-
Advertisement
एडवोकेट अमेंडमेंट बिल के खिलाफ वकील हड़ताल पर, चक्कर कोर्ट परिसर में किया प्रदर्शन
Advocate Amendment Bill: प्रस्तावित एडवोकेट अमेंडमेंट बिल (Advocate Amendment Bill)के खिलाफ जहां पूरे प्रदेश भर में जहां वकील विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं शिमला के चक्कर की जिला अदालत का वकीलों ने बहिष्कार (lawyers boycotted)कर प्रदर्शन किया। वकीलों ने प्रस्तावित एडवोकेट अमेंडमेंट बिल 2025 (Advocate Amendment Bill 2025)के विरोध में न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया, जिसकी वजह से मामले में सुनवाई नहीं हो सकी और पक्षकारों को केवल आगे की डेट मिली। आज पूरे दिन वकील हड़ताल पर रहे और 25 फरवरी को इस मसले पर प्रदेश भर के बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एक बैठक कर आगामी रणनीति बनाएंगे। वकीलों ने आज इस प्रस्तावित बिल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इसे वापिस लेने की बात कही।
वकीलों की आवाज को दबाने की कोशिश
शिमला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष निरंजन वर्मा ने ने बताया कि एडवोकेट अमेंडमेंट बिल वकीलों की गरिमा और स्वतंत्रता पर हमला है। प्रस्तावित ड्राफ्ट बिल के जरिए वकीलों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। अधिवक्ता (संशोधन) विधेयक-2025 का मसौदा कानून मंत्रालय ने जारी किया है। यह बार संगठन की स्वतंत्रता पर हमला है,
इसमें एडवोकेट एक्ट 1961 में कई संशोधन प्रस्तावित हैं। इस बिल का पूरे देश भर में विरोध किया जा रहा है। आज शिमला 12 सेशन ने भी इस प्रस्तावित बिल का विरोध किया है और आज के दिन एक दिन की हड़ताल वकील कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश भर के बार एसोसिएशन के अध्यक्ष 25 फरवरी को शिमला में एकत्रित होंगे और एक कोऑर्डिनेशन कमेटी का निर्माण किया जाएगा और जो भी आगामी रणनीति होगी उसमें तय की जाएगी। निरंजन वर्मा ने कहा कि जब तक इस अमेंडमेंट बिल को वापस नहीं लिया गया उनका विरोध जारी रहेगा।
संजू चौधरी
