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नए दौर की शुरुआत : दिल्ली को Driverless Metro की सौगात, #PMModi ने दिखाई हरी झंडी

एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड सेवाओं का भी शुभारंभ

नए दौर की शुरुआत : दिल्ली को Driverless Metro की सौगात, #PMModi ने दिखाई हरी झंडी

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नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो (Delhi metro) में आज से नए दौर की शुरुआत हो गई है। पीएम नरेंद्र मोदी ने देश की पहली ड्राइवरलेस मेट्रो को हरी झंडी दिखाई। पहले चरण में ड्राइवरलेस मेट्रो मजेंटा लाइन पर जनकपुरी पश्चिम से नोएडा के बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन तक दौड़ेगी, जिसे बाद में आगे भी बढ़ाया जाएगा।


 


 

इसके साथ ही वे एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन (Airport Express Line) पर नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड सेवाओं (National Common Mobility Card service) का भी शुभारंभ किया गया। नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड आने वाले समय में पूरे देश की मेट्रो में किराया भुगतान के लिए लागू किया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि एक ही कार्ड से यात्री देश के किसी भी शहर की मेट्रो में सफर कर सकेंगे।

 

 

मेट्रो खुद सभी स्टेशनों पर रुकेगी और दरवाजे भी खुद खुलेंगे

खास बात यह है कि इससे आम लोगों को सुखद परिवहन के साथ अनुकूल यातायात का लाभ मिलेगा। दिल्ली मेट्रो के अनुसार चालक रहित ट्रेनें पूरी तरह से स्वचालित होंगी। इससे संचालन से संभावित मानवीय भूल को खत्म किया जा सकेगा। मजेंटा लाइन पर मानव रहित मेट्रो के परिचालन की शुरुआत के बाद पिंक लाइन पर अगले साल के मध्य तक मानव रहित मेट्रो का परिचालन शुरू किए जाने की संभावना है। बता दें कि 37 किलोमीटर लंबी मजेंटा लाइन पर 25 स्टेशन हैं।

 

 

इसमें 10 एलिवेटेड व 15 भूमिगत स्टेशन हैं। इस कॉरिडोर पर दो चरणों में परिचालन शुरू हुआ था। सबसे पहले 25 दिसंबर 2017 को बाटेनिकल गार्डन से कालकाजी ( Kalkaji from Botanical Garden)के बीच मेट्रो ने रफ्तार भरी थी। इसके बाद 29 मई 2018 को कालकाजी से जनकपुरी पश्चिम के बीच मेट्रो सेवा उपलब्ध हो गई। तब से मजेंटा लाइन के पूरे हिस्से पर मेट्रो का परिचालन हो रहा है। मौजूदा समय में मेट्रो में चालक मौजूद होते हैं।

 

 

 

चालक रहित मेट्रो के परिचालन के ट्रायल व मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) की ओर से सुरक्षा मानकों की जांच के बाद सुविधा शुरू करने का फैसला किया गया है। चालक रहित तकनीक से चलने वाली हर मेट्रो ट्रेन का एक पहचान नंबर होगा। इसके मुताबिक केंद्रीय कंट्रोल रूप में बैठकर मेट्रो के कर्मचारी हर मेट्रो ट्रेन के लिए कंप्यूटर से यह कमांड दे सकेंगे कि मेट्रो को कब डिपो से निकलकर ट्रैक पर उतरना है। कंट्रोल रूम से ही मेट्रो की गति नियंत्रित की जा सकेगी।

 

 

मेट्रो खुद सभी स्टेशनों पर रुकेगी और दरवाजे भी खुद खुलेंगे और बंद होंगे। मजेंटा व पिंक लाइन पर चलने वाली मेट्रो भी अत्याधुनिक हैं। मेट्रो के आगे भी कैमरे लगे हैं और पहियों में भी सेंसर है। इसलिए ट्रैक पर कोई अवरोध होने पर खुद इमरजेंसी ब्रेक लग जाएगी। डीएमआरसी पहले ही इस तकनीक को पूरी तरह सुरक्षित बता चुका है। इस तकनीक का फायदा यह है कि आने वाले समय में महज 90 सेकेंड के अंतराल पर मेट्रो उपलब्ध हो सकेगी।

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