर से होपर (Hopper) से शुष्क बुझा हुआ चूना डाला जाता है और नीचे से क्लोरीन गैस तथा गर्म वायु प्रवाहित करते हैं। क्लोरीन ऊपर तक पहुंचते-पहुंचते पूर्णतया अवशोषित हो जाती है और बुझा हुआ चूना विरंजक चूर्ण में बदल जाता है।

गुण-(1) विरंजक चूर्ण पीले रंग का चूर्ण है, जिसमें क्लोरीन की तीखी गंध होती है।

(2) यह जल में घुलनशील है, परंतु पूरी तरह विलेय नहीं।

(3) यह वायु की ष्टह्र, के साथ क्रिया करके क्लोरीन खो देता है।

CaOC12 + CO2      →        CaCO3 + C12

(4) यह अम्लों से क्रिया करता है।

CaOC12 + 2HC1       →         CaC12 + H2O + C12

CaOC12 + H2SO4    →        CaSO4 + H2O + C12

उपयोग (H.P. 2011 Set-C, 2012 Set C) (1) कागज़ तथा कपड़ा उद्योग में विरंजक के रूप में।

(2) पेय जल को रोगाणुरहित करने में।

(3) बिना सिकुडऩे वाली ऊन बनाने में।

(4) यह क्लोरोफॉर्म बनाने में प्रयुक्त होता है।

(5) प्रयोगशाला में यह ऑक्सीकारक का कार्य करता है।

प्रश्न 20. धोने का सोडा का रासायनिक सूत्र लिखिए। जब इसके क्रिस्टलों को वायु में खुला छोड़ देते हैं, तो क्या होता है?

उत्तर-धोने का सोडा अर्थात धावन सोडा (Washing Soda) का सूत्र Na2CO3 . 10H2O है जब इसके क्रिस्टलों को हवा में उद्भासित किया जाता है तब उत्फुल्लन प्रक्रिया से पानी के नौ अणु बाहर निकल जाते हैं।

Na2 CO3 . 10H2O       →       Na2CO3 . H2O + 9 H2O

प्रश्न 21. धावन सोडा, जलीय विलयन में अम्लीय अथवा क्षारीय कैसा होता है?

उत्तर-धावन सोडा बड़ी सरलता से पानी में घुल जाता है। इससे क्षारीय घोल बनता है। इसकी जांच के लिए यदि लाल लिटमस के घोल को इसमें डाला जाए तो वह नीले रंग का हो जाता है। इससे प्रमाणित होता है कि धावन सोडा का जलीय घोल क्षारीय होता है।

प्रश्न 22. बेकिंग सोडा (baking soda) का रासायनिक नाम और सूत्र लिखिए।                 (H.P. 2010, Set-B)

उत्तर – बेकिंग सोडा (baking soda) का रासायनिक नाम सोडियम हाइडोजन कार्बोनेट या सोडियम बाइकार्बोनेट है। इसका रासायनिक सूत्र NaHCO3 है।

प्रश्न 23. सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट विलयन को गर्म करने पर क्या होता है? इसमें प्रयुक्त रासायनिक अभिक्रिया की समीकरण दीजिए।

उत्तर-जब सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट के घोल को गर्म किया जाता है तब वह कार्बन डाइऑक्साइड को उत्पन्न करता है और सोडियम कार्बोनेट को बनाता है।

                                                                 ∆

2Na HCO3      →   Na2 Co3 + H2O + CO2

प्रश्न 24. विरंजक चूर्ण का रासायनिक नाम एवं सूत्र लिखिए।

उत्तर-विरंजक चूर्ण का रासायनिक नाम कैल्सियम ऑक्सीक्लोराइड है। इसे चूने का क्लोराइड भी कहते हैं। इसका सूत्र CaOC12 है।

प्रश्न 25. CaOC12 यौगिक का सामान्य नाम क्या है? उस पदार्थ का नाम बताइए जो क्लोरीन के साथ अभिक्रिया करके विरंजक चूर्ण प्रदान करता है।

उत्तर-यौगिक CaOC12 का सामान्य नाम विरंजक चूर्ण है। जिस पदार्थ के साथ क्रिया करके क्लोरीन विरंजक चूर्ण बनाता है उसका नाम बुझा हुआ चूना [Ca (OH)2] है।

प्रश्न 26. पेरिस प्लास्टर एवं जल की परस्पर अभिक्रिया को प्रदर्शित करने वाली रासायनिक समीकरण लिखिए।                                                                                                                                            (H.P. 2012, Set-III)

उत्तर-        CaSO4 ½ H2O + H2O             →           CaSO4 . 2 H2O

(प्लास्टर ऑफ पेरिस)                              (जिप्सम)

प्रश्न 27. यदि पेरिस ऑफ प्लास्टर के निर्माण के समय गर्म करने की प्रक्रिया को नियंत्रित न किया जाए तो क्या पदार्थ बनता है?

उत्तर-प्लास्टर ऑफ पेरिस तैयार करते समय तापमान 373 K होना चाहिए। यदि तापमान पर नियंत्रण न रखा जाए तो अजलीय कैल्सियम सल्फेट (CaSO4) बन जाएगा जिसमें प्लास्टर ऑफ पेरिस के गुण नहीं होते। इसे मृत जला प्लास्टर (Dead burnt Plaster) कहते हैं।

प्रश्न 28. बेकिंग सोडे का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

उत्तर- बेकिंग सोडे का रासायनिक सूत्र NaHCO3 है तथा इसका रासायनिक नाम सोडियम बाइकार्बोनेट है। इसका निर्माण Na2CO3 के जलीय विलयन में से CO2 गुज़ारने पर होता है।

Na2 CO3 + CO2 + H20   →     2NaHCO3

इसे सोडियम क्लोराइड से भी तैयार किया जाता है।

NaC1+ H2O + CO2 + NH3          →          NH4C1                   +             NaHCO3

(अमोनियम क्लोराइड)  (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट)

गुण-जब इसे गर्म करते हैं तो यह फूल जाता है और हल्का हो जाता है। बेकिंग पाऊडरों में टारटारिक अम्ल होता है। गर्म करने पर यह ष्टह्र, उत्पन्न करता है। यह पानी में घुलनशील है।

उपयोग-(H.P. 2010, Set-B, 2011 Set-B, 2012 Set-B)

           (1) इसका उपयोग बेकिंग पाऊडरों के बनाने में होता है।

(2) पेट की खराबी की अवस्था में यह औषधि का कार्य करता है।

(3) इसे अग्नि निवारक यंत्र में भी भरा जाता है।

प्रश्न 29. निम्नलिखित प्रक्रियाओं का उल्लेख कीजिए-

(i) प्रस्वेदन (ii) विरंजन।

उत्तर-(i) प्रस्वेदन-जब किसी यौगिक द्वारा वायु की नमी सोख ली जाती है या यौगिक पसीज जाता है तो इस प्रक्रिया को प्रस्वेदन कहते हैं तथा यौगिक को प्रस्वेदी कहते हैं। जैसे नमक प्रस्वेदी यौगिक है।

(ii) विरंजन-किसी गैस या यौगिक द्वारा किसी वस्तु का रंग उड़ा देना विरंजन कहलाता है। जैसे ब्लीचिंग पाऊडर या क्लोरीन विरंजन कार्य करते हैं।

प्रश्न 30. क्या होता है जब ताज़े चूने के पानी में से कार्बन डाइऑक्साइड गैस गुज़ारी जाती है?

उत्तर-जब ताजे चूने के पानी में से थोड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड गैस गुजारी जाए तो अघुलनशील कैल्सियम कार्बोनेट के कारण उसका रंग दधिया हो जाएगा-

Ca(OH)2                     +                        CO2                              →                        CaCO3           +                H20

चूने का पानी        कार्बन डाइऑक्साइड                      कैल्सियम कार्बोनेट                    पानी

इस घोल में यदि और कार्बन डाइऑक्साइड गैस गुज़ारी जाए तो यह कैल्सियम कार्बोनेट घुलनशील बाइकार्बोनेट में बदल जाएंगे जिससे चूने के पानी का दूधियापन समाप्त हो जाएगा-

CaCO3               +                 H2O                 +              CO2              +                  Ca(HCO3)2

कैल्सियम कार्बोनेट                      पानी                 कार्बन डाइऑक्साइड            कैल्सियम बाइकार्बोनेट

इसी घोल को पुन: गर्म करने पर दूधिया रंग प्राप्त हो जाएगा क्योंकि कैल्सियम बाइकार्बोनेट फिर कैल्सियम कार्बोनेट में बदल जाता है

                                                                                       गर्म

Ca(HCO3)2     →                CaCO3         +         H2O           +            CO2

                                                                                  करने पर

कैल्सियम बाइकार्बोनेट      कैल्सियम कार्बोनेट            पानी          कार्बन डाइऑक्साइड

प्रश्न 31. एक चित्र की सहायता से pH तथा [H3O] के पूरे परिसर को प्रकट कीजिए।

उत्तर-

प्रश्न 32. कुछ परिचित विलयनों के लगभग pH मान बताइए।

उत्तर-

विलयन pH
IM NaOH (सोडियम हाइड्रॉक्साइड) (H.P. 2011 Set-III)

IM NH3 (अमोनिया)

(घरेलू कार्य की)

संतृप्त Mg (OH)2 (मिल्क ऑफ मैग्नीशियम)

रक्त (H.P. 2011 Set-1 2014 Set-II, 2015 Set II)

दूध (H.P. 2015 Set-II)

लार

शुद्ध जल (H.P. 2011 Set-B, 2012 Set II, 2014 Set-II)

मूत्र

कॉफी

बीयर

टमाटर का जूस

वाइन

सिरका

नींबू का जूस

गैस्ट्रीक जूस

बैटरी अम्ल

IMHC1

14

 

 

11.6

10.0

7.4

6

6.5-7.5

7.0

5.5-7.5

4.5-5.5

4.0-5.0

4.0-5.0

4.0-4.0

2.8-3.8

2.4-3.4

2.2

1.2

0.5

0

 

प्रश्न 33. क्या लवण के क्रिस्टल वास्तव में शुष्क होते हैं? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर-शुष्क दिखने वाले कॉपर सल्फेट क्रिस्टलों में उनमें क्रिस्टलन का जल होता है। वे शुष्क प्रतीत होते हैं पर शुष्क होते नहीं। जब हम क्रिस्टल को गर्म करते हैं तो यह जल हट जाता है एवं लवण का रंग श्वेत हो जाता है। यदि आप क्रिस्टल को पुन: जल से भिगोते हैं तो क्रिस्टल का नीला रंग वापस आ जाता है।

लवण के एक सूत्र इकाई में जल के निश्चित अणुओं की संख्या को क्रिस्टलन का जल कहते हैं। कॉपर सल्फेट के एक सूत्र इकाई में जल के पांच अणु उपस्थित होते हैं। जलीय कॉपर सल्फेट का रासायनिक सूत्र CuSO4.5H2O है। Na2CO3.10H2O में दस अणु जल के होते हैं।

जिप्सम एक अन्य लवण है जिसमें क्रिस्टलन का जल होता है। इसमें क्रिस्टलन के जल का दो अणु होता है। इसका सूत्र CaSO4..2H2O है।

प्रश्न 34. धावन सोडा किस प्रकार तैयार किया जाता है? इसके उपयोग लिखिए।               (H.P. 2013, Set-C)

उत्तर-धावन सोडा (Na2CO3.10H2­O) एक रसायन जिसे सोडियम क्लोराइड से प्राप्त किया जा सकता है। बेकिंग सोडा को गर्म करके सोडियम कार्बोनेट प्राप्त किया जा सकता है। सोडियम कार्बोनेट के पुन: क्रिस्टलीकरण से घोने का सोडा प्राप्त होता है। यह भी एक क्षारकीय लवण है।

Na2CO3 +10H2­O     →          Na2CO3.10H2­O

(सोडियम कार्बोनेट)

सोडियम कार्बोनेट एवं सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट, कई औद्योगिक प्रक्रियाओं के लिए उपयोगी रसायन है।

धोने के सोडा के उपयोग (H.P. 2011 Set-I, 2012 Set-B, 2015)

(i) सोडियम कार्बोनेट का उपयोग कांच, साबुन एवं कागज उद्योगों में होता है।

(ii) इसका उपयोग बोरेक्स जैसे सोडियम यौगिक के उत्पादन में होता है।

(iii) सोडियम कार्बोनेट का उपयोग घरों में साफ-सफाई के लिए होता है।

(iv) जल की स्थाई कठोरता को हटाने के लिए इसका उपयोग होता है।

प्रश्न 35. उत्फुल्लन क्या होता है? एक ऐसे यौगिक का नाम दीजिए जो उत्फुल्लन प्रदर्शित करता हो। अपने उत्तर को एक अभिक्रिया द्वारा समझाइए।

उत्तर-उत्फुल्लन उस क्रिया को कहते हैं जिस में किसी यौगिक क्रिस्टल जल के वायु में मुक्त होने की प्रक्रिया होती है। यह क्रिया गर्म करने या अपने आप ही हो जाती है। धावन सोडा में क्रिस्टलीय जल मिला होता है इसीलिए उसका सूत्र Na2CO3.10H2­O है। जब इसे वायु में रखा जाता है तो यह पानी के 9 अणु खो देता है और एकल हाइड्रेट के रूप में रह जाता है।

Na2CO3 +10H2­O     →          Na2CO3 . H2­O + 9H2O

गर्म करने पर यह अपने सारे क्रिस्टलीय जल को खो देता है,

Na2CO3 +10H2­O     →          Na2CO3 + 10H2­O

प्रश्न 36. धावन सोडा के महत्त्वपूर्ण गुणधर्मों का विवरण दीजिए।                                        (H.P. 2010, Set-B)

उत्तर-(I) धावन सोडा पारदर्शक क्रिस्टलीय ठोस है। इसके क्रिस्टलीय जल के 10 अणु आबद्ध रहते हैं।

(II) यह पानी में घुलनशील है। पानी में घुल कर क्षारीय घोल बनाता है जो लाल लिटसम को नीला

कर देता है जो इसकी क्षारीय प्रकृति को प्रकट करता है।

(III) वायु का प्रभाव

जब इसे गर्म किया जाता है तो उत्फुल्लन के कारण क्रिस्टलीय जल के 9 अणु इससे अलग हो जाते हैं और मोनोहाइड्रेट बन जाता है।

Na2 Co3 . 10H2O         →       Na2 CO3 . H2O + 9H2O

 (IV) ऊष्मा का प्रभाव

जब धावन सोडा को 373 K तक गर्म किया जाता है तो इसके सभी क्रिस्टलीय जल के अणु इससे दूर हो जाते हैं और यह जलीय सफेद पाऊडर में बदल जाता है जिसे सोडा ऐश कहते हैं।

                                                                                                ∆

Na2 CO3 . 10H2O       →       Na2 CO3 + 10H2O

प्रश्न 37. Na2CO3 . 10H2O का साधारण नाम क्या है? एक ऐसे धातु कार्बोनेट का नाम दीजिए जो जल में घुलनशील हो।

उत्तर- Na2CO3.10H2O का साधारण नाम धावन सोडा है। सोडियम कार्बोनेट पानी में सरलता से घुल जाता है।

प्रश्न 38. खाने के सोडा के दो महत्त्वपूर्ण गुणधर्मों को दीजिए।

उत्तर-(I) खाने का सोडा सफेद रंग का क्रिस्टलीय ठोस है जो पानी के साथ क्षारीय घोल बनाता है।

(II) गर्म करने पर यह सोडियम कार्बोनेट में बदल जाता है और CO2 गैस उत्पन्न होती है।

                                                                       ∆

2NaHCO3     →     Na3CO3 + H2O + Co2

प्रश्न 39. एक बेकर ने पाया कि उसके द्वारा बनाया केक सख्त और आकार में छोटा है। वह कौन-सा संघटक डालना भूल गया है जिसके केक फूला हुआ बन सकता था? कारण बताइए।

उत्तर-केक तैयार करते समय बेकरी वाला बेकिंग पाऊडर भूल गया था। जब बेकिंग पाऊडर (सोडियम बाइकार्बोनेट और टारटारिक अम्ल का मिश्रण) डाल कर गर्म किया जाता है तब टारटारिक अम्ल की क्रिया से सोडियम बाइकार्बोनेट, कार्बन डाइऑक्साइड उत्पन्न करता है। इस कार्बन डाइऑक्साइड से केक फूलता है और हल्का होता है। बेकरी वाले का केक सख्त और आकार में छोटा है इसलिए निश्चित है कि वह बेकिंग पाऊडर डालना भूल गया है।

प्रश्न 40. क्लोरीन की शुष्क एवं बुझे हुए चूने के साथ अभिक्रिया द्वारा उत्पन्न पदार्थ का नाम दीजिए। इस अभिक्रिया के रासायनिक समीकरण को भी लिखिए।

उत्तर-बुझे हुए चूने पर क्लोरीन गैस गुजारने से कैल्सियम ऑक्सीक्लोराइड बनता है।

Ca(OH)2 + C12            →          CaOC12, + H2O

प्रश्न 41. विरंजक चूर्ण का किस प्रकार से उत्पादन होता है? अभिक्रिया लिखिए।

उत्तर-जब बुझे हुए शुष्क चूने पर से क्लोरीन गैस को गुजारा जाता है तो विरंजक चूर्ण बनता है।

Ca(OH)2 + C12            →            CaOC12 + H2O

(बुझा हुआ चूना)             (कैल्सियम ऑक्सीक्लोराइड)

प्रश्न 42. विरंजक चूर्ण को वायु में खुला छोड़ देने पर क्या होता है?

उत्तर-जब विरंजक चूर्ण को वायु में उद्भासित किया जाता है तो वह अपने गुणों में विकृति पाता है। वायु में उपस्थित CO2 इससे क्रिया करता है जिस कारण कैल्सियम कार्बोनेट और क्लोरीन गैस उत्पन्न होते हैं। विरंजक चूर्ण के गुण नष्ट हो जाते हैं।

CaOC12 + Co2      →          CaCO3  +  C12

प्रश्न 43. विरंजक चूर्ण के क्या-क्या महत्त्वपूर्ण उपयोग हैं?                                                        (H.P. 2012 Set-C)

उत्तर-(I) इसे सूती कपड़े, लिनन और लकड़ी के गुद्दे में रंग उड़ाने के लिए प्रयुक्त किया जाता है।

(II) पीने योग्य पानी से हानिकारक जीवाणुओं के नाश के लिए इसका प्रयोग किया जाता है।

(III) क्लोरोफॉर्म बनाने में प्रयुक्त होता है।

(IV) न सिकुडऩे वाली ऊन का इसकी सहायता से निर्माण किया जाता है।

(V) प्रयोगशाला और उद्योगों में ऑक्सीकारक का कार्य करता है।

प्रश्न 44. अस्पतालों (Hospitals) में टूटी हुई अस्थियों को जोडक़र बैठाने के लिए उपयोग में लाए जाने वाले यौगिक का नामोल्लेख कीजिए। इसको कैसे निर्मित करते हैं?

उत्तर-अस्पतालों में टूटी हुई हड्डियों को जोडऩे के लिए जिस यौगिक का प्रयोग किया जाता है उसे प्लास्टर ऑफ पेरिस, कहते हैं। इसे रासायनिक दृष्टि से कैल्सियम सल्फेट हेमी हाइड्रेट (Ca SO4 .  H2O) कहते हैं। इसे भट्ठी में जिप्सम को 373 K ताप पर गर्म कर के बनाया जाता है।

                                                                   373k

Ca So4 . 2H2O   →     Ca SO4 . ½ H2O + 1 ½  + H2O

जिप्सम                            प्लास्टर ऑफ पेरिस

प्रश्न 45. जिप्सम क्या होता है? इसको 373 K ताप पर गर्म करने से क्या होता है?

अथवा

प्लास्टर ऑफ पेरिस किस प्रकार तैयार किया जाता है?                                                    (H.P. 2014 Set-II)

उत्तर-जिप्सम एक यौगिक है जिसका सूत्र Ca So4 . 2H2O है। जब इसे 373 K तक गर्म किया जाता है तो प्लास्टर ऑफ पेरिस बन जाता है।

                                                                                   373k

Ca So4 . 2H2O  →    Ca SO4 . ½ H2O + 1 ½  + H2O

(जिप्सम)                        (प्लास्टर ऑफ पेरिस)

इस प्रक्रिया में तापमान पर निश्चित रूप से नियंत्रण रखा जाना चाहिए। अधिक तापमान हो जाने पर अजलीय कैल्सियम सल्फेट बन जाता है जिसमें प्लास्टर ऑफ पेरिस का कोई गुण नहीं होता।

प्रश्न 46. पेरिस प्लास्टर के महत्त्वपूर्ण उपयोगों के बारे में लिखिए।

(H.P. Dec. 2008, 2010 Set-C, 2011 Set-C, 2012 Set-A)

उत्तर-(I) इसे सांचे, खिलौने, सिरेमिक, बर्तन आदि बनाने में प्रयुक्त किया जाता है।

(II) सजावटी सामान, मूर्तियां आदि इससे बनाए जाते हैं।

(III) अस्पतालों में अस्थि विभाग और दंत विभाग के द्वारा इसका पर्याप्त प्रयोग किया जाता है। यह

टूटी हुई हड्डियों को जोडऩे के लिए प्रयुक्त किया जाता है और टूटे हुए दांतों के स्थान पर नकली

दाँत लगाने के सांचे इससे बनाए जाते हैं।

(IV) भवनों की दीवारों और छतों को समतल करने और उन पर डिजाइन बनाने के लिए इसका

प्रयोग किया जाता है।

(V) अग्निशमन संबंधी सामग्री इससे तैयार की जाती है।

(VI) प्रयोगशालाओं में गैसों का रिसाव इससे रोका जाता है।

प्रश्न 47. अनेक लोग पेट में गैस की शिकायत करते हैं। इसका मुख्य कारण क्या है? इससे आराम पाने के लिए लोग मिल्क ऑफ मैग्नीशियमका उपयोग क्यों करते हैं?

उत्तर-आमाशय में जठर रस स्रावित होता है जिसमें एंजाइम पेप्सिन और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल होता है। एंजाइम पेप्सिन अम्लीय माध्यम में ही सक्रिय होता है। जब हाइड्रोक्लोरिक अम्ल अधिक मात्रा में स्रावित होता है तब यह आमाशय में जलन उत्पन्न करता है जिसे गैस (Acidity) कहते हैं।

अम्ल की अधिकता को उदासीन करने के लिए जिन पदार्थों का प्रयोग किया जाता है उन्हें ऐन्टएसिड (Antacids) कहते हैं। प्राय: लोग ‘मिल्क मैग्नीशियम’ प्रयोग करते हैं जो एक दुर्बल क्षारक हैं। यह अधिक अम्ल को उदासीन करके आराम पहुंचाता है।

प्रश्न 48. तांबे और पीतल के बर्तन और मूर्तियां नींबू रगडऩे से चमक जाते हैं? क्यों?

उत्तर-तांबे और पीतल के बर्तन एवं मूर्तियां सतह पर कॉपर ऑक्साइड की परत जमने से धुंधला हो जाते हैं। नींबू में उपस्थित सिट्रिक अम्ल इस से अभिक्रिया कर लवण बनाता है जो पानी से धोने पर आसानी से धुल जाता है। इससे तांबे और पीतल की सतह चमकने लगती है।

प्रश्न 49. दांतों की रक्षा के लिए दांत किस प्रकार की टुथपेस्ट से साफ करने चाहिए? क्यों?

उत्तर-खाना खाने के पश्चात मुंह में शर्करा आदि की अधिकता के कारण भोजन के कण आदि जीवाणुओं द्वारा अम्लों में बदल दिए जाते हैं जिससे मुंह का pH कम हो जाता है जो दंत क्षय को उत्पन्न करता है। भोजन के बाद दांतों की रक्षा के लिए क्षारीय टुथपेस्ट या टुथमंजन का प्रयोग करना चाहिए। इसमें उपस्थित दुर्बल क्षार अतिरिक्त अम्ल को उदासीन कर देते हैं। इससे दंत क्षय की संभावना कम हो जाती है।

प्रश्न 50. सांद्र अम्ल तथा क्षारक वाले बर्तनों में लगे चेतावनी के चिह्न बनाइए।

उत्तर-

प्रश्न 51. नेटल के पत्तों के डंकनुमा बालों के चुभने से उत्पन्न पीड़ा से मुक्ति किस प्रकार पाई जा सकती है? लिखिए।

उत्तर-नेटल प्राय: जंगलों में उत्पन्न होने वाला एक शाकीय पौधा है। इसके पत्तों पर डंकनुमा छोटे-छोटे बाल होते हैं। यदि गलती से पत्ते को कोई प्राणी छू जाए तो इन छोटे-छोटे बालों से मेथैनॉइक अम्ल का स्राव उसके शरीर में प्रवेश कर जाता है जिससे डंक जैसा दर्द होता है। दर्द से छुटकारा पाने के लिए डंक वाले स्थान पर डॉक पौधे की पत्ती रगड़ कर लगाई जाती है। क्षारीय प्रकृति के डॉक पौधे प्राय: नेटल के आस-पास उगे होते हैं जो उदासीनीकरण प्रक्रिया से दर्द को शांत कर देते हैं।

प्रश्न 52. नींबू के रस में उपस्थित अम्ल का नाम तथा सूत्र लिखिए।                            (H.P. 2016 Set-II)

उत्तर-अम्ल का नाम = सिट्रिक अम्ल। .

सूत्र = C6H8O7

 

H

|

H-C-OOH

|

OH-C-COOH

|

H-C-COOH

|

H

प्रश्न 53. सिरके में उपस्थित अम्ल का नाम तथा सूत्र लिखिए।                            (H.P. 2016 Set-II)

उत्तर-एसिटिक अम्ल (CH3COOH)

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न

(Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1. भोजन का खट्टा स्वाद किस की उपस्थिति के कारण होता है?

उत्तर-अम्लों की उपस्थिति के कारण।

प्रश्न 2. कड़वे स्वाद का कारण कौन होता है?

उत्तर-क्षारकों की उपस्थिति।

प्रश्न 3. पेट में अति अम्लता का कारण क्या है?

उत्तर-अम्लता।

प्रश्न 4. अम्लों का लिटमस पर क्या प्रभाव दिखाई देता है?

उत्तर-वे नीले लिटमस को लाल कर देते हैं।

प्रश्न 5. क्षारकों का लिटमस पर क्या प्रभाव पड़ता है?

उत्तर-वे लाल लिटमस को नीला कर देते हैं।

प्रश्न 6. लिटमस क्या है?

उत्तर-लिटमस एक प्राकृतिक सूचक है।

प्रश्न 7. क्षारकीय प्रकृति वाले साबुन का सब्जी के दाग पर क्या प्रभाव दिखाई देता है?

उत्तर-वह भूरा-लाल हो जाता है।

प्रश्न 8. अम्ल और क्षारक की जांच के लिए किन संश्लेषित सूचकों का प्रयोग किया जाता है?

उत्तर-मेथिल ऑरेंज, फीनॉलफ्थेलिन।

प्रश्न 9. लिटमस किस रंग का रंजक है?

उत्तर-बैंगनी रंग का।

प्रश्न 10. लिटमस किस से प्राप्त किया जाता है?

उत्तर-थैलोफाइटा समूह के लिचेन (lichen) पौधे से।

प्रश्न 11. कौन-सा विलयन न अम्लीय होता है और न ही क्षारकीय?

उत्तर-लिटमस विलयन।

प्रश्न 12. लाल पत्ता गोभी, हल्दी, हायेंड्ररजिया, पेट्रानिया और जेरानियम की रंगीन पंखुडिय़ां किसी विलयन में किन की उपस्थिति प्रदर्शित करते हैं?

उत्तर-अम्ल एवं क्षारक की उपस्थिति।

प्रश्न 13. गंधीय सूचक क्या हैं?

उत्तर-जिन पदार्थों की गंध अम्लीय या क्षारकीय माध्यम में बदल जाते हैं, उन्हें गंधीय (olfactory) सूचक कहते हैं।

प्रश्न 14. गंधीय सूचकों के तीन उदाहरण लिखिए।

उत्तर-बारीक कटी प्याज, लौंग का तेल, तन वैनिला एसेंस।

प्रश्न 15. जिंक और तनु सल्फ्यूरिक अम्ल किस गैस को उत्पन्न करते हैं?

उत्तर-हाइड्रोजन गैस को।

प्रश्न 16. हाइड्रोजन गैस किस प्रकार की ध्वनि से जलती है?

उत्तर-फट-फट की ध्वनि से।

प्रश्न 17. अम्लों में हाइड्रोजन गैस का विस्थापन कौन करता है?

उत्तर-धातुएं।

प्रश्न 18. जिंक की सोडियम हाइड्रोक्साइड से क्रिया करने पर कौन-सी गैस उत्पन्न होती है?

उत्तर-हाइड्रोजन गैस।

प्रश्न 19. धातु कार्बोनेट और धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट अम्लों से क्रिया करके कौन-सी गैस उत्पन्न करते हैं?

उत्तर-कार्बन डाइऑक्साइड।

प्रश्न 20. चूने के पानी से ष्टह्र, को प्रवाहित करने से क्या होता है?                                       (H.P. Dec. 2008)

उत्तर-चूने का पानी दूधिया हो जाता है।

प्रश्न 21. चूने के पानी से अधिक CO2 गुज़ारने से चूने के पानी का दूधियापन किस कारण समाप्त हो जाता है?

उत्तर- जल में विलयशील Ca (HCO3)2 के कारण।

प्रश्न 22. लवण किस से प्राप्त होते हैं?

उत्तर-अम्ल और क्षारक की अभिक्रिया से।

प्रश्न 23. उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है?                                                                     (H.P. Dec. 2008)

उत्तर-अम्ल और क्षारक के अभिक्रिया के परिणामस्वरूप लवण और जल प्राप्त को उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं।

प्रश्न 24. कॉपर ऑक्साइड की तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की क्रिया से बनने वाले यौगिक का नाम और रंग लिखिए।

उत्तर-नील-हरित रंग का कॉपर क्लोराइड।

प्रश्न 25. धात्विक ऑक्साइड को किस नाम से पुकार सकते हैं?

उत्तर-क्षारकीय ऑक्साइड।

प्रश्न 26. अधात्विक ऑक्साइड किस प्रकृति के होते हैं?

उत्तर-अम्लीय प्रकृति के।

प्रश्न 27. तांबे के बर्तन में दूध-दहीं क्यों नहीं रखने चाहिए?

उत्तर-वे विषैले यौगिक बनाते हैं।

प्रश्न 28. सभी अम्लों में किस की उपस्थिति अवश्य होती है?

उत्तर-हाइड्रोजन।

प्रश्न 29. अम्लों में विद्युत्त प्रवाह किस कारण होता है?

उत्तर-आयनों के कारण।

प्रश्न 30. अम्लीय विलयन किस आयन को उत्पन्न करता है?

उत्तर-हाइड्रोजन आयन (H+) को उत्पन्न करता है।

प्रश्न 31. अम्लों का गुण धर्म अम्लीय क्यों होता है?

उत्तर-हाइड्रोजन आयन के कारण।

प्रश्न 32. अम्ल किस में आयन उत्पन्न करते हैं?

उत्तर-जलीय विलयन में।

प्रश्न 33. अधिक आर्द्र गैस को किस की सहायता से शुष्क किया जाता है?

उत्तर-कैल्सियम क्लोराइड की सहायता से।

प्रश्न 34. हाइड्रोजन आयन को किस रूप में दर्शाया जाता है?

उत्तर-H + (aq) या हाइड्रोनियम आयन (H3O+)

प्रश्न 35. क्षारक जल में कौन-सा आयन उत्पन्न करते हैं?

उत्तर-हाइड्रॉक्साइड (OH) आयन।

प्रश्न 36. क्षार क्या है?

उत्तर-जल में घुलनशील क्षारक को क्षार कहते हैं।

प्रश्न 37. क्षार का गुण क्या है?

उत्तर-क्षार कड़वे, साबुन की तरह चिकने और संक्षारक होते हैं।

प्रश्न 38. जल में अम्ल या क्षारक के घुलने की प्रक्रिया कैसी होती है?

उत्तर-ऊष्माक्षेपी।

प्रश्न 39. अम्लों का तनु करने के लिए क्या करना चाहिए?

उत्तर-जल में सांद्र अम्ल धीरे-धीरे मिलाना चाहिए न कि सांद्र अम्ल में जल।

प्रश्न 40. तनुकरण क्या है?

उत्तर-जल में अम्ल या क्षारक मिलाने पर आयन की सांद्रता (H3O+/OH) में प्रति इकाई आयतन की कमी हो जाती है, जिसे तनुकरण कहते हैं।

प्रश्न 41. अनेक सूचकों के मिश्रण को क्या कहते हैं?

उत्तर-सार्वत्रिक सूचक।

प्रश्न 42. कौन किसी विलयन में हाइड्रोजन आयन की विभिन्न सांद्रता को विभिन्न रंगों में प्रदर्शित करता है?

उत्तर-सार्वभौम सूचक।

प्रश्न 43. pH स्केल क्या है?

उत्तर-किसी विलयन में उपस्थित हाइड्रोजन आयन की सांद्रता ज्ञात करने की स्केल को pH स्केल कहते हैं।

प्रश्न 44. pH में P किस का सूचक है?

उत्तर-पुसान्स (Pursanuce) का।

प्रश्न 45. पुसान्स किस भाषा का शब्द है?

उत्तर-जर्मन भाषा का।

प्रश्न 46. पुसान्स का क्या अर्थ है?

उत्तर-पुसान्स का अर्थ है-शक्ति।

प्रश्न 47. pH स्केल से कहां से कहां तक pH ज्ञात कर सकते हैं?                             (H.P. 2012 Set-B)

उत्तर- 0 से 14 तक।

प्रश्न 48. किसी उदासीन विलयन के pH का मान क्या होगा?

उत्तर- pH का मान 7 होगा।

प्रश्न 49. pH स्केल में विलयन का मान 7 से कम हो तो वह क्या दर्शाता है?

उत्तर-अम्लीय विलयन।

प्रश्न 50. pH स्केल में विलयन का मान 7 से अधिक हो तो वह क्या दर्शाता है?

उत्तर-विलयन में OH की सांद्रता अर्थात क्षार की बढ़ती शक्ति।

प्रश्न 51. सामान्य: pH किस से ज्ञात किया जाता है?

उत्तर-सार्वत्रिक सूचक अंतर्भारित पेपर द्वारा।

प्रश्न 52. जठर रस pH स्केल पर क्या मान दिखाता है?

उत्तर-लगभग 1.2.

प्रश्न 53. नींबू का रस pH स्केल पर क्या मान दिखाता है?

उत्तर-लगभग 2.2.

प्रश्न 54. शुद्ध जल pH स्केल पर क्या मान दिखाता है?           (H.P. 2011 Set-B, 2012 Set-B)

उत्तर – 7.

प्रश्न 55. मिल्क ऑफ मैग्नीशियम pH स्केल पर क्या मान दिखाता है?

उत्तर-10.

प्रश्न 56. सोडियम हाइड्रोक्साइड pH स्केल पर क्या मान दिखाता है?                   (H.P. 2011 Set-C)

उत्तर-लगभग 14.

प्रश्न 57. प्रबल अम्ल किसे कहते हैं?

उत्तर-अधिक संख्या में H+ आयन उत्पन्न करने वाले अम्ल प्रबल अम्ल कहलाते हैं।

प्रश्न 58. दुर्बल अम्ल किसे कहते हैं?

उत्तर-कम H+ आयन उत्पन्न करने वाले अम्ल दुर्बल अम्ल कहलाते हैं।

प्रश्न 59. प्रबल क्षारक और दुर्बल क्षारक किसे कहते हैं?

उत्तर-अधिक OH आयन उत्पन्न करने वाले प्रबल क्षारक और कम आयन उत्पन्न करने वाले दुर्बल क्षारक कहलाते हैं।

प्रश्न 60. हमारा शरीर कितने pH परास के बीच काम करता है?

उत्तर-हमारा शरीर 7.0 से 7.8 pH परास के बीच काम करता है।

प्रश्न 61. वर्षा का जल के pH मान किस से कम हो जाता है?

उत्तर-5.6 से कम।

प्रश्न 62. कैसी नदी जलीय जीवधारियों की उत्तरजीविता के लिए कठिन हो जाती है?

उत्तर-जब अम्लीय वर्षा का जल नदी में प्रवाहित होता है।

प्रश्न 63. शुक्र ग्रह का वायुमंडल किस से घिरा है?

उत्तर-सल्फ्यूरिक अम्ल के मोटे श्वेत और पीले बादलों से।

प्रश्न 64. अच्छी उपज के लिए मिट्टी के किस परास की जांच आवश्यक होती है?

उत्तर- pH जांच की।

प्रश्न 65. हमारा उदर कौन-सा अम्ल उत्पन्न करता है?

उत्तर-हाइड्रोक्लोरिक अम्ल।

प्रश्न 66. अपच की स्थिति में पेट में क्या उत्पन्न होता है?

उत्तर-अत्यधिक मात्रा में HC1.

प्रश्न 67. पेट में अधिक अम्ल का उपचार किस से किया जाता है?

उत्तर-ऐन्टैसिड जैसे क्षारकों से।

प्रश्न 68. किस दुर्बल क्षारक से ऐन्टैसिड अम्ल की अधिकता को उदासीन किया जाता है?

उत्तर-मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड (मिल्क ऑफ मैग्नीशिया)

प्रश्न 69. मुंह में दांतों का क्षय कब आरंभ होता है?

उत्तर- pH का मान 5.5 से कम होने पर।

प्रश्न 70. दांत किस से बने होते हैं?

उत्तर-कैल्सियम फॉस्फेट से।

प्रश्न 71. हमारे शरीर में सबसे कठोर पदार्थ कौन-सा है जिससे दांत बनते हैं?

उत्तर-कैल्सियम फॉस्फेट।

प्रश्न 72. मुंह की सफाई के लिए किस का उपयोग किया जाना चाहिए?

उत्तर-क्षारकीय दंत-मंजन का।

प्रश्न 73. मधुमक्खी के डंग से दर्द और जलन क्यों अनुभव होता है?

उत्तर-एक अम्ल के कारण।

प्रश्न 74. डंक मारे गए अंग पर किस के उपयोग से आराम मिलता है?

उत्तर-बेकिंग सोडा जैसे दुर्बल क्षारक से।

प्रश्न 75. नैटल के डंक मारने वाले बाल क्या छोड़ते हैं?

उत्तर-मेथैनॉइक अम्ल।

प्रश्न 76. नैटल नामक शाकीय पौधे के कारण उत्पन्न जलन का उपचार किस से किया जाता है?

उत्तर-डॉक नामक पौधे की पत्तियों से।

प्रश्न 77. सिरके में कौन-सा अम्ल होता है?

उत्तर-ऐसीटिक अम्ल।

प्रश्न 78. नींब, संतरा में कौन-सा अम्ल होता है?

उत्तर-सिट्रिक अम्ल।

प्रश्न 79. इमली में विद्यमान अम्ल का नाम लिखिए।

उत्तर-टार्टरिक अम्ल।

प्रश्न 80. टमाटर में विद्यमान अम्ल का नाम लिखिए।

उत्तर-ऑक्सैलिक अम्ल।

प्रश्न 81. चींटी के डंक से कौन-सा अम्ल हमें कष्ट देता है?

उत्तर-मेथैनॉइक अम्ल।

प्रश्न 82. दही और खट्टे दूध में कौन-सा अम्ल होता है?

उत्तर-लैक्टिक अम्ल।

प्रश्न 83. साधारण नमक का सूत्र लिखिए।

उत्तर-NaC1.

प्रश्न 84. साधारण नमक किस से बनता है?

उत्तर-हाइडोक्लोरिक अम्ल और सोडियम हाइडोक्साइड की अभिक्रिया से।

प्रश्न 85. नमक की प्राप्ति प्रमुख रूप से कहां से होती है?

उत्तर-समुद्री जल से।

प्रश्न 86. नमक के बड़े आकार के क्रिस्टल भूरे क्यों होते हैं?

उत्तर-अशुद्धियों की उपस्थिति के कारण।

प्रश्न 87. खनिज नमक का खनन किस तरह से होता है?

उत्तर-कोयले की तरह।

प्रश्न 88. साधारण नमक से बनने वाले चार यौगिकों के नाम लिखिए।

उत्तर– NaOH, Na2CO3, NaHCO3, CaOC12.

प्रश्न 89. ऊष्मा उन्मोची क्रियाएं (Exothermic Reactions) किसे कहते हैं?

उत्तर-जिन रासायनिक क्रियाओं में ऊष्मा ऊर्जा की उत्पत्ति होती है उन्हें ऊष्मा उन्मोची क्रियाएं कहते हैं।

प्रश्न 90. ऊष्मा उन्मोची क्रियाओं के चार उदाहरण दीजिए।

उत्तर-(i) मीथेन का ऑक्सीजन की उपस्थिति में जलना।

(ii) चूने पर पानी डालना।

(iii) मैग्नीशियम की तार को हवा में जलाना।

(iv) एलुमिनियम पाऊडर को फैरिक ऑक्साइड के साथ मिलाकर जलाना।

प्रश्न 91. ऊष्मा अवशोषी (Endothermic Reaction) क्रिया किसे कहते हैं?

उत्तर-जिन रासायनिक क्रियाओं में ऊष्मा का अवशोषण होता है उन्हें ऊष्मा अवशोषी क्रिया कहते हैं।

प्रश्न 92. ऊष्मा अवशोषी क्रियाओं के दो उदाहरण दीजिए।

उत्तर-(i) जलीय बेरियम हाइड्रोक्साइड [Ba(OH)2.8H2O] को अमोनियम थायोसायनेट (NH4SCN) के साथ

मिलाना।

(ii) अमोनियम क्लोराइड या अमोनियम नाइट्रेट को जलीय बेरियम हाइड्रोक्साइड के साथ मिलाना।

प्रश्न 93. ठोस रूप में सोडियम क्लोराइड (NaC1) विद्युत का चालक क्यों नहीं होता?

उत्तर-ठोस सोडियम क्लोराइड में Na+ और C1 तीव्र कूलॉमी बलों से आपस में जुड़े रहते हैं और इसमें कोई भी स्वतंत्र आयन नहीं होता, जिस कारण वह विद्युत का चालक नहीं होता।

प्रश्न 94. रासायनिक वियोजन से क्या अभिप्राय है?

उत्तर-जिस अभिक्रिया में किसी यौगिक का अणु टूटकर परमाणु आयन बनाता है उसे रासायनिक वियोजन कहते हैं।

प्रश्न 95. सोडियम क्लोराइड की जल में वियोजन अभिक्रिया को रासायनिक समीकरण द्वारा प्रकट कीजिए।

उत्तर- NaC1 (s) + H2O (1) →  Na+(aq) + C1 (aq).

प्रश्न 96. किसी रसायन अभिक्रिया को प्रभावित करने वाले पांच कारकों के नाम लिखिए।

उत्तर-तापमान, सांद्रता, उत्प्रेरक, प्रकाश और प्रकृति।

प्रश्न 97. पदार्थ की किस अवस्था के रूप में कोई अभिक्रिया जल्दी होती है?

उत्तर-गैसीय या तरल अवस्था में।

प्रश्न 98. किसी ठोस की पाऊडर या बड़े टुकड़े की अवस्था में से अधिक सक्रिय कौन होगा?

उत्तर-ठोस की पाऊडर अवस्था।

प्रश्न 99. विलय किसे कहते हैं?

उत्तर-विलय वह यौगिक है, जो जलीय अवस्था में आकर धनात्मक या ऋणात्मक आवेशित आयनों में परिवर्तित हो जाता है।

प्रश्न 100. पानी में नमक क्यों घुल जाता है?

उत्तर-पानी में सोडियम और क्लोराइड आयन मुक्त अवस्था में आ जाने के कारण घुल जाते हैं।

प्रश्न 101. नमक का पानी में विच्छेदन की क्रिया लिखिए।

उत्तर- NaC1 (s) + H2O (d) ⇋ Na+ (aq) + Cl (aq).

प्रश्न 102. शक्तिशाली विलायक (Strong electrolyte) किसे कहते हैं?

उत्तर-वह यौगिक जिसके जलीय घोल की विच्छेदन की मात्रा 30% हो उसे शक्तिशाली विलायक कहते हैं।

प्रश्न 103. शक्तिशाली विलायकों के अम्लीय, क्षारीय और लवणीय उदाहरण दीजिए।

उत्तर- अम्लीय-सल्फ्यूरिक अम्ल, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और नाइट्रिक अम्ल।

क्षारीय-सोडियम हाइड्रोक्साइड, पोटाशियम हाइड्रोक्साइड, बेरियम हाइड्रोक्साइड।

लवणीय-सोडियम क्लोराइड, पोटाशियम सल्फेट, लैड ब्रोमाइड।

प्रश्न 104. कमजोर विलायक (Weak Electrolytes) किसे कहते हैं?

उत्तर-वह यौगिक जिसके जलीय घोल की विच्छेदन मात्रा 30% से कम हो उसे कमजोर विलायक कहते हैं।

प्रश्न 105. कमजोर विलायकों के अम्लीय, क्षारीय और लवणीय उदाहरण दीजिए।

उत्तर-अम्लीय-एसिटिक अम्ल, ऑक्जालिक अम्ल, सिट्रिक अम्ल।

क्षारीय-कैल्सियम हाइड्रोक्साइड, मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड, अमोनियम हाइड्रोक्साइड।

लवणीय-सोडियम कार्बोनेट, पोटशियम एसिटेट, सोडियम आक्सालेट।

प्रश्न 106. अम्ल किसे कहते हैं?

उत्तर-अम्ल वे यौगिक हैं जो पानी में घुल कर हाइड्रोनियम [H3O]+ को उत्पन्न करते हैं।

HC1 + H2O ⇋  H3O+ + C1

H2SO4 + 2H2O ⇋ 2H3O+ + SO42

प्रश्न 107. अम्लों को स्रोत के आधार पर किन-किन दो वर्गों में बांटा जाता है?

उत्तर (i) अकार्बनिक (Inorganic या Mineral)

(ii) कार्बनिक (Organic)

प्रश्न 108. अकार्बनिक अम्लों के तीन उदाहरण दीजिए।

उत्तर- सल्फ्यूरिक अम्ल, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, नाइट्रिक अम्ल।

प्रश्न 109. कार्बनिक अम्लों के तीन उदाहरण दीजिए।

उत्तर-एसिटिक एसिड, फार्मिक एसिड, यूरिक एसिड।

प्रश्न 110. जीव-जंतुओं से कौन-से अम्ल प्राप्त किए जाते हैं?

उत्तर-कार्बनिक (Organic) अम्ल।

प्रश्न 111. क्षार की आधुनिक परिभाषा क्या है?

उत्तर-वे यौगिक जो पानी में घुलकर OH आयन प्रदान करते हैं उन्हें क्षार कहते हैं जैसे-

Na2H2O + H2O    ⇋    2Na+ + 20H

                            K2O + H2O           ⇋    2K+ + 2OH

Ca O + H2O         ⇋    Ca2+ + 2OH

NaOH                 ⇋    Na+ + OH

KОН                    ⇋    K+ + OH

NH4 OH              ⇋     NH4+ + OH

प्रश्न 112. शक्तिशाली क्षारों के चार उदाहरण दीजिए।

उत्तर- LiOH, KOH, Ba(OH)2, NaOH

प्रश्न 113. कमजोर क्षारों के तीन उदाहरण दीजिए।

उत्तर- NH4 OH, Ca(OH)2, Mg(OH)2

प्रश्न 114. उदासीनीकरण (Neutralisation) किसे कहते हैं?

उत्तर-वह रासायनिक क्रिया जिसमें किसी अम्ल का H+ और क्षार का OH परस्पर मिल कर अनायन जल अणु तैयार करे उसे उदासीनीकरण क्रिया कहते हैं।

HNO3 + KOH                    →       KNO3 + H2O

H+ + NO3 + K+ + OH       →        K+ + NO3 + H2O

H+ + OH                              →       H2O

प्रश्न 115. H+ (जलीय) की सांद्रता की माप क्या है?

उत्तर-अम्ल या क्षार की शक्ति।

प्रश्न 116. शुद्ध जल में 250C पर H+ आयन की सांद्रता क्या है?

उत्तर-10-7 Mo1/1t

प्रश्न 117. किसी अम्ल को पानी में मिलाने से क्या होता है?

उत्तर-[H+ (जलीय)] आयन की वृद्धि।

प्रश्न 118. किसी क्षार को पानी में मिलाने से क्या होता है?

उत्तर- [OH (जलीय)] आयन की वृद्धि।

प्रश्न 119. pH स्केल किसने और कब प्रदान की थी?

उत्तर-pH स्केल डेनिश रसायनज्ञ सोरेनसेन (Sorensen) ने 1909 में प्रदान की थी।

प्रश्न 120. pH स्केल में प्रयुक्त Pऔर Hक्या हैं?

उत्तर- P = पोटेंज (Potenz), जिसका अर्थ है शक्ति।

H = हाइड्रोजन (Hydrogen)।

प्रश्न 121. किस आयन की सांद्रता प्रत्येक जैविक और अनेक औद्योगिक प्रक्रियाओं में महत्त्वपूर्ण मानी जाती है?

उत्तर-हाइड्रोजन आयन की सांद्रता।

प्रश्न 122. औद्योगिक स्तर पर कपड़े धोने का सोडा किस विधि से तैयार किया जाता है?

उत्तर-औद्योगिक स्तर पर सोडियम कार्बोनेट को साल्वे विधि से बनाया जाता है।

प्रश्न 123. साल्वे विधि में प्रयुक्त किया जाने वाला अपक्व पदार्थ कौन-सा है?

उत्तर-सोडियम क्लोराइड, अमोनिया और चूना पत्थर।

प्रश्न 124. धावन सोडा का रासायनिक सूत्र लिखकर बताइए कि यह किस प्रकार का होता है?

                                                                          (H.P. 2011 Set-II)

उत्तर-Na2CO3.10H2O धावन सोडा पारदर्शी क्रिस्टलीय ठोस होता है।

प्रश्न 125. धावन सोडा को गर्म करने से क्या होता है?

उत्तर-धावन सोडा को गर्म करने से उसका क्रिस्टलीय जल निकल जाता है।

प्रश्न 126. वाशिंग सोडे की प्रकृति कैसी होती है? इसे किस प्रकार जांचोगे?

उत्तर-वाशिंग सोडा की प्रकृति क्षारीय होती है। इसे लाल लिटमस पेपर से जांचा जा सकता है। वह नीले रंग का हो जाएगा।

प्रश्न 127. धावन सोडा का चार स्थानों पर प्रमुख रूप से प्रयोग होता है।

उत्तर-कांच उद्योग, साबुन उद्योग, कागज उद्योग और प्रयोगशालाएं।

प्रश्न 128. धावन सोडा का घरों में क्या प्रयोग होता है?

उत्तर-धावन सोडा का घरों में कपड़े धोने में प्रयोग होता है।

प्रश्न 129. मीठा सोडा (Baking Soda) किस प्रक्रम से प्राप्त होता है?

उत्तर-साल्वे पक्रम से।

प्रश्न 130. मीठा सोडा किस रंग का होता है?

उत्तर-मीठा सोडा सफेद रंग का होता है।

प्रश्न 131. मीठा सोडा का प्रयोग बेकरी वाले कहां करते हैं?

उत्तर-केक, ब्रेड आदि बनाने में मीठा सोडा का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 132. मीठा सोडा के प्रयोग से केक नर्म क्यों हो जाता है?

उत्तर-कार्बन डाइऑक्साइड के उत्पन्न होने के कारण।

प्रश्न 133. पेट और छाती में जलन महसूस होने का क्या कारण होता है? इसका निवारण किस प्रकार कर सकते हो?

उत्तर-पेट और छाती में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की अधिकता से जलन महसूस होती है जिसे मीठा सोडा के सेवन से दूर किया जा सकता है।

NaHCO3 + HC1        →         NaC1 + H2O + CO2

प्रश्न 134. बेकिंग पाऊडर किसे कहते हैं?

उत्तर-बेकिंग पाऊडर मीठा सोडा और टारटैरिक अम्ल के मिश्रण को कहते हैं।

प्रश्न 135. केक बनाने के लिए बेकिंग पाऊडर में यदि टारटैरिक अम्ल का प्रयोग न किया जाए तो केक का स्वाद कैसा होगा?

उत्तर-सोडियम कार्बोनेट की उपस्थिति के कारण वह कड़वा होगा।

प्रश्न 136. अग्निशमन के लिए यंत्रों में किन रसायनों का प्रयोग किया जाता है?

उत्तर-सोडियम, हाइड्रोजन, कार्बोनेट और सल्फ्यूरिक अम्ल का।

  1. सोडा-एसिड अग्निशमन यंत्रों से कौन-सी गैस उत्पन्न होती है?

उत्तर-कार्बन डाइऑक्साइड गैस।

प्रश्न 138. विरंजक चूर्ण का सूत्र लिख कर बताइए कि इसे किस प्रकार के चूने से तैयार किया जाता है?

(H.P. 2010 Set-C, 2011 Set-C, 2012 Set-C)

उत्तर-विरंजक चूर्ण (CaOC12) बुझे हुए चूने (Ca(OH)2) से तैयार किया जाता है।

प्रश्न 139. विरंजक चूर्ण को जिस-जिस औद्योगिक प्रक्रम से तैयार किया जाता है उसका नाम लिखिए।

उत्तर-हैसनक्लीवर (Hasenclever) तथा बेचमैन (Bachmann) प्रक्रम।

प्रश्न 140. क्लोरीन गैस को विरंजक चूर्ण बनाने के लिए संयंत्र में कहां से प्रविष्ट कराया जाता है?

उत्तर-संयंत्र में नीचे से।

प्रश्न 141. बुझे हुए चूने का रासायनिक नाम लिखिए।

उत्तर-कैल्सियम हाइड्रोक्साइड।

प्रश्न 142. विरंजक चूर्ण को वायु में खुला रखने से क्या होता है?

उत्तर-वायु के संपर्क में आने से विरंजक चूर्ण अपघटित हो जाता है तथा क्लोरीन मुक्त हो जाती है।

प्रश्न 143. जल को संक्रमण रहित बनाने में किस यौगिक का सामान्यतया प्रयोग किया जाता है?

उत्तर-विरंजक चूर्ण (CaOC12) का।

प्रश्न 144. बिना बुझे चूने (Quick Lime) का रासायनिक नाम क्या है?

उत्तर-कैल्सियम ऑक्साइड (CaO)।

प्रश्न 145. सामान्य नमक में उपस्थित प्रस्वेदी (Deliquencent) का नाम लिखिए।

उत्तर-मैग्नीशियम क्लोराइड (MgC12)।

प्रश्न 146. विरंजक चूर्ण से किस गैस की गंध आती है?

उत्तर-क्लोरीन गैस की गंध।

प्रश्न 147. विरंजक चूर्ण को मुख्य रूप से किन दो उद्योगों में प्रयुक्त किया जाता है?

उत्तर-विरंजक चूर्ण को मुख्य रूप से कपड़ा और कागज उद्योग में प्रयुक्त किया जाता है।

प्रश्न 148. विरंजक चूर्ण को पानी में क्यों मिलाया जाता है?

उत्तर- पानी को जीवाणु रहित बनाने के लिए।

प्रश्न 149. कई बार तरण-तालों में तैरने से आंखें लाल हो जाती हैं। क्यों?

उत्तर-पानी में विरंजक चूर्ण की अधिकता से।

प्रश्न 150. मिस्त्र वासियों ने प्लास्टर ऑफ पेरिस का प्रयोग कब किया था?

उत्तर-लगभग 5000 वर्ष पहले।

प्रश्न 151. मिस्त्र वासी प्लास्टर ऑफ पेरिस को किस प्रकार तैयार करते थे?

उत्तर-जिप्सम को खुली हवा में गर्म करने से।

प्रश्न 152. मिस्र वासी प्लास्टर ऑफ पेरिस का क्या प्रयोग करते थे?

उत्तर-वे अपने स्मारकों के लिए प्रयुक्त चट्टानों पर इसकी तह सीमेंट की तरह जमाते थे।

प्रश्न 153. प्लास्टर ऑफ पेरिस के साथ पेरिसका क्या संबंध है?

उत्तर-प्रारंभ में जिप्सम को पेरिस में मांटमारटी से प्राप्त किया जाता था इसलिए इसके नाम के साथ ‘पेरिस’ शब्द जुड़ा हुआ है।

प्रश्न 154. प्लास्टर ऑफ पेरिस बनाने के लिए किसे और कितना गर्म करना पड़ता है?

उत्तर-प्लास्टर ऑफ पेरिस जिप्सम (CaSO4.2H2O) को 373K तक गर्म करने से बनाया जाता है।

प्रश्न 155. प्लास्टर ऑफ पेरिस किस रंग का यौगिक है?

उत्तर-यह सफेद रंग का यौगिक है।

प्रश्न 156. हड्डी विशेषज्ञ प्लास्टर ऑफ पेरिस का क्या उपयोग करते हैं?

उत्तर-टूटी हुई हड्डियों को जोडऩे के लिए।

प्रश्न 157. नेटल पादप को छू जाने से कौन-सा अम्ल त्वचा के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर जाता है?

उत्तर-मेथैनॉइक अम्ल।

प्रश्न 158. नेटल पादप के पौधे को छू जाने से उत्पन्न पीड़ा का निवारण किस पौधे के पत्ते से होता है?

उत्तर-डॉक पौधा।

प्रश्न 159. साधारण नमक का रासायनिक नाम और सूत्र लिखिए।

उत्तर-सोडियम क्लोराइड (NaC1)

बहु-विकल्पी प्रश्नोत्तर

(Multiple Choice Questions)

  1. लिटमस विलयन जब न तो अम्लीय होता है न ही क्षारकीय तब यह कौन-से रंग का होता है।

(A) लाल                  (B) नीला

(C) बैंगनी               (D) पीला।

  1. वे पदार्थ जिनकी गंध अम्लीय या क्षारकीय माध्यम में बदल जाती है, उन्हें क्या कहते हैं?

(A) गंधीय सूचक (B) संश्लेषित सूचक

(C) लिटमस           (D) उपरोक्त सभी।

  1. अम्ल क्षारक की अभिक्रिया के परिणामस्वरूप लवण तथा जल प्राप्त होते हैं। इस अभिक्रिया के

अभिक्रिया कहते हैं।

(A) उदासीनीकरण  (B) तनुकरण

(C) क्लोर-क्षार         (D) कोई नहीं।

  1. pH स्केल Pकिसका सूचक है?

(A) पुसांस              (B) प्लेस

(C) प्योर                (D) पौधे।

  1. किसी भी उदासीन विल्यन ने pH का मान क्या होगा-

(A) 14                    (B) 0

(C) 5                        (D) 7.

  1. कौन-से ग्रह का वायुमंडल सल्फ्यूरिक अम्ल के मोटे श्वेत एवं पीले बादलों से बना है?

(A) धरती               (B) बुध

(C) शुक्र                  (D) मंगल।

  1. हमारा उदर कौन-सा अम्ल उत्पन्न करता है?

(A) H2SO4                      (B) HNO3

(C) HC1                     (D) HCOOH.

  1. सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट निम्न में से किसका रासायनिक नाम है-

(A) विरंजक चूर्ण       (B) बेकिंग सोडा

(C) जिप्सम                (D) उपरोक्त सभी।

  1. विलयन में किस आयन के निर्माण के कारण पदार्थ की प्रकृति अम्लीय होती है?

(A) OH                     (B) SO3

(C) H+                                       (C)   C1

  1. पीने के पानी को जीवाणुओं से मुक्त करने के लिए निम्न में से किसका उपयोग किया जाता है?

(A) बेंकिग सोडा        (B) विरंजक चूर्ण

(C) धोने का सोडा     (D) उपरोक्त सभी।

  1. विरंजक चूर्ण का रासायनिक सूत्र क्या है?

(A) NaHCO3                           (B) Na2CO3.10H2O

(C) CaOC12                             (D) उपरोक्त कोई नहीं।

12 जल की स्थायी कठोरता को हटाने के लिए किसका उपयोग किया जाता है?

(A) Na2.CO3                           (B) Na2CO3.10H2O

(C) CaOC12                            (D) Na2SO4

  1. 13. जिप्सम को किस ताप पर गर्म करने पर प्लास्टर ऑफ पेरिस बनता है?

(A) 100 k                   (B) 200 k

(C) 273 k                   (D) 373 k.

14 जिप्सम में क्रिस्टल के जल के कितने अणु होते हैं?

(A) 1                         (B) 2

(C) 3                         (D) 4.

15 डॉक्टर टूटी हुई हड्डियों को सही जगह पर स्थिर रखने के लिए किसका उपयोग करते हैं?

(A) सीमेंट                           (B) जिप्सम

(C) प्लास्टर ऑफ पैरिस  (D) सोडा।

  1. निम्नलिखित में रिक्त स्थानों की पूर्ति करो-

(i) NaHCO3 + H+ → ………………………. + H2O + अम्ल का सोडियम लवण।

(किसी अम्ल से)

(ii) हमारा शरीर 7.0 से . …………………….. pH परास के बीच कार्य करता है।

(iii) वर्षा के जल का pH मान जब 5.6 से कम हो जाता है तो वह …………… वर्षा कहलाती है।

(iv) ………………… विलयन अंडे के पिसे हुए कवच से अभिक्रिया कर एक गैस उत्पन्न करता है जो के पानी को दूधिया कर देती है।

(v) अम्ल एवं क्षारक एक-दूसरे को उदासीन करके …………….. एवं …………….. का निर्माण करते हैं।

(vi) अपच का उपचार करने के लिए …………… औषधि का उपयोग होता है।

(vii) ताजे दूध के pH का मान …………….. होता है।

(viii) लवण के एक सूत्र इकाई में जल के निश्चित अणुओं की संख्या को …………. का जल कहते हैं।

उत्तर

  1. (C) बैंगनी 2. (A) गंधीय सूचक 3. (A) उदासीनीकरण 4. (A) पुसांस 5.(D) 7 6 . (C) शुक्र 7. (C) HC1 8. (B) बेकिंग सोडा 9. (C) H+ 10. (B) विरंजक चूर्ण 11. (C) CaOC12 12. (B) Na2CO3.10H2O 13. (D) 373 k 14. (B) 2 15. (C) प्लास्टर ऑफ पेरिस 16. (i) CO2 (ii) 7.8 (iv) अम्लीय (iv) HC1 (V) लवण एवं जल (vi) एंटैसिड (vii) 6 (viii) क्रिस्टल

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