Covid-19 Update

2,21,826
मामले (हिमाचल)
2,16,750
मरीज ठीक हुए
3,711
मौत
34,108,996
मामले (भारत)
242,470,657
मामले (दुनिया)

कोलकाता का बेगुन कोदार रेलवे स्टेशन 40 साल तक रहा बंद, जानिए इसके पीछे का राज

 रेलवे स्टेशन जिसे भूतिया रेलवे स्टेशन का तमगा मिला है

कोलकाता का बेगुन कोदार रेलवे स्टेशन 40 साल तक रहा बंद, जानिए इसके पीछे का राज

- Advertisement -

नई दिल्ली। देश और दुनिया कई रहस्यमयी चीजों से भरा हुआ है। कई पहलुओं की खुलासा हो जाता है, तो कई पहलू आज भी अनसुलझे रह गए हैं। ऐसे ही एक पहलू से हम आपको परिचय कराने जा रहे हैं। देश के अमूमन हर रेलवे स्टेशन पर आपको भीड़ देखने को मिल जाता होगा। लेकिन, इस देश में एक ऐसा स्टेशन है, जहां आज भी लोग जाने से डरते हैं। इस स्टेशन पर सन्नाटा पसरा रहता है। कोलकाता के बेगुन कोदार का यह रेलवे स्टेशन साल 1960 में बना था। लेकिन, तकरीबन 40 साल तक यह स्टेशन पूरी तरह से बंद रहा।

भारतीय रेलवे के अधिकारियों ने जब इसे खोलने की कोशिश की तो कर्मचारी यहां पोस्टिंग होने से डरने लगे। उनका कहना है कि यहां भूत का साया है। यह बात सिर्फ रेलवे विभाग में ही नहीं बल्कि पूरे इलाके में पसरी हुई है। जिसके चलते यहां शाम होने के बाद ना तो ट्रेन रूकती है और ना ही कोई यहां ट्रेन से उतरता है।

यह भी पढ़ें: प्राकृतिक खजाने से भरा है हिमाचल का लाहुल-स्पीति, यहां की एक झील दिन में तीन बार अपना रंग बदलती है

ये है कहानी

दरअसल, जब स्टेशन का निर्माण हुआ तो सबकुछ ठीक था। लेकिन, तकरीबन सात साल बाद एक कर्मचारी ने दावा किया कि इस स्टेशन पर ‘भूत’ है। रेलवे कर्मचारी ने इसके बारे में कई और कर्मचारियों को भी बताया। इतना ही नहीं कुछ और लोगों ने भी इस बात का समर्थन किया। लोगों का कहना था कि इस स्टेशन पर एक महिला की ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी, जिसके बाद से उसका भूत यहां भटक रहा है। लेकिन, रेलवे के सीनियर अधिकारियों ने इस बात को दरकिनार कर दिया। कुछ समय बाद एक बड़ा हादसा हुआ, जिसके बाद सबकुछ बदल गया। रेलवे क्वार्टर में स्टेशन मास्टर और उनका परिवार मृत पाया गया।

लोगों की कहानी आज भी बताती है यहां भूत है

लोगों ने इसके बाद से अपनी कहानी बनानी शुरु कर दी। लोग कहने लगे यहां महिला की प्रेत भटकते रहती है। जब साल 2009 में इस रेलवे स्टेशन को खुलवाने के लिए अधिकारियों ने जतन किए तो एक बार फिर उन्हें यह भूतिया कहानी सुनाई गई। लेकिन, रेलवे अधिकारियों ने उनकी कहानी पर यकीन नहीं की और एक स्टेशन मास्टर को वहां तैनात कर दिया। लेकिन, उसने भी भूतिया कहानी की बात दोहराई। इसके कुछ समय बाद दूसरे स्टेशन मास्टर को भेज दिया गया, लेकिन वह ज्यादा समय तक सही से नहीं रह पाया।

लोगों का यहां तक कहना था कि शाम होते ही इस स्टेशन पर भूत दिखने लगता था। कई बार ट्रेन के सामने भूत को देखने का दावा किया गया, तो कई बार भूत को डांस करते हुए देखने का दावा किया गया। धीरे-धीरे लोगों में दहशहत बढ़ता गया और लोग स्टेशन पर आने से कतराने लगे। परिणाम ये हुआ कि इस स्टेशन पर ट्रेनों का रुकना बंद हो गया।

शाम होने से पहले निकल जाते हैं रेलवे कर्मचारी

तकरीबन 40 साल तक ऐसा ही हाल रहा। लेकिन, 2009 में दोबारा स्टेशन को खोला गया। लेकिन, शाम होने के बाद इस स्टेशन पर कोई नजर नहीं आता। रात होने से पहले कर्मचारी भी निकल जाते हैं। क्योंकि, लोगों का कहना है कि इस स्टेशन पर अब तक भूत का साया है। बहरहाल, सच्चाई जो भी हो लेकिन इस स्टेशन पर अब लोग जाने से कतराते हैं।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App


विशेष \ लाइफ मंत्रा


Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है