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जम्मू कश्मीर ने रचा इतिहास- 67 साल में पहली बार जीता रणजी ट्रॉफी का खिताब, कर्नाटक को हराया
Ranji Trophy Final: जम्मू-कश्मीर ने घरेलू क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया है। रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जम्मू-कश्मीर की टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए मजबूत मानी जा रही कर्नाटक की टीम को हराकर पहली बार खिताब अपने नाम कर लिया। जम्मू-कश्मीर ने 1959-60 में रणजी ट्रॉफी में पहली बार हिस्सा लिया था। तब से 67 साल बीत चुके हैं, और टीम को अब तक कोई खिताब नहीं मिला था। उनकी पहली जीत 1982-83 में सेना के खिलाफ आई थी, लेकिन अब वह चैंपियन बन गई है। इस ऐतिहासिक पल के दौरान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला हुबली में मौजूद रहे। उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी और कहा कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को खेल के प्रति प्रेरित करेगी।
They’ve done it. Well done J&K. #ranjitrophy2026 #RanjiTrophyFinal pic.twitter.com/COVBOl5j6J
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) February 28, 2026
पहली पारी में ही एकतरफा मुकाबला
मैच में जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 584 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. जवाब में कर्नाटक की टीम सिर्फ 293 रन पर सिमट गई। दूसरी पारी में भी जम्मू-कश्मीर के बल्लेबाजों ने शानदार लय बरकरार रखी। कामरान इकबाल ने 160 रन की बेहतरीन पारी खेली, वहीं साहिल ने भी शतक जड़कर टीम को मजबूत बढ़त दिलाई. दूसरी पारी के बाद टीम की कुल बढ़त 630 रन से ज्यादा हो गई, जिससे मुकाबला पूरी तरह एकतरफा हो गया और अंत में मैच का ड्रॉ करने का फैसला लिया गया। नियमों के मुताबिक, रणजी ट्रॉफी में मुकाबला रद्द होने पर पहली पारी के आधार पर नतीजा निकाला जाता है. जो भी टीम पहली पारी में बढ़त हासिल करने में कामयाब रहती है, उसको विजेता घोषित किया जाता है। इस नियम के चलते जम्मू-कश्मीर की टीम ये मैच अपने नाम करने में कामयाब रही।
पंकज शर्मा
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