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MBU के स्टूडेंट्स ने वास्तविक डिग्री देने की शर्तों में हाईकोर्ट से मांगी रियायत
शिमला। मानव भारती विश्वविद्यालय (MBU) के करीब 250 छात्रों ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट (Himachal Pradesh High Court) को पत्र लिखकर अपील की है कि उन्हें वास्तविक डिग्रियां (Original Degree) देने के लिए रखी गई शर्तों में रियायत दी जाए। कोर्ट को बताया गया है कि डिग्रियां न मिलने के कारण उन्हें उच्च शिक्षा के लिए दाखिला नहीं मिल पा रहा है। कोर्ट ने इसके लिए छात्रों की ओर से पेश हुए अधिवक्ता को शपथपत्र के माध्यम से तथ्य पेश करने के आदेश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश एम एस रामचंद्र राव और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 5 दिसंबर को निर्धारित की है। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि मानव भारती विश्वविद्यालय और इसके कर्मचारियों के खिलाफ सक्षम अदालत में चालान पेश (Challan Submitted) कर दिया गया है। छात्रों की ओर से गुहार लगाई गई है कि राज्य सरकार की ओर से 27 सितंबर 2022 को जारी निर्देशों में डिग्री देने के लिए रियायत दी जाए। कोर्ट ने पाया कि इस बारे में छात्रों की ओर से कोई दलील नहीं दी गई है। सरकार के निर्देशों के तहत जिन छात्रों के प्रवेश और पंजीकरण का साल विवादित (Disputed Admission And Registration) है, उनकी डिग्रियां विवादित होने के कारण जारी नहीं की जाएंगी।
