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हिमाचल: फोरलेन विस्थापितों हितैषी की बनने की लड़ाई में, तू-तू मैं-मैं शुरू

फोरलेन प्रभावितों के मुआवजा वितरण में कई खामियां-पठानिया

हिमाचल: फोरलेन विस्थापितों हितैषी की बनने की लड़ाई में, तू-तू मैं-मैं शुरू

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रविंदर चौधरी/नूरपुर। फोरलेन प्रभावितों की समस्याओं को लेकर पूर्व विधायक अजय महाजन (Ex MLA Ajay Mahajan) और मंत्री राकेश पठानिया (Minister Rakesh Pathania) आमने सामने आ गए हैं। दोनों ने एक दुसरे पर फोरलेन प्रभावितों समस्याओं के ऊपर राजनीति करने के आरोप लगाए हैं। वहीं, अब फोरलेन को लेकर गठित समिति पर भी राजनीति गरमा गई है। दोनों नेता फोरलेन पीड़ितों का सबसे बड़ा हितैषी बता रहे हैं।

यह भी पढ़ें:पठानकोट- मंडी फोरलेन प्रभावितों के हक के लिए कांग्रेस उतरी सड़कों पर

लोगों को हक दिला के रहूंगा- राकेश पठानिया

गठित की गई उपसमिति का उद्देश्य है कि जिन लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है, उन्हें न्याय मिले। लोगों को सही मुआवजा दिया जाए। यही इस उप समिति का उद्देश्य है। यह बात वन मंत्री एवं उपसमिति के सदस्य राकेश पठानिया ने कही। उन्होंने कहा कि फोरलेन प्रभावितों के मुआवजा वितरण में कई खामियां हैं।

उन्होंने कहा कि कई मामले ऐसे हैं जहां सड़क के एक किनारे कुछ मूल्य तय किया गया है और सड़क के दूसरी और कुछ और मूल्य तय कर दिया गया है। राकेश पठानिया ने कहा कि लोगों को एक कनाल भूमि का एक करोड़ मिला है और कुछ लोगों को एक कनाल भूमि के दस हज़ार रुपए ही मिले हैं। पठानिया ने कहा कि इसके अतिरिक्त कोशिश यह रहेगी कि जिन लोगों की भूमि सड़क के साथ लगती है और जिनका कब्जा 30 वर्ष से है लेकिन उनके नाम ज़मीन नहीं है, ऐसे लोगों को भी राहत दी जाए। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों में जो मुआवजा दिया गया है उसका अध्ययन करने और लोगों की समस्याओं को सुनने के बाद लोगों को राहत दी जाएगी।

 

 

कहा था मुआवजा नहीं दिला पाया तो दूंगा इस्तीफा- अजय महाजन

वहीं, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष व नूरपुर से पूर्व विधायक अजय महाजन ने कहा कि 3 साल पहले यह लड़ाई शुरू हुई थी। जिसमे संघर्ष समितियां बनी। उन्होंने कहा कि आज भी यह लोग अपने हक के लिए तरस गए हैं। कई बार मंत्री के पास गए लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला। फोरलेन प्रभावितों की वन मंत्री राकेश पठानिया को कोई चिंता नहीं है।

मंत्री ने कहा था अगर मैं मुआवजा नहीं दिला पाया तो अपने पद से इस्तीफा दे दुंगा। उन्होंने कहा कि हम सड़कों के खिलाफ नहीं है, लेकिन ऐसी सड़क का क्या करना जिससे लोग सड़कों पर आ जाएं। उन्होंने कहा कि इसमें भू-अधिग्रहण से लेकर मुआवजा राशि वितरण करने में कई खामियां हैं। उन्होंने कहा कि जब तक लोगों को उनका हक नहीं मिलता कांग्रेस संघर्ष समितियों के साथ मिलकर यह लड़ाई जारी रखेगी।

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