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आंखों में आंसू लिए Obama परंपरा तोड़ Trump प्रशासन पर बरसे, Corona से निपटने के तौर-तरीकों की आलोचना

आंखों में आंसू लिए Obama परंपरा तोड़ Trump प्रशासन पर बरसे, Corona से निपटने के तौर-तरीकों की आलोचना

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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति (Former president of america) बराक ओबामा ने परंपरा को तोड़ते हुए कोविड-19 (Covid-19) की महामारी से निपटने में ट्रंप प्रशासन (Trump administration) के तौर तरीक़ों की कड़ी आलोचना की है। ओबामा ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के कई अधिकारी तो ढोंग करने के बहाने भी ज़िम्मेदारी उठाते हुए नहीं दिखे। पूर्व राष्ट्रपति ओबामा कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले ब्लैक स्टूडेंट्स के दीक्षांत समारोह को ऑनलाइन संबोधित कर रहे थे। इस बारे में बात करते वक्त बराक ओबामा की आंखों में आंसू आ गए। ओबामा ने जॉर्जिया में मारे गए अश्वेत लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि इससे पता चलता है कि अमेरिका में अब भी कितना भेदभाव है।

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जो देश चला रहे, वो ये नहीं जानते कि क्या कर रहे हैं

ट्रंप का नाम नहीं लिया लेकिन उनका इशारा साफ था। ओबामा ने कहा कि इस महामारी ने ये बता दिया है कि जो भी लोग देश को चला रहे हैं, वो ये नहीं जानते कि वो क्या कर रहे हैं, कई लोग तो ऐसे भी हैं, जो कोई जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते। ओबामा ने छात्रों को नेतृत्व संभालने के लिए तैयार रहने को कहा, उन्होंने कहा कि अगर ये दुनिया बेहतर हो सकती है तो इसे सिर्फ आप बेहतर बना सकते हैं। इस दौरान अमेरिका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति रहे बराक ओबामा (Barack Obama) ने चर्चित अहमुद अर्बरी मामले का भी जिक्र किया। जॉर्जिया में एक अश्वेत नागरिक (Black citizen in georgia) की शूटिंग के दौरान मारा गया। अश्वेत नागरिक के मारे जाने का वीडियो वायरल हो चुका है, जिसको लेकर ट्रंप प्रशासन की आलोचना की जा रही है।

 

पद छोड़ने के बाद से सार्वजनिक तौर पर पहला बयान

अमेरिकी स्वास्थ्य व्यवस्था में नस्लीय गैर-बराबरी (Racial equality) पर ओबामा ने कहा, इस तरह की बीमारी पहले से मौजूद असमानता को उजागर कर देती है, इस देश में काले लोगों को ऐतिहासिक रूप से जिन हालात का सामना करना पड़ता है, उसका बोझ अलग से है। उन्होंने कहा, कोविड-19 की महामारी का हमारे समुदाय पर ज़्यादा असर पड़ रहा है, हम इसे इसी तरह से देखते हैं, ठीक इसी तरह से हम देखते हैं कि एक काला आदमी सुबह जॉगिंग पर जाता है और कुछ लोग सोचते हैं कि वे उसे रोक सकते हैं, सवाल पूछ सकते हैं और जवाब ना मिलने की सूरत में उसे गोली मार सकते हैं। वर्ष 2017 में पद छोड़ने के बाद से बराक ओबामा ने सार्वजनिक तौर पर शायद ही कोई बयान दिया हो।

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