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कांगड़ा सहकारी बैंक कार्यक्षेत्र के बाहर के लोगों को नहीं देगा बैंकिंग सेवाएं
हमीरपुर। कांगड़ा सहकारी बैंक (Kangra Cooperative Bank) प्रबंधन ने प्रदेश में बैंक की विभिन्न शाखाओं को अपने ओपरेटिंग एरिया के बाहर के लोगों को बैंकिंग सुविधा (Banking Services) ना देने के फरमान जारी किए हैं। बैंक प्रबंधन के निर्देश बैंक की शाखाओं में पहुंच गए हैं और बैंक की शाखाओं ने ऊपर से आए आदेशों का हवाला देकर कार्यक्षेत्र के बाहर के लोगों को बैंकिंग सेवाएं देने से इन्कार कर रहे हैं। बैंक के ताजा फरमान से उपभोक्ताओं में रोष पनपने लगा है और लोग बैंक प्रबंधन से ऐसे फरमानों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
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हमीरपुर जिला के सीमावर्ती कांगड़ा सहकारी बैंक की लदरौर शाखा ने बिलासपुर जिला के घंडालवीं के कारोबारियों व लोगों को बैंकिंग सुविधाएं देने से मनाही कर दी है। बैंक प्रबंधन (Bank Management) ने बैंक के ऐसे खाताधारकों को बैंकिंग योजनाओं का लाभ देने से इन्कार कर दिया है जो बैंक के पंद्रह-बीस वर्षों से अधिक से खाताधारक हैं। बड़ी बात तो यह है कि लदरौर और घंडालवीं कस्बे भले ही दो अलग-अलग जिलों में स्थित हैं लेकिन दोनों कस्बे इतने जुड़े हुए हैं कि कारोबारियों ने जो व्यापार मंडल गठित किया है उसका नाम ही व्यापार मंडल लदरौर-घडालवीं है। घंडालवीं क्षेत्र में काम करने वाले हर कारोबारी का खाता कांगड़ा सहकारी बैंक की लदरौर शाखा में है।

व्यापार मंडल के प्रधान सुनील कुमार बिष्ट, उप प्रधान संजीव, सचिव रविंद्र सोनी, सचिव सुभाष चंद, कारोबारी मलकीयत िसह सहित कई लोगों ने बताया कि वह वर्षों से बैंक में अपना खाता चला रहे हैं। लाखों का लेनदेन खातों में प्रतिवर्ष करते हैं, लेकिन अब बैंक ने हमें जरूरत पडऩे पर बैकिंग सुविधाओं एजुकेशन लोन, कृषि ऋण व गृह ऋण की सुविधाएं देने से यह कहकर इन्कार कर दिया कि आप दूसरे जिला से संबंधित हैं आपको यहां पर कर्ज नहीं मिलेगा। उन्होंने कहाकि हम वर्षों से इस बैंक में लेनदेन कर रहे हैं। केवल इसी बैंक में हमारा खाता है हम लोग कहां जाएं। दूसरा बैंक हमें सीधे जाकर कर्ज कैसे दे देगा। ऐसे में हमीरपुर जिला की सीमा के साथ लगते बिलासपुर जिला के लोगों ने केसीसीबी के प्रबंधन से आग्रह किया है कि नए फरमान को वापस लिया जाए और उन्हें पहले की ही तरह बैंकिंग सुविधा जारी रखने के आदेश पारित किया जाएं।
मेरे संज्ञान में नहीं है मामला, सोमवार को करेंगे कार्रवाई : भारद्वाज
उधर इस बारे में कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष राजीव भारद्वाज (Rajeev Bhardwaj) ने बताया कि ऐसा निर्णय ना तो बोर्ड की बैठक में हुआ है और ना ही मुझे किसी ऐसे निर्देश के बारे में जानकारी है। आप ने मामला संज्ञान में लाया हैए रविवार को छुट्टी है। सोमवार को जब बैंक खुलेगा तो इस सारे मामले में जानकारी ली जाएगी और कानून के दायरे में जो भी संभव हो सकेगा किया जाएगा।
क्या है कानूनी पक्ष
एडवोकेट रोहित शर्मा से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों का गठन सहकारिता अधिनियम के तहत गठित किया गया है। इस अधिनियम में कोपरेटिव सोसायटी और कोपरेटिव बैंकों के कार्य करने का क्षेत्र परिभाषित किया गया गया है। कानून में यह कहा गया है कि सहकारिता अधिनियम के तहत गठित अदारे अपने कार्यक्षेत्र के बाहर किसी भी प्रकार की सेवाएं देने के लिए अधिकृत नहीं हैं, जिसके कारण अगर केसीसीबी ने लदरौर शाखा से घंडालवीं क्षेत्र के लोगों को बैंकिंग सुविधा देने से इन्कार किया है तो यह किसी भी नजरिए से गलत नहीं है।
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