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बौखलाया पाक,शिमला समझौता किया सस्पेंड, बोला-सिंधु जल रोकना जंग जैसा
Shimla Agreement : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद भारत ने पाकिस्तान को लेकर कड़े फैसले लिए तो बौखलाहट में पाक ने बैठक बुलाकर भारत के साथ सभी द्विपक्षीय समझौतों को स्थगित कर दिया है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान (Pakistan) ने 1972 का ऐतिहासिक शिमला समझौता भी रद्द कर दिया है। यह निर्णय पाकिस्तान की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता वहां के पीएम शहबाज शरीफ (PM Shehbaz Sharif) ने की। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की
आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया
पीएम शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई बैठक में पाकिस्तान ने भारत को चेतावनी दी है कि अगर भारत ने सिंधु जल समझौता(Indus Water Treaty) रोका, तो इसे एक्ट ऑफ वॉर (Act of War)यानी युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। पाकिस्तान की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे का सभी क्षेत्रों में मजबूती से जवाब दिया जाएगा। हम किसी भी आतंकवादी गतिविधि की निंदा करते हैं। इतना ही हीं पाकिस्तान ने भारत पर पाकिस्तान के अंदर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि कश्मीर पर अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का पालन नहीं कर रहा है।
https://twitter.com/BSF_Punjab/status/1915359994398061021
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पंजाब में पंजाब के अटारी, हुसैनीवाला और सादकी में रिट्रीट समारोह के दौरान औपचारिक प्रदर्शन को कम करने का एक सुनियोजित निर्णय लिया गया है। भारतीय गार्ड कमांडर अपने समकक्ष गार्ड कमांडर से प्रतीकात्मक हाथ नहीं मिलाएंगे साथ ही समारोह के दौरान गेट बंद रहेंगे। बॉर्डर पर सूर्यास्त से पहले हर दिन बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी होती है, जिसमें भारत और पाकिस्तान के सैनिक नाटकीय अंदाज में अपने.अपने देश के झंडे उतारते हैं।
क्या है शिमला समझौता?
भारत और पाकिस्तान (India and Pakistan)के बीच शिमला समझौता (Shimla Agreement) 2 जुलाई 1972 को हुआ था। इस द्विपक्षीय समझौते पर भारत की तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति (बाद में प्रधानमंत्री बने) जुल्फिकार अली भुट्टो ने साइन किए थे।

यह समझौता 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद हुआ था। इस युद्ध में पाकिस्तान को हार का सामना करना पड़ा था और उसके 90,000 से ज्यादा सैनिक भारत के कब्जे में थे। इस समझौते के अनुसार भारत और पाकिस्तान अपने मतभेदों को शांतिपूर्ण तरीके से हल करेंगे। दोनों देश किसी भी विवाद को द्विपक्षीय वार्ता के जरिए सुलझाएंगे, ना कि बल प्रयोग या युद्ध के जरिए।
युद्ध के बाद जो नियंत्रण रेखा बनी, उसे दोनों पक्षों ने मान्यता दी और किसी भी प्रकार की एकतरफा कार्रवाई नहीं करने पर समझौता हुआ।
भारत ने पकड़े गए पाकिस्तानी सैनिकों को मानवता के आधार पर रिहा करने की बात मानी। इस समझौते के तहत ये तय हुआ कि भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर सहित सभी मुद्दे सिर्फ आपसी बातचीत से सुलझाए जाएंगे, न कि अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता से।
-पंकज शर्मा
