-
Advertisement
मां चिंतपूर्णी भोग की होम डिलीवरी शुरू, प्रसाद मंगवाने के लिए यहां करें क्लिक
शिमला/ ऊना। कोरोना ( Corona)महामारी के चलते श्रद्धालु जिला उना के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मंदिर माता चिंतपूर्णी (Mata Chintpurni )में दर्शनों के लिए नहीं आ पा रहे। मंदिर न्यास चिंतपूर्णी इस बार श्रावण अष्टमी मेलों का आयोजन भी नहीं कर रहा। भक्तों का घर बैठे ही माता का प्रसाद उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से मंदिर न्यास और जिला प्रशासन द्वारा ऑनलाइन प्रसाद वितरण की सुविधा शुरू की गई है। सीएम जय राम ठाकुर ( CM Jai Ram Thakur) ने आज शिमला से ऑनलाइन (Online) छिन्नमस्तिका भोग की होम डिलीवरी( Home delivery) का विधिवत शुभारंभ किया। माता का भोग /प्रसाद भक्तों को डाक सेवा के माध्यम से उपलब्ध करवाया जाएगा। इस लिंक https://matashrichintpurni.com/online-prasad/ पर क्लिक कर आप ऑनलाइन सेवा का लाभ उठा सकते है ।
यह भी पढ़ें: Punjab से पैदल ही चिंतपूर्णी मां के दर्शन करने पहुंचा 70 वर्षीय बुजुर्ग श्रद्धालु
इस अवसर पर सीएम जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने राज्य में सामाजिक भीड़ और संक्रमण के फैलाव को रोकने की दिशा में सभी मंदिरों और धार्मिक स्थलों को बंद रखा है। उन्होंने कहा कि यद्यपि प्रदेश के अधिकतर धार्मिक स्थल श्रद्धालुओं को ऑनलाइन दर्शन की सुविधा उपलब्ध करवा रही है, परंतु डाक विभाग के समन्वय से श्रद्धालुओं को प्रसाद प्रदान करने की सुविधा का शुभारंभ पहली बार किया गया है।जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के मंदिरों में विशेषकर श्रावण अष्टमी मेले के दौरान देशभर से लाखों लोग आते थे, परंतु इस बार मंदिर बंद है। उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रसाद की होम डिलीवरी सेवा प्रदान करने के ऊना जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की।सीएम प्रसाद की ऑनलाइन डिलीवरी के लिए भारतीय डाक विभाग के सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से प्रमुख गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। श्रद्धालुओं और धार्मिक पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी मुख्य मंदिरों और धार्मिक स्थलों का विकास और रख-रखाव किया जा रहा है। माता चिंतपूर्णी मंदिर क्षेत्र का प्रमुख पवित्र धार्मिक स्थल है, जहां पूरे विश्व से पर्यटक आते हैं।
हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए like करे हिमाचल अभी अभी का facebook page

